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जब मनोज कुमार ने खुद को बताया था बेहतर, बोले- मैंने 35 फिल्में...

सुभाष के झा संग बातचीत में मनोज कुमार ने कहा था कि वो बाकी के एक्टर्स की तरह लालची नहीं रहे. उन्होंने कहा- मैं कभी फिल्मों के मामले में लालची नहीं रहा. बतौर एक्टर भी नहीं. मेरे साथ के धर्मेंद्र और शशि कपूर ने करीब 300 फिल्में कीं, लेकिन मैंने अपने करियर में 35 फिल्में लगभग की, जिनमें मैंने जान झोंक दी थी. 

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शशि कपूर, मनोज कुमार, धर्मेंद्र
शशि कपूर, मनोज कुमार, धर्मेंद्र

बॉलीवुड ने 80-90 के दशक में कई सुपरस्टार्स को देखा. इसमें अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, धर्मेंद्र, राज कपूर और श्रीदेवी तक का नाम शामिल है. मेहनत और फेम के अलावा जो एक चीज इन सबमें कॉमन रही वो है इन सभी का कम से कम 100-200 फिल्मों में काम करना. इंडस्ट्री के लिए आज एक दुखद दिन साबित हुआ. वेतरन एक्टर मनोज कुमार का निधन हो गया है. अपने जमाने के ये वो स्टार रहे, जिन्होंने बहुत कम फिल्मों में काम किया और इन्हीं से दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ी. 

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फैन्स कई बार इनकी फिल्म के रिलीज होने का महीनों इंतजार करते थे. ज्यादातर फिल्में कमर्शियली सक्सेसफुल भी रहीं. एक इंटरव्यू में कम फिल्में करने को लेकर मनोज कुमार ने अपनी राय रखी थी. साथ ही दोस्त धर्मेंद्र और शशि कपूर को लेकर दो टूक बात कही थी. 

मनोज कुमार ने खुद को बताया था बेहतर
मनोज कुमार ने कभी कोई ट्रेंड फॉलो नहीं किया. बल्कि बनाया है. देशभक्ति की ज्यादातर फिल्में कीं. स्टोरीटेलिंग पर इनका ज्यादा फोकस रहता था. मनोरंजन की दुनिया में जो योगदान मनोज का रहा वो अद्भुत रहा है. मनोज कुमार ने करीब 80 फिल्में कीं, जिनमें से शुरुआती करियर में इन्होंने काफी ब्रीफ रोल्स किए. 

सुभाष के झा संग बातचीत में मनोज कुमार ने कहा था कि वो बाकी के एक्टर्स की तरह लालची नहीं रहे. उन्होंने कहा- मैं कभी फिल्मों के मामले में लालची नहीं रहा. बतौर एक्टर भी नहीं. मेरे साथ के धर्मेंद्र और शशि कपूर ने करीब 300 फिल्में कीं, लेकिन मैंने अपने करियर में 35 फिल्में लगभग की, जिनमें मैंने जान झोंक दी थी. 

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मनोज कुमार ने 80 के दशक के आखिर में फिल्मों में आना कम कर दिया था, क्योंकि उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही थीं. फ्लॉप फिल्मों में 'क्लर्क', 'संतोष' और 'कलयुग और रामायण' शामिल रहीं. साल 1995 में मनोज को आखिरी बार पर्दे पर देखा गया. फिल्म का नाम था 'मैदान-ए-जंग'. इसके बाद उन्होंने अपने एक्टिंग करियर को अलविदा कह दिया था. साल 1999 में चार साल बाद मनोज ने डायरेक्शन में कदम रखा. 'जय हिंद' फिल्म इन्होंने बनाई. 40 साल के करियर में मनोज ने दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ी. 
 

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