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'पाताल लोक 2' के ट्रेलर में दिखे रहस्यमयी टैटू का राज... नागालैंड के खूनी खेल में फंसने वाला है 'हाथीराम'

ट्रेलर में कहानी तो बहुत सस्पेंस भरी नजर आ रही है, मगर कुछ सिनेमा लवर्स का ध्यान एक खास चीज पर अटक गया है. ट्रेलर में नजर आ रहीं तीन डेड बॉडीज की कलाई पर एक खास टैटू है. लोग दिमाग लगा रहे हैं कि ये टैटू आखिर है क्या और इसका कहानी से क्या कनेक्शन हो सकता है?

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'पाताल लोक 2' के टैटू का राज
'पाताल लोक 2' के टैटू का राज

जयदीप अहलावत एक बार फिर से 'पाताल लोक के परमानेंट निवासी' बनकर स्क्रीन पर लौटने जा रहे हैं. उनके अमेजन प्राइम शो 'पाताल लोक' का दूसरा सीजन 17 जनवरी को रिलीज होने के लिए तैयार है. शो का ट्रेलर सोमवार को आ गया है. 'पाताल लोक 2' के ट्रेलर में जयदीप अहलावत का लीडिंग किरदार हाथीराम चौधरी, एक नए केस में उलझने जा रहा है जो उसे ऐसे इलाके में ले जाएगा, जहां के खतरे का उसे अंदाजा भी नहीं है. 

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'पाताल लोक 2' के ट्रेलर में एक सीन (क्रेडिट: यूट्यूब / प्राइम वीडियो इंडिया)

ट्रेलर में कहानी तो बहुत सस्पेंस भरी नजर आ रही है, मगर कुछ सिनेमा लवर्स का ध्यान एक खास चीज पर अटक गया है. ट्रेलर में नजर आ रहीं तीन डेड बॉडीज की कलाई पर एक खास टैटू है. लोग दिमाग लगा रहे हैं कि ये टैटू आखिर है क्या और इसका कहानी से क्या कनेक्शन हो सकता है. आइए हम बताते हैं... 
 
क्या है ये टैटू?
'पाताल लोक 2' के ट्रेलर से प्लॉट ये समझ आ रहा है कि दिल्ली में, नागालैंड डेमोक्रेटिक फाउंडर नाम की पार्टी के लीडर, जोनाथन थॉम की हत्या हुई है. पहले सीजन में हाथीराम का जूनियर रहा इमरान अंसारी अब सीनियर ऑफिसर बन चुका है, यानी वो जिस एग्जाम की तैयारी कर रहा था वो क्लियर हो गया है. 

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अंसारी अपने पुराने साथी और अब जूनियर हाथीराम को थॉम की हत्या के इन्वेस्टिगेशन पर लगाता है. लेकिन इस हत्या के तार सीधा नागालैंड से जुड़े हैं और जांच के लिए हाथीराम को भी वहां जाना पड़ता है. लेकिन नागालैंड में तो अलग ही खूनी खेल चल रहा है. जिसे पूरी तरह शो में रिवील किया जाएगा. भागते हुए ट्रेलर में एक शॉट है, जिसमें तीन डेड बॉडीज की कलाई पर सेम टैटू है.

'पाताल लोक 2' के ट्रेलर में एक सीन (क्रेडिट: यूट्यूब / प्राइम वीडियो इंडिया)

ये रोमन में लिखा एक नंबर है- XV.XII.XCVII. रोमन समझने वाले जान गए होंगे कि ये एक तारीख है- 12.12.1997. अब सवाल ये है कि इस तारीख से 'पाताल लोक 2' के प्लॉट का क्या राज जुड़ा है?

दिसंबर 1997 का नागालैंड 
यहां ये याद रखना चाहिए कि ये टैटू एकसाथ कई लोगों के हाथों पर है और ट्रेलर में ये किरदार लगातार हिंसा करते नजर आ रहे हैं. यानी पूरा चांस है कि कहानी में ये किरदार, 15 दिसंबर 1997 को हुई किसी घटना का बदला लेना चाह रहे हैं और 'मकसद नहीं भूलना है' वाले स्टाइल में ये टैटू करवाया गया है. सवाल ये है कि क्या इतिहास, दिसंबर 1997 में किसी ऐसी घटना का जिक्र करता है जो एक बड़े शो में पॉलिटिकल या सोशल कनफ्लिक्ट डालने लायक प्लॉट बन सके? 

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'पाताल लोक 2' के ट्रेलर में एक सीन (क्रेडिट: यूट्यूब / प्राइम वीडियो इंडिया)

इसका जवाब थोड़ा लंबा है और ये छुपा है नागालैंड में लगातार जारी हिंसा को थोड़ा-थोड़ा समझ लेने में. 1947 में देश के आजाद होने से पहले, नागा हिल्स पर रहने वाले जनजातीय समूहों ने अपने-अपने लीडर चुनकर 'नागा क्लब' बनाया. इस क्लब ने ब्रिटिश सरकार के साइमन कमीशन (वही 'साइमन गो बैक' वाला साइमन कमीशन) को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उन्हें अपना भविष्य तय करने के लिए अकेला छोड़ दिया जाए. हालांकि ऐसा पूरी तरह नहीं हुआ और नागा हिल्स पर रहने वाले जनजातीय समूहों ने अंग्रेजों से हिंसक संघर्ष किए. 1947 में जब देश आजाद हुआ तो ये क्षेत्र असम राज्य का हिस्सा बना. 

लगातार हिंसा में उलझा नागालैंड
आजादी के ठीक बाद वाले दौर में नागा क्लब की जगह, एक नई संस्था नागा नेशनल काउंसिल ने ली, जिसका मकसद जाती हुई ब्रिटिश सत्ता और भारत सरकार से अपने हितों की मांग करना था. और जैसा उस समय देश के कई हिस्सों में हो रहा था, इनमें से एक धड़े ने अपना अलग नेशनलिस्ट मूवमेंट शुरू कर दिया जिसमें बहुत हिंसा हुई. आखिरकार भारत सरकार ने आर्मी भेजकर नागा हिल्स को, असम से अलग किया. 1960 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और नागा पीपल कन्वेंशन में बातचीत के बाद, नागालैंड राज्य अस्तित्व में आया. 

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नागा नेशनल काउंसिल ने 1975 में हिंसा छोड़कर, शिलोंग  में भारत सरकार के साथ शांति समझौता साइन कर लिया. लेकिन नागा नेशनल काउंसिल के कुछ लीडर इस शांति समझौते से सहमत नहीं थे और उन्होंने एक नया संगठन बना लिया- नागा सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (NSCN). इस संगठन ने एक नागा फेडरल गवर्नमेंट भी चलानी शुरू कर दी, जिसकी अपनी हथियारबंद सेना थी. 

1988 में नए संगठन में भी दो हिस्से हो गए- NSCN-IM और NSCM-K. जुलाई 1997 में भारत सरकार ने इनके साथ सीजफायर समझौते किए, जिसकी शर्तें दिसंबर में फाइनल हुईं. लेकिन NSCN-K ने समझौता तोड़ दिया. इसमें से एक हिस्सा NSCN-R 2015 में अलग हुआ है क्योंकि वो हिंसा का समर्थन नहीं करता.  

आजादी के बाद से ही नागा समूहों और कुकी समूहों के बीच भी हिंसा जारी है. 1997 में भी इन समूहों के बीच खूनी संघर्ष की कई घटनाएं हुई हैं. दूसरे छोटे गुटों के साथ भी नागा समूहों का संघर्ष चलता रहा है. 

वापस मुद्दे पर लौटते हैं
'पाताल लोक 2' की कहानी में जिस नागा लीडर जोनाथन थॉम की हत्या हुई है वो अपने लोगों के लिए आवाज उठाने वाला कोई लीडर था, ये उसकी पार्टी के नाम से साफ है. वो दिल्ली में था और ट्रेलर में एक स्टेट एम्बेसी का सीन भी दिखता है, यानी वो सरकार से डायरेक्ट हिंसा में उलझा व्यक्ति तो नहीं था. 

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'पाताल लोक 2' के ट्रेलर में एक सीन (क्रेडिट: यूट्यूब / प्राइम वीडियो इंडिया)

ट्रेलर में एक लड़की की फोटो नजर आती है, जिसे इस हत्या में 'वांटेड' लिखते हुए उसके फीचर्स नॉर्थ-ईस्ट वाले बताए गए हैं. यानी पूरा चांस है कि यहां दिसंबर 1997 में भारत से शांति समझौते के समय, NSCN से अलग हुए हिंसक धड़ों का एंगल हो सकता है. एक दूसरा चांस, कुकी-नागा संघर्ष वाला भी है, मगर इसके लिए जोनाथन थॉम को किसी 'डेमोक्रेटिक पार्टी' का लीडर दिखाने की जरूरत नहीं होती. यहां देखें 'पाताल लोक 2' का ट्रेलर:

असली प्लॉट क्या है, ये तो 17 जनवरी को ही समझ आएगा, जब शो रिलीज होगा. 'पाताल लोक 2' में जयदीप अहलावत के साथ गुल पनाग और इश्वाक सिंह तो हैं ही, जो पहले सीजन में भी थे. इस बार तिलोत्तमा शोम भी शो में महत्वूर्ण किरदार निभा रही हैं. 

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