'पंचायत 2' के आखिरी एपिसोड में अपनी संजीदा एक्टिंग से हर किसी को इमोशनल कर देने वाले एक्टर फैजल मलिक जबरदस्त पॉपुलर हो चुके हैं. शो पर पेठा खाने को लेकर उनकी तत्परता हो या फिर सचिव जी के साथ मजेदार अंदाज, प्रहलाद चाचा के रोल में फैजल ने अपने काम से सभी का दिल जीत लिया.
फैजल खान 'पंचायत' से पहले भी फिल्मों और शोज में काम करते रहे हैं. अमेजन प्राइम के पॉपुलर शो से पहले फैजल खान को लोगों ने अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में नोटिस किया था. इस फिल्म में उनका रोल एक पुलिस इंस्पेक्टर का था और उनका डायलॉग 'कर तो हम वैसे भी कुछ नहीं पाएंगे' बहुत पॉपुलर हो गया था. साहित्य आजतक 2022 में पहुंचे फैजल ने बताया कि ये रोल उन्हें कैसे मिला था और उन्हें क्यों इस रोल के लिए अपनी सांस रोकनी पड़ी थी.
तुक्के में मिली 'गैंग्स ऑफ वासेपुर'
बतौर एक्टर पॉपुलर होने से पहले ही फैजल फिल्मों के प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में काम करते थे. 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से भी वो इसी तरह जुड़े थे. फिल्म देखने वालों को वो उस बूचड़खाने का सीन याद होगा जहां से पंकज त्रिपाठी का किरदार सुल्तान कुरैशी कहानी में आता है. उस बूचड़खाने में जांच के लिए पहुंचे इंस्पेक्टर का किरदार फैजल मालिक ने निभाया था. लल्लनटॉप अड्डा में फैजल ने कहा कि उनसे पहले ये किरदार किसी और एक्टर को मिला था जो रियल बूचड़खाने में शूट होने की वजह से, एकदम ऐन मौके पर फिल्म छोड़ गया. फैजल ने बताया कि अनुराग ने अपने 'ब्लैकमेल कम प्रेम' वाले अंदाज में उन्हें रोल करने के लिए राजी कर लिया.
सांस रोककर किया शूट
फैजल ने बताया कि चूंकि वो एक्टर आखिरी समय पर गायब हुआ, तो उन्हें वही वर्दी पहननी पड़ी जो उसके नाप की सिलवाई गई थी. फैजल ने आगे बताया, 'मैंने जैसे ही पैंट पहनी, वो फट गई. फिर मेरे पैंट पहने हुए ही, उसे सिला गया'. फैजल ने बताया कि उन्हें रियल बूचड़खाने में शूट करने से तो कोई समस्या नहीं थी. लेकिन अगर वो पैंट दोबारा फटती तो उसे सिलना लगभग नामुमकिन था. इसलिए उन्हें आगे का शूट सांस अंदर खींचकर पूरा करना पड़ा.
फैजल ने बताया कि 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के शूट के बीच ही उनकी शादी भी थी. लेकिन उन्हें 4 घंटे शूट करना था और वो बार बार अनुराग कश्यप से रिक्वेस्ट करते रहे कि अब उनसे और शूट न करवाएं. मगर उन्होंने देखा कि स्क्रिप्ट में उनका रोल आगे भी लिखा गया था.