नमाशी चक्रवर्ती ने बाकि स्टारकिड्स से इतर बहुत ही साधारण तरीके से डेब्यू किया था. नमाशी ने तो ऑडिशन के दौरान भी अपने स्टारकिड की पहचान छुपाकर रखी थी. हालांकि उनकी फिल्म 'बैड बॉय' रिलीज होने के बाद अब उनकी पहचान किसी से छिपी नहीं है. स्टारकिड होने के फायदे और नुकसान पर नमाशी हमसे दिल खोलकर बात करते हैं.
सोशल मीडिया पर नमाशी अपने व्यूज को लेकर हमेशा से वोकल रहे हैं. हाल ही में कॉफी विद करण के शो को लेकर भी नमाशी ने तंज कसा था. इस पर नमाशी कहते हैं, 'मैं सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी ओपिनियन को लेकर बहुत ही वोकल रहा हूं. मैं अपने देश से बहुत प्यार करता हूं, कुछ चीजें जो मुझे पसंद नहीं आती हैं, तो मैं अपनी बात रखने में थोड़ा भी नहीं हिचकता हूं. मैं हमेशा से बेबाक रहा हूं, मैं मानता हूं कि आपका ओपिनियन होना जरूरी है. सेलिब्रिटी होने के नाते भी आपको और आगे आकर ओपनियन देनी चाहिए, क्योंकि लोग आपको फॉलो करते हैं और बदलाव की उम्मीद जगती है. हां, मुझे बिना वजह होने वाले बकवास से एतराज है. अगर आपको कोई बात खटक रही है, तो आपका पूरा अधिकार है कि इस डेमोक्रेटिक देश में अपनी बात को रख सकते हैं.'
कई स्टार किड मेरे दोस्त हैं
बॉलीवुड इंडस्ट्री में किसी स्टारकिड को वो अपना दोस्त मानते हैं. इसके जवाब में नमाशी कहते हैं,'अभिमन्यू, वरदान, प्रनुतन, अनन्या, टाइगर, ईशान खट्टर जैसे नाम है, जिनसे इंडस्ट्री में दोस्ती है. मैं ईशान खट्टर के काम को बहुत पसंद करता हूं. मेरे हिसाब से आज के दौर का वो सबसे टैलेंटेड एक्टर है. उसमें बहुत क्षमताएं हैं, लेकिन हैरानी है कि वो ज्यादा काम क्यों नहीं कर रहा है. लड़कियों में प्रनुतन का काम पसंद है, वो बहुत ही अंडर रेटेड हैं, उन्हें वो मीडिया अटेंशन नहीं मिला है, लेकिन वो टैलेंट का खजाना है.'
मेरे लिए स्टारडम के मायने तो सोशल मीडिया कतई नहीं
फिल्मों के रिव्यू और सोशल मीडिया की ट्रोलिंग पर कैसे रिएक्ट करते हैं. जवाब में नमाशी कहते हैं, ये हर फिल्म के साथ होता है. हर कोई आपको पसंद करेगा, ये जरूरी नहीं है. बैड बॉय के वक्त भी मुझे मिक्स रिव्यूज मिले थे. मुझे 10 से 6 लोगों ने पसंद किया था. मैं सोचता हूं कि पॉजिटिव रिव्यूज थे, वो इतने अच्छे थे कि मैं निगेटिव रिव्यू को इतना पर्सनली नहीं ले पाया था. रही बात ट्रोलिंग पर, तो आप एक पब्लिक फिगर हैं और खासकर आप किसी लिगेसी को रिप्रेजेंट कर रहे हैं, तो आपको ओपिनियन के लिए रेडी होना ही पड़ता है. बड़े से बड़े स्टार्स को भी ट्रोल किया जाता रहा है. सोशल मीडिया एक ऐसा प्लैटफॉर्म बन चुका है, जहां आपका फ्रस्ट्रेशन निकालना आसान है. मैं इसलिए कभी ट्रोल्स को कभी सीरियसली नहीं लेता हूं. मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि मुझे क्रिटिक्स से डर लगता है, लेकिन कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म को तवज्जों देता हूं. मैं ट्रोल्स को इतना अटेंशन नहीं देता हूं. मैं समझता हूं कि बिना आपका काम देखे लोग आपको गाली दे रहे हैं, तो ऐसे में इन लोगों से क्या ही कहा जाए. इंस्टाग्राम में होने वाले स्टारडम से मैं कभी इत्तेफाक नहीं रखता हूं. मेरे लिए स्टारडम का मतलब पठान, गदर-2... या खुद मेरे पापा हैं.
मुझे फिल्म से निकाल दिया गया
क्या कभी स्टारकिड रिप्लेस होता है. इसके जवाब में नमाशी कहते हैं, 'मेरे साथ हुआ है. वो फिल्म अभी रिलीज हो चुकी है. अच्छी खासी मल्टीस्टारर फिल्म थी. सबकुछ अच्छा जा रहा था और अचानक से मेकर्स वालों ने मुझे जवाब देना बंद कर दिया. एक तरह से कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे घोस्ट कर दिया था. उनको पता था कि मैं किसका बेटा हूं. ऐसा नहीं था कि वो मेरे बारे में नहीं जानते थे. देखिए, मैं यही समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि बाहर से आपको बेशक लगे कि स्टारकिड्स वर्सेज आउटसाइडर की लड़ाई हो, लेकिन स्ट्रगल हर तरफ है. मैं आपको फर्स्ट हैंड बता सकता हूं कि हर वो स्टारकिड्स के पास लग्जरी नहीं है, कि उसे एक मीटिंग से ही फिल्म मिल जाए. इस बात में कोई बुराई भी नहीं है, सबको अपने दमपर मेहनत करनी चाहिए. सिर्फ आउटसाइडर ही रिप्लेस नहीं होते हैं, लास्ट मोमंट पर स्टारकिड रिप्लेस होते हैं.'