पाकिस्तानी एक्टर अदनान सिद्दीकी अपने शो 'मेरे पास तुम हो' को लेकर सुर्खियों में हैं. शो जल्द ही जिंदगी चैनल पर आने जा रहा है. इसे लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. आजतक डिजिटल से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने शो और बॉलीवुड को लेकर बहुत सारी बातें शेयर कीं. उन्होंने सीमा हैदर मुद्दे पर भी बेबाकी से जवाब दिया.
शो 'मेरे पास तुम हो' में निगेटिव रोल करने के बाद डर नहीं लगता कि अब फैंस से काफी बातें सुनने को मिलेगी?
ये निगेटिव रोल नहीं है. मर्द कभी आगे नहीं बढ़ता, जब तक वहां से ग्रीन सिग्नल ना मिले. गुनाहगार हमेशा महिला भी होती है. 'मेरे पास तुम हो' कैरेटक्टर की बात ही ले लीजिए. एक महिला जो शादीशुदा है. वो रातोरात अमीर होना चाहती है. उसकी ये कमजोरी एक आदमी को पता लग जाती है. मैं जब भी कोई किरदार निभाता हूं, तो उसका एक सांचा बनाता हूं. जैसे अगर ये शहवाज था, तो किस किस्म का आदमी होगा. उसके माता-पिता कैसे होंगे. ये शिकार कैसे करता होगा. शहवाज की जिंदगी में बहुत सारी महिलाएं आई होंगी, लेकिन उसका दिल उस एक महिला पर टिक रह गया.
अभी जो शोज पाकिस्तान में बन रहे हैं. वो सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल होते हैं, क्या वजह है?
जिंदगी में हर चीज अच्छी नहीं मिल सकती है. दुनिया में अच्छी चीज है, तो बुरी चीजें भी हैं. अगर ऐसा नहीं होगा, तो इसकी बात कैसी होगी. पर हां अगर ऐसा है, तो इससे सीखना चाहिए. इसलिए मैंने चार साल में ऐसा कोई रोल नहीं किया, जो मैं पहले कर चुका हूं. मैं हमेशा बेहतर रोल की तलाश में रहता हूं. इसलिए बचा रहता हूं.
बॉलीवुड में आपने काम किया. पाकिस्तान और बॉलीवुड में काम करने के तरीके में क्या फर्क है?
मैं अगर इंडिया में जाना जाता हूं, तो इसका क्रेडिट जी जिंदगी को देना चाहूंगा. अगर आप फर्क पूछें, तो मैं कह सकता हूं कि बॉलीवुड मानी हुई और पुरानी इंडस्ट्री है. अगर साइज की बात करेंं, तो हम इसकी अपनी इंडस्ट्री की तुलना नहीं कर सकते हैं. पर अगर ड्रामे की बात करें, तो आपके ड्रामे ऑरेंज हैं और हमारे ड्रामे एप्पल.
इरफान से मुलाकात पर क्या कहना चाहेंगे?
मैं इरफान को बस एक चीज में हरा सका, वो है क्रिकेट. अदाकारी में उन्हें हराने का सवाल ही नहीं उठता. वो अपनी कला को दूसरे के साथ शेयर करते थे. ये वो आदमी कर सकता है, जो इनसिक्योर नहीं होता. मुझे लगता है कि वो मर्दों के शमिता पटेल थे. वो भी टीवी से आई थीं. ये भी टीवी से आए.
जब इरफान का इलाज चल रहा, तब आपकी बात हुई थी?
वो ज्यादा किसी से मिलते नहीं थे. वो फाइटर थे. वो जिंदादिल इंसान थे. बाबिल में इरफान खान का परछाई नजर आई आती है.
आपने श्रीदेवी जी के साथ Mom में काम किया, कहते हैं आपको जाह्नवी ने तलाश किया था?
मॉम मेरी तीसरी फिल्म थी. श्रीदेवी की 300 फिल्म होने जा रही थी. उन्होंने मुझे इज्जत दी. मेहमान की तरह वेलमक किया. सेट पर हर किसी ने वेलकम किया. मेरी दोस्ती भी हुई इन लोगों से. इससे पता चलता है कि इंसान कितना बड़ा है. मैंने जाह्नवी का काम भी देखा है. बहुत अच्छा लगता है उन्हें देखकर. मैंने फोन करके उनके काम की तारीफ भी की. वो अपनी मां की तरह अच्छा काम कर रही हैं. जब हम फिल्म कर रहे, तो जाह्नवी और खुशी दोनों सेट पर होती थीं. सेट पर मां-बेटी का बॉन्ड दिखता था.
आपको बॉलीवुड कलाकारों से नाराजगी है?
मैं जो भी कहता हूं. सच कहता हूं. इसलिए डरता भी नहीं हूं. हम वैसे बात नहीं करते हैं, जैसे आप बात कर रही हैं. ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में रहने वाला हर इंसान आंखों में काजल लगाता है. कुर्ते में रुमाल डाले रहता है. नाराजगी इस बात पर होती है जब पाकिस्तान को हिंदी फिल्मों में कॉमेडी की तरह दिखाया जाता है.
प्रियंका पर नाराजगी जाहिर की थी
पुरानी बात हो गई. अब छोड़िए. मैंने इतना कहा था कि आपने एशियन क्यों लिखा. पाकिस्तान क्यों नहीं लिखा. जब हम कह सकते हैं कि अमिताभ बच्चन हिंदुस्तान के बेहतरीन एक्टर हैं, तो आप ये क्यों नहीं लिख सकती हैं कि अवॉर्ड जीतने वाली पाकिस्तानी डायरेक्टर है.
सीमा हैदर के मुद्दे पर क्या कहेंगे?
ना मैं उन्हें जानता हूं. ना जानना चाहता हूं. मेरा काम मोहब्बत बांटना है. वो मैं कर रहा हूं.
अपकमिंग शो के बारे में बताएं
मैं शो कर रहा हूं, जिसका नाम है 'तेरे खुशबू में बसे खत'. बड़ा खूबसूरत सीरियल है, जिसमें मैं शायर का रोल करने जा रहूं. शायर शादीशुदा है. बीवी भी है. पर वो अपने आप से मोहब्बत करता है. आप इसे नवंबर से देख सकते हैं. शो की शूटिंग शुरू होने वाली है.