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'हमारे ऊपर लगेंगे आरोप', मैं अटल हूं फिल्म को लेकर पंकज त्रिपाठी का बयान, आलोचना के लिए हैं तैयार

बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर्स में से एक पंकज त्रिपाठी जल्द अपनी फिल्म 'मैं अटल हूं' के साथ 19 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार हैं. इस फिल्म में पंकज ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री रहे अटक बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाया है. इस बीच पंकज त्रिपाठी और डायरेक्टर रवि जाधव ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की.

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पंकज त्रिपाठी
पंकज त्रिपाठी

बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर्स में से एक पंकज त्रिपाठी जल्द ही अपनी फिल्म 'मैं अटल हूं' के साथ सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार हैं. 19 जनवरी को ये फिल्म रिलीज होने वाली है. ये फिल्म भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की बायोपिक है और उनका किरदार फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने निभाया है. फिल्म की रिलीज से पहले पंकज त्रिपाठी और डायरेक्टर रवि जाधव ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की.

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अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार को निभाने के बारे में पंकज त्रिपाठी ने कहा, 'हमने उनकी स्पीच सुनी हैं, उनकी कविताएं पढ़ी हैं. लेकिन उनकी कहानी नहीं सुनी. तो हम उनकी कहानी लेकर आए हैं फिल्म में. मैंने अपने अंदाज में अटल जी का किरदार निभाया है. उनके हाव-भाव, उनके बॉडी पोस्चर को मैंने अपनाया है. लेकिन इस तरह से कि मेरा खुद का व्यक्तित्व उसमें विलीन न हो. जब बड़ी-बड़ी चीजें हो रही थीं तो उनके विचार और उनकी मनोदशा कैसी चल रही थी मैंने वो दिखाने की कोशिश की है. हमने उसको पकड़ने का प्रयास किया है.' अपने व्यक्तित्व पर अटल जी का किरदार निभाने से पड़ा असर बताते हुए पंकज ने कहा, 'मैं पहले से शांत हो गया हूं.'

पंकज त्रिपाठी ने अटल बिहारी वाजपेयी की लिखी कविताओं से कुछ पंक्तियां भी सुनाईं. पंकज त्रिपाठी बोले, 'आप दो-दो लाइनों में उनके व्यक्तित्व को समझते हैं. जैसे- 

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मनुष्य को चाहिए चुनौतियों से लड़े 
एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े

पंकज त्रिपाठी ने बताया कि कैसे प्रॉस्थेटिक और मेकअप हो जाने के बाद उनका फोन ही उन्हें नहीं पहचान पा रहा है. उन्होंने कहा, 'जब मैंने मेकअप हो जाने के बाद फोन इस्तेमाल किया तो लॉक खुला ही नहीं. पासकोड डालना पड़ा. जगदीश दादा और विक्रम रायकवाड़ की ये तारीफ है, उन्होंने मेकअप और प्रास्थेटिक किया है. बहुत अच्छा काम किया है.'

राजनीतिक फिल्म है मैं अटल हूं?

अटल बिहारी के बारे में बात करते हुए पंकज त्रिपाठी ने कहा कि किरदार बड़े होते हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि क्या 'मैं अटल हूं' एक राजनीतिक फिल्म है या नहीं. वो बोले, 'ये राजनीतिक फिल्म नहीं है, राजनैतिक व्यक्तित्व की फिल्म है. वो कवि थे, उनकी जिंदगी राजनीति से जुड़ी थी. हमने प्रयास किया है कि उनके जीवन के हर पहलू को छूते चलें. मुझे इस फिल्म को करते हुए पता चला कि उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी थे. उन्हें और उनके पिता दोनों को पढ़ना था तो दोनों हॉस्टल के एक रूम में साथ रहते थे. इसी को जुगलबंदी कहते हैं.'

शूटिंग को लेकर सुनाया किस्सा

फिल्म की शूटिंग के बारे में भी पंकज त्रिपाठी ने बताया. उन्होंने कहा कि पहले दिन वो नहीं जानते थे कि ये फिल्म और उनका किरदार कैसे होने वाले हैं. ऐसे में उनका पहला शॉट ज्यादा खास नहीं आया था. एक्टर ने कहा, 'पहला शॉट दलों के दलदल में, जो है वो बहुत क्लीन नहीं है. मुझे याद है सेट पर पहले दिन मैं वो बोल रहा हूं. मैं खुद ही सोच रहा हूं कि मैं क्या कर रहा हूं. मुझे भी नहीं पता था कि ये किरदार क्या है और मैं इसे कैसे निभाने वाला हूं. वो फिनिश के साथ नहीं किया गया है. आप देखेंगे तो शायद न पता चले, लेकिन मैं देखूंगा तो मुझे समझ आएगा कि मेरी मनोदशा उस वक्त क्या थी.' 

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किस सीन में दिए सबसे ज्यादा रीटेक? 

डायरेक्टर रवि जाधव ने बताया कि उन्होंने फिल्म के किस सीन के लिए पंकज त्रिपाठी से सबसे ज्यादा रीटेक लिये थे. उन्होंने कहा, 'हमने शुरू से सोचा था कि उनको कॉपी नहीं करेंगे और उनकी मिमिक्री नहीं करेंगे. उनकी कविताएं वॉयस ओवर में की गई हैं. ये बहुत मुश्किल था. हमने इसी में सबसे ज्यादा रीटेक दिए हैं, क्योंकि उनके बोलने का जो अंदाज था, बात करने का जो अंदाज था वो अपने आप में अलग था.' रवि ने आगे कहा, 'मैं मानता हूं कि इस फिल्म को सभी को देखना चाहिए. ये फिल्म सिनेमाघरों में आएगी. बाद में ओटीटी पर भी आएगी. जैसे भी हो, आपको इसे देखना चाहिए क्योंकि ये कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती है.'

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और फिल्म की रिलीज है आसपास

इस बारे में पंकज त्रिपाठी और डायरेक्टर रवि जाधव दोनों ने बात की. पंकज ने कहा, '22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा है. 19 जनवरी को हमारी फिल्म की प्राण प्रतिष्ठा है. 25 दिसंबर को फिल्म आनी थी उनके जन्मदिन पर. उसमें VFX ज्यादा हो गया. तो उसमें बहुत काम हो गया.' रवि ने कहा, 'दो सालों से फिल्म पर काम चल रहा है. ये इत्तेफाक की बात है वरना किसे पता था कि ये फिल्म आएगी और 22 तारीख को प्राण प्रतिष्ठा होगी.' 

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'मैं अटल हूं' की रिलीज को लेकर एक बहस ये भी चल रही है कि फिल्म को इस साल होने वाले चुनावों से ठीक पहले रिलीज करना एक पॉलिटिकल कदम है. इस बारे में बात करते हुए पंकज त्रिपाठी ने कहा, 'मैं तो सोच रहा था कि फिल्मों से अगर भारतीय मतदाता प्रेरित होने लगे तो आप उनका मूल्यांकन गलत कर रहे हैं. आप हमारे देश के मतदाता को बहुत कम आंक रहे हैं.'

फिल्म के ट्रेलर में पंकज त्रिपाठी के निभाए अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार को, लाल कृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज के साथ देखा जा सकता है. इसपर डायरेक्टर रवि जाधव से पूछा गया कि क्या वो हूबहू अटल जी के मंत्रीमण्डल को उतारने की कोशिश कर रहे थे? इसपर डायरेक्टर ने जवाब दिया, 'हूबहू मंत्रीमंडल को उतारने की कोशिश नहीं की है. जैसे पंकज जी को चुना गया वैसे ही दूसरे एक्टर्स को लिया गया. अटल जी के साथ उन लोगों का संबंध क्या था. कुछ होता था तो पर्दे के पीछे का लोगों का रिएक्शन क्या था. ये सब हमने दिखाया है.'

फिल्म को लेकर लगेंगे आरोप

फिल्म 'मैं अटल हूं' बनाने को लेकर पंकज त्रिपाठी ने विस्तार से बात की. उन्होंने कहा, 'ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उनके विराट जीवन को दो घंटे की फिल्म में कैसे समेटेंगे? मेरे हिसाब से उनकी जिंदगी पर 6 सीजन की वेब सीरीज चाहिए. फिल्म रिलीज होने के बाद ये आरोप लोग हमारे ऊपर लगाएंगे तो अभी हम ही लगा लेते हैं. उनका जीवन काल, एक पूरा युग, हमें 2 घंटे में दिखाना है, तो कुछ चीजें तो छूटेंगी ही. जानने वाले लोग बोलेंगे कि ये नहीं है, ये नहीं दिखाया है. ये आरोप तो हमारे ऊपर लगाएंगे. लेकिन हमने इस फिल्म को इस तरह से बताया है कि उसमें शुरुआत है, मध्यांतर है और अंत है.'

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उन्होंने आगे कहा, 'कमाल की ये बात है कि जिस व्यक्ति से भी मैं मिला उसके पास अटल जी से जुड़े 15 किस्से थे. जो मिलता था वो कहता था कि ये किस्सा डाल देना फिल्म में. मैं तो अभिनेता हूं. कहानी में लिखने-दिखाने का काम लेखक, फिल्मकार, प्रोड्यूसर का है. मैं कैसे उन्हें कहूं कि डाल दूंगा. तो मैं बस बोल देता था कि मैं बता दूंगा लेखक को.' 

अटल बिहारी से हुई पंकज की मुलाकात?

पंकज त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने सालों पहले अटल जी को 500 मीटर दूर से एक रैली में, गांधी मैदान में देखा था. उनके साथ शत्रुघ्न सिन्हा थे. पंकज ने कहा, 'मैं शत्रुघ्न सिन्हा से मिला, लेकिन उनसे नहीं मिल पाया. अटल जी से मिलना चाहता था लेकिन मिल नहीं पाया. लेकिन देखिए मैं उनसे मिल रहा हूं किताबों के जरिए, दूसरों के किस्सों के जरिए, उनके व्यक्तित्व को इतना जान गया हूं जितना उस 5 मिनट की मुलाकात में नहीं जान पाता.'

उन्होंने आगे बताया, 'मेरे पिताजी धोती कुर्ता पहनते थे. मेरे परिवार से सब उनके फैन रहे हैं. हमारी फिल्म में आप देखेंगे कि नायक पूरी फिल्म में लगभग धोती कुर्ता पहने हुए है. ये शायद ही हुआ है कि किसी फिल्म में कि नायक ने आज के जमाने में धोती कुर्ता पहना हो.'

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कैसा था परिवार का रिएक्शन?

अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाने को लेकर पंकज त्रिपाठी के परिवार का क्या रिएक्शन था? एक्टर ने बताया, 'मेरे भैया काफी उत्साहित थे. वो अटल जी के, मुझसे बड़े फैन रहे हैं. वो घर पर प्रार्थना करते थे कि मैं अटल जी का रोल कर रहा हूं तो मुझे कुछ न हो, मैं ठीक रहूं दो महीने. वो सबको कहते थे दो महीने उसे परेशान मत करो वो अटल जी का रोल कर रहा है. मुझे वादा किया गया है कि ये फिल्म सही में छोटे सिनेमाघरों में आएगी. तो मैं अपने घरवालों को निमंत्रण दूंगा और वो जरूर देखेंगे. ये फिल्म आने के बाद लोग हमारी खूब आलोचना करेंगे, खूब प्रसंशा करेंगे. ये सब तो चलता रहता है.'   

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