बॉलीवुड में एक दशक ऐसा था जब एक ही कलाकार पूरी इंडस्ट्री पर अपने काम से 'राज' किया करता था. वो नाम लेजेंडरी फिल्म मेकर का राज कपूर था. उस समय ऐसा लगता था कि राज कपूर की फिल्में थिएटर में लगती ही हिट होने के लिए थी. हर फिल्म में उनकी कलाकारी का कोई जवाब नहीं होता था. उन्होंने कई सारी फिल्में डायरेक्ट भी की हैं जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई हैं.
एक समय ऐसा था जब राज कपूर जो फिल्म बनाते थे, वो लगभग हिट साबित होती थी. लेकिन एक फिल्म ऐसी भी थी जिसे लोगों का उतना प्यार नहीं मिल पाया था. फिल्म का नाम 'मेरा नाम जोकर' था. राज कपूर को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा था. उन्होंने उसके बाद एक आखिरी कोशिश और की और फिल्म 'बॉबी' बनाई. उस फिल्म को लोगों का भरपूर प्यार मिला था.
'बॉबी' फिल्म का क्लाइमैक्स कुछ और था?
फिल्म में राज कपूर ने उस वक्त दो नए चेहरों को इंट्रोड्यूस कराया. उन्होंने अपने बेटे ऋषि कपूर और एक्ट्रेस डिंपल कपाडिया को फिल्म में बतौर मेन लीड कास्ट किया. फिल्म में एक्टर प्राण और प्रेम चोपड़ा भी शामिल थे. उस फिल्म में राज कपूर ने अपने साले प्रेमनाथ को भी डिंपल कपाडिया के पिता के रोल में कास्ट किया था. हाल ही में प्रेमनाथ के बेटे मोंटी नाथ ने फिल्म से जुड़ा एक किस्सा सुनाया है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है.
मोंटी ने बताया कि फिल्म का क्लाइमैक्स जो पहले लिखा गया था उसमें ऋषि कपूर और डिंपल कपाडिया की मौत हो जाती है. उन्होंने कहा, 'बॉबी दरअसल एक प्रेम कहानी थी और वो हर उस प्रेम कहानी जैसे लैला-मजनूं, रोमियो-जूलियट की तरह थी जिसमें बाद में दोनों प्यार करने वाले मर जाते हैं. जो ओरिजिनल स्क्रिप्ट थी, उसमें ऋषि कपूर और डिंपल कपाडिया दोनों पहाड़ी पर जाते हैं और वहां से नीचे पानी में छलांग लगाकर मर जाते हैं.'
प्रेमनाथ के बदलवाया फिल्म 'बॉबी' का क्लाइमैक्स
मोंटी ने आगे बताया कि जबतक दोनों पहाड़ी पर थे, तबतक सबकुछ वैसा था. स्क्रिप्ट में बदलाव दोनों के कूद जाने के बाद किया गया जिसे उनके पिता प्रेमनाथ ने करवाया था. मोंटी ने बताया, 'मेरे पिता ने राज कपूर जी को ये सुझाव दिया कि वो फिल्म का दुखद अंत ना दिखाएं. एंडिंग को खुशी वाला दिखाते हैं. मेरे किरदार को चिंटू (ऋषि कपूर) को बचाने दीजिए और प्राण साहब के किरदार को डिंपल को बचाने दीजिए. दोनों किरदार अपने बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूद जाते हैं. और फिर सभी एक साथ मिल जाते हैं और फिल्म एक अच्छे पल में खत्म हो जाती है.'
हालांकि मोंटी नाथ ने आगे ये भी बताया कि उनके पिता ने इस बात का फैसला राज कपूर पर छोड़ दिया था. मेरे पिता ने उन्हें इस सुझाव के बाद कहा कि आप इस शिप के कप्तान हैं. आप अपने हिसाब से इसे शूट कर लीजिए और अपने पास रख लीजिए. हम लोग पहले से ही लोकेशन पर मौजूद हैं. सभी एक्टर्स भी यहां है. आप एडिटिंग के समय अपना फैसला ले सकते हैं.'
उस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा ऋषि कपूर ने भी एक बातचीत में सुनाया था कि उनके पिता ने बॉबी फिल्म उन्हें एक्टिंग में लॉन्च करने के लिए नहीं बनाई थी. उन्होंने वो फिल्म अपनी फिल्म मेरा नाम जोकर के कर्जे को चुकाने के लिए बनाई थी. वो एक लव स्टोरी बनाना चाह रहे थे, जिसके लिए वो राजेश खन्ना को कास्ट करना चाह रहे थे लेकिन उनके पास उस समय उतने पैसे नहीं थे. फिल्म की सक्सेस किसी से नहीं छुपी है. 'बॉबी' फिल्म साल 1973 में रिलीज हुई थी और वो उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.