पिछले कुछ सालों में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी एक्टिंग से लोगों को हैरान कर दिया है. सीरियस कंटेंट वाली फिल्में हों या फिर बॉलीवुड की टिपिकल मसाला फिल्में, नवाजुद्दीन को लोगों ने हर तरह के रोल में देखा और खूब सराहा. लेकिन यहां तक पहुंचने में उन्होंने जो कुछ झेला उसकी कहानी नवाजुद्दीन ने एजेंडा आजतक 2022 के मंच पर शेयर कीं.
बीते सालों में फिल्म इंडस्ट्री के सबसे दमदार एक्टर्स में गिने जाने वाले नवाजुद्दीन ने बताया कि खाली जेब वाला उनका ये दौर किस तरह बीता करता था. एक दिक्कत ये भी थी कि कभी कभी जो लोग मदद करते वो इसके बदले में कुछ चाहते. नवाजुद्दीन ने बताया कि एक बार उनके एक सीनियर ने उन्हें रहने की जगह इस शर्त पर दी कि वो खाना बना दिया करेंगे. लेकिन बाद में उन्हें एह्साह हुआ कि वो खाना ही बनाते रह जा रहे हैं. और वो छोड़ कर चल दिए.
चौकीदारी करते हुए किया थिएटर
नवजुद्दीन ने उस दौर के बारे में भी बात की जब वो सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे. उन्होंने बताया कि खर्च चलाने के लिए कुछ न कुछ तो करना ही था तो वो नोएडा में एक जगह गार्ड की नौकरी करने लगे. नवाजुद्दीन ने कहा, '9 से 5 नौकरी करता और शाम को मंडी हाउस पहुंच जाता थिएटर करने.'
डेढ़ साल का कड़ा संघर्ष
नवाजुद्दीन ने कहा, 'हमारी जिंदगी पहले कौन सी अच्छी थी जो स्ट्रगल कठिन लगता.' यानी स्ट्रगल करना उनकी जिंदगी ही बन चुका था. लेकिन इसमें भी एक-डेढ़ साल का एक वक़्त ऐसा रहा जब उनका बैग कहीं और पड़ा होता था और वो खुद कहीं और होते. एक जगह शेव करते, दूसरी जगह नहाते, तो खाना कहीं तीसरी जगह होता.
नवाजुद्दीन ने कहा कि इन्हीं किस्मत से तो उन्हें ये स्ट्रगल ही मिला था. इसलिए वो किस्मत को कुछ नहीं मानते. उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर ही सब पाया और इसी को सबकुछ मानते हैं. नवाज की अगली फिल्म 'हड्डी' है जिसमें वो एक किन्नर का किरदार निभाते दिखेंगे.