बॉलीवुड में हर साल कई कलाकार अपनी किस्मत आजमाते हैं. कई हीरो बनते हैं तो कई सपोर्टिंग रोल्स में नजर आते हैं. हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे साइड एक्टर्स हैं, जो सालों से बढ़िया रोल निभाते आ रहे हैं. इन्हीं में से एक रहे हैं मुश्ताक काक. मुश्ताक काक को आप भले ही नाम से नहीं जानते होंगे, लेकिन उनके चेहरे को देखकर आप जरूर ये सोचते होंगे कि इन्हें मैंने कहीं तो देखा है.
मुश्ताक काक एक कश्मीरी एक्टर थे. श्रीनगर के रहने वाले मुश्ताक का जन्म 1961 को हुआ था. उन्होंने सालों थिएटर में काम किया. लगभग 100 से ज्यादा थिएटर नाटकों का निर्देशन करने वाले मुश्ताक काक की खास बात ये थी कि वो कई बॉलीवुड फिल्मों में पाकिस्तानी शख्स, मुजाहिदीन के लीडर और आंतकवादी का रोल निभाते नजर आते थे. अब ऋतिक रोशन की फिल्म 'फाइटर' में भी उन्हें ऐसे ही एक रोल में देखा गया है.
फाइटर में दिखे मुश्ताक काक
डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद की बनाई 'फाइटर', भारतीय एयर फोर्स के फाइटर पायलट्स की कहानी है. इसमें ऋतिक रोशन, दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, करण सिंह ग्रोवर और अक्षय ओबेरॉय संग अन्य एक्टर्स ने काम किया है. फिल्म में मुश्ताक काक को एक आतांवादी के रोल में देखा जा सकता है, जो पाकिस्तानी जनरल और आईएसआई के लीडर से फिल्म के विलेन अजहर अख्तर को मिलवाते हैं. यही छोटा-सा रोल उनके करियर का आखिरी रोल था. 19 नवंबर 2023 को 62 साल की उम्र में मुश्ताक काक निधन हो गया था.
बॉलीवुड की फिल्मों में किया काम
'फाइटर' से पहले मुश्ताक काक को कंगना रनौत की फिल्म 'तेजस' में भी आंतकवादी लीडर की भूमिका निभाते देखा गया था. इसके अलावा उन्होंने सनी देओल की 2023 में आई हिट फिल्म 'गदर 2' में कुर्बान खान का रोल निभाया था, जो तारा सिंह की बहू मुस्कान के पिता होते हैं. पाकिस्तानी आर्मी के खास होने के चलते कुर्बान खान का जेल में आना-जाना होता है. अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी', जॉन अब्राहम की रोमियो, अकबर वॉल्टर और मनोज बाजपेयी की सीरीज 'द फैमिली मैन' में भी मुश्ताक काक ने छोटे मगर अहम रोल निभाए थे.
साल 2007 से लेकर 2024 तक उन्होंने बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों में काम किया. यहां तक कि कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' और 'विश्वरूपम 2' में भी मुश्ताक काक अहम रोल निभाते दिखे थे. उन्हें 'हाइजैक', 'ढिशूम' और 'एमएस धोनी: एन अनटोल्ड स्टोरी' में भी देखा गया था.
बॉलीवुड के अलावा मुश्ताक काक थिएटर से जुड़े हुए थे. श्री राम सेंटर से वो बतौर आर्टिस्टिक डायरेक्टर जुड़े थे. अपने थिएटर प्ले अंधा युग, मलिका और प्रतिबिंब के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था. इतना ही नहीं, साल 2015 में उन्होंने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी जीता था. उनके नाटक महा ब्राह्मण और अलदाद को साल 1999 और 2000 के बेस्ट नाटक बताया गया था. अपने करियर में उन्होंने अलग-अलग राइटर्स के 100 से ज्यादा थिएटर प्ले का निर्देशन किया. इसमें नगर उदास, गधे की वापसी और कस्तूरी मुर्ग शामिल थे.
कैंसर से लड़ रहे थे जंग
19 नवंबर 2023 में मुश्ताक काक ने दुनिया को अलविदा कह दिया था. उनकी उम्र 62 साल थी और वो बीते एक साल से कैंसर से जंग लड़ रहे थे. उनकी बेटी इफरा काक ने उनकी निधन की खबर की पुष्टि की थी और बताया था कि एक्टर ने अपने घर पर अंतिम सांस ली थी. मुश्ताक काक के जाने से बॉलीवुड और थिएटर की दुनिया ने काफी बढ़िया कलाकार को खो दिया है.