लता मंगेशकर ने पीढ़ी दर पीढ़ी अपने गानों से लोगों को एंटरटेन किया है. लगभग 7 दशक से भी ज्यादा लंबा करियर और ना जाने कितने गाने. इसमें कोई संदेह नहीं है कि लता जी ने संगीत को नई ऊंचाइयां दी थी. लता मंगेशकर की यूं तो इंडस्ट्री में सभी के साथ शानदार बॉन्डिंग रही मगर बॉलीवुड के ट्रैजेडी किंग दिलीप कुमार के साथ उनका गहरा नाता था. दोनों ही ने इंडस्ट्री में काफी समय तक साथ काम किया था.
एक पुराने इंटरव्यू के दौरान लता ने वो किस्सा साझा किया था जब पहली दफा उनकी मुलाकात दिलीप साहब से हुई थी और कई मायनों में ये मुलाकात लता के लिए काफी फायदेमंद भी साबित हुई थी.
लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दें
लता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिलीप कुमार से ट्रेन में उनकी पहली मुलाकात हुई थी. उस समय सभी ट्रेन से सफर किया करते थे. अनिल विश्वास, लता और दिलीप साहब एक दफा ट्रेन में सफर कर रहे थे. इस दौरान अनिल विश्वास जी ने लता का परिचय यूसुफ साहब (दिलीप कुमार) से करवाया और कहा कि ये लड़की बहुत अच्छा गाती है. दिलीप ने पूछा कहां से हैं, तो अनिल ने बताया महाराष्ट्रियन है. इसके बाद दिलीप साहब ने तुरंत पूछा कि फिर इनके तलफ्फुस कैसे होंगे. मैंने भी इस बात पर गौर किया. इसके बाद घर आकर मैं शफी भाई से मिली और कहा कि मुझे उर्दू पढ़ने का शौक है, मैं सीखना चाहती हूं, क्योंकि आगे ऐसे गाने आएंगे जिसमें उर्दू की जरूरत होगी. लता ने इसके बाद रियाज की और अपना तलफ्फुज सुधारा.
दिलीप कुमार की छोटी बहन की तरह थीं लता
बता दें कि दिलीप कुमार, लता मंगेशकर को अपनी छोटी बहन मानते थे और उनकी गायकी का भरपूर सम्मान करते थे. दोनों ने लगभग साथ में ही अपना करियर शुरू किया था. ने दिलीप कुमार की कई सारी फिल्मों में गाने गाए. इसमें मधुमती, नया दौर, गोपी और मुग्ले-आजम जैसी फिल्में शामिल हैं.