scorecardresearch
 

जो लोग पीठ पीछे पॉलिटिक्स करते हैं वो डरपोक होते हैं, 'पंचायत 3' के विधायक ने पंकज त्रिपाठी पर साधा निशाना

पंकज ने एक नए इंटरव्यू में कहा कि कुछ एक्टर, 'दूसरे एक्टर की चप्पल चुराने' के अपने स्ट्रगल को ग्लैमराइज करना एन्जॉय करते हैं. ये उस घटना की तरफ इशारा है जब पंकज त्रिपाठी ने, पटना में शूट करने आए मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी.

Advertisement
X
पंकज त्रिपाठी, पंकज झा
पंकज त्रिपाठी, पंकज झा

'पंचायत 3' में विधायक का रोल निभाने वाले एक्टर पंकज झा का काम भी काफी पसंद किया जा रहा है. पंकज का निभाया ये किरदार कहानी में एक अनोखे अंदाज वाला विलेन है, जिसके साथ खुद कॉमेडी भरी ट्रेजेडी हो गई है. 

Advertisement

शो के मुख्य किरदारों में नजर आ रहे एक्टर्स रघुबीर यादव, नीना गुप्ता, जितेंद्र कुमार और फैजल मलिक के साथ-साथ पंकज झा का काम भी सराहा जा रहा है. अब पंकज ने 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को लेकर डायरेक्टर अनुराग कश्यप और एक्टर पंकज त्रिपाठी पर निशाना साधा है. 

रिपोर्ट्स बताती हैं कि पंकज झा को 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में सुल्तान कुरैशी का किरदार ऑफर किया गया था. पंकज के साथ 'ब्लैक फ्राइडे' और 'गुलाल' में काम कर चुके अनुराग कश्यप ने उन्हें वो किरदार ऑफर किया था, जो बाद में पंकज त्रिपाठी ने निभाया. 

पंकज ने की पीठ पीछे पॉलिटिक्स की बात 
पंकज ने एक नए इंटरव्यू में कहा कि कुछ एक्टर, 'दूसरे एक्टर की चप्पल चुराने' के अपने स्ट्रगल को ग्लैमराइज करना एन्जॉय करते हैं. ये उस घटना की तरफ इशारा है जब पंकज त्रिपाठी ने, पटना में शूट करने आए मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी. त्रिपाठी ने खुद भी ये किस्सा कई बार सुनाया है. पंकज झा ने उन लोगों की आलोचना की जो पीठ पीछे पॉलिटिक्स करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि वो ऐसी चीजों से टूटने वाले नहीं हैं. 

Advertisement

पंकज झा ने डिजिटल कमेंट्री के साथ एक इंटरव्यू में कहा, 'मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मेरी पीठ पीछे क्या हो रहा है. ये सब करने वाला जीतेगा तभी, जब मुझे कोई नुकसान होगा. जो लोग पीठ पीछे पॉलिटिक्स करते हैं वो डरपोक होते हैं, है ना! वरना वो सीधा सामने से बात कर सकते थे.' 

'डायरेक्टर्स को बनाने वाला एक्टर'
पंकज ने खुद को डायरेक्टर मेकिंग एक्टर बताते हुए, व्यंग्य भरी मुस्कान के साथ अनुराग कश्यप पर भी निशाना साधा, ''सत्या' और 'गुलाल' जैसी फिल्में जहां एक्टर्स बनाती हैं, वहीं डायरेक्टर्स भी बनाती हैं. लेकिन यहां इतने डरपोक और रीढ़-विहीन लोग हैं जो अपनी जुबान पर टिके नहीं रह सकते.' उन्होंने आगे कहा, 'बाद में मुझे पता चला कि डायरेक्टर खुद बुरी हालत में थे, कोई काम नहीं मिल रहा था और एक प्रोजेक्ट पर 36 अलग-अलग काम कर रहे थे.' 

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के समय जो हुआ था, वो बताते हुए पंकज झा ने कहा, 'मैं एक फिल्म के शूट के लिए पटना गया हुआ था. वहां मुझे उनका (अनुराग का) मैसेज मिला कि आ जाओ. मैंने उन्हें कहा कि मैं एक शूट के मिडल में हूं और एक-दो दिन में लौटूंगा. फिर मुझे पता चला कि किसी और को इस रोल के लिए कास्ट कर लिया गया है.' पंकज ने आगे कहा, 'खैर, मैं अब भी अनुराग से बहुत प्यार करता हूं और मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है.' 

Advertisement

पंकज झा जिस रोल से चूके थे उसने पंकज त्रिपाठी को रातोंरात खूब पॉपुलैरिटी दिलाई. सुल्तान कुरैशी का किरदार निभाने के बाद उन्हें कई बड़े रोल ऑफर हुए. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से आने वाले पंकज झा ने पहला बड़ा रोल मीरा नायर की 'मानसून वेडिंग' (2001) में निभाया था. इसके बाद वो कंपनी (2002), 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' (2003) और 'अनवर' (2007) जैसी फिल्मों में नजर आए. अब वो 'पंचायत' में विधायक का किरदार निभाने के लिए चर्चा में हैं. 

Live TV

Advertisement
Advertisement