कोरोना वायरस महामारी के चलते सोशल डिस्टैंसिंग जैसे कॉन्सेप्ट्स चलन में आए हैं और इसके चलते कम से कम लोग शूटिंग पर दिखाई दे रहे हैं. कुछ समय पहले सलमान खान और जैकलीन फर्नांडीज ने भी बेहद कम लोगों के साथ सॉन्ग शूट किया था. सलमान और जैकलीन ने माना था कि उन्हें एहसास नहीं था कि तकनीक के चलते इतने कम क्रू के साथ शूटिंग करना मुमकिन हो पाएगा. वही इस मामले में नसीरुद्दीन शाह ने भी बयान दिया है.
नसीरुद्दीन शाह ने मिड-डे के साथ बातचीत में कहा, अब ये काफी अलग होगा. लेकिन क्या लंबे समय तक चलेगा? मुझे हमेशा से यही लगा है कि फिल्म सेट्स पर बहुत सारे लोग होते हैं और उनमें से ज्यादातर कुछ नहीं कर रहे होते हैं. अब शूटिंग ज्यादा फोक्सड तरीके से और आर्थिक रूप से भी बेहतर होगी. नसीर ने ये भी कहा कि वे 25 अगस्त को निखिल आडवाणी की फिल्म कौन बनेगा शेखावति के शूट के लिए राजस्थान जा रहे हैं.
नसीर शाह ने इसके अलावा ये भी कहा था कि इस लॉकडाउन ने कई यंग फिल्ममेकर्स को प्रेरित किया है जिसके चलते वे कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. ये फिल्ममेकर्स उन प्रोड्यूसर्स की परवाह भी नहीं कर रहे हैं जो फिल्ममेकर्स के क्रिएटिव प्रोसेस में बाधा डालते हुए अक्सर ऐसे एक्टर्स को अपनी फिल्मों में चुनते हैं जिनकी मार्केट में स्टार वैल्यू काफी ज्यादा होती है.नसीरुद्दीन ने कहा कि मैं भविष्य को लेकर आशावादी हूं और मैं उम्मीद कर रहा हूं कि 500 करोड़ बजट और प्रॉफिट जैसी चीजों को पीछे छोड़कर हम अच्छे सिनेमा की बेहतरी को लेकर काम करेंगे.
नेपोटिज्म को लेकर चल रही बहस बकवास है: नसीरुद्दीन शाह
नसीरुद्दीन के बेटे विवान और इमाद भी एक्टर्स हैं. हालांकि वे नेपोटिज्म को लेकर चल रही हालिया बहस को बेफिजूल का मानते हैं. उन्होंने कहा था कि मुझे ये इनसाइडर-आउटसाइडर बहस समझ नहीं आती. मुझे लगता है कि ये बकवास है और इसे बंद किया जाना चाहिए. बता दें कि नसीर हाल ही में एमेजॉन प्राइम वीडियो सीरीज बंदिश बैंडिट्स और जी5 की फिल्म मी रक्सम में नजर आए थे.