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अनुपम खेर-परेश रावल की अलग व‍िचारधारा, फ‍िर कैसे किया रत्ना पाठक शाह ने साथ में काम?

पॉलिटिकली अक्सर रत्ना और उनके पति नसीरुद्दीन शाह का झुकाव, परेश और अनुपम से अलग दिशा में होता है. या अक्सर अपोजिट डायरेक्शन में. फिर भी रत्ना और नसीरुद्दीन, परेश और अनुपम के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके हैं. ये कैसे हुआ? अब रत्ना पाठक शाह ने इसका जवाब दिया है.

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अनुपम खेर,परेश रावल, रत्ना पाठक शाह, नसीरुद्दीन शाह
अनुपम खेर,परेश रावल, रत्ना पाठक शाह, नसीरुद्दीन शाह

वेटरन बॉलीवुड एक्टर्स रत्ना पाठक शाह और नसीरुद्दीन शाह सिर्फ एक्टिंग के लिए ही नहीं जाने जाते, बल्कि समाज में घट रही घटनाओं, बदलावों और राजनीति पर बेबाक होकर राय रखने के लिए भी मशहूर हैं. इन दोनों की ही तरह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में रहे परेश रावल और अनुपम खेर में भी यही क्वालिटी है. 

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लेकिन पॉलिटिकली अक्सर रत्ना और उनके पति नसीरुद्दीन शाह का झुकाव, परेश और अनुपम से अलग दिशा में होता है. या अक्सर अपोजिट डायरेक्शन में. फिर भी रत्ना और नसीरुद्दीन, परेश और अनुपम के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके हैं. अब रत्ना ने एक इंटरव्यू में बताया है कि ऐसा कैसे संभव हो पाता है. 

'असहमतियों से नहीं टूटते आपसी रिश्ते' 
द लल्लनटॉप के साथ इंटरव्यू में अनुपम और परेश के साथ काम करने के बारे में बात करते हुए रत्ना ने कहा, 'हम सब ऐसे दौर में बड़े हुए हैं जब दो लोग, विचारधाराएं अलग होते हुए भी दोस्त रह सकते थे.आप अपनी जगह ठीक हैं मैं अपनी जगह. बातचीत होती है, चर्चाएं होती हैं और यहां तक कि असहमतियां भी होती हैं लेकिन इससे आपसी रिश्ते नहीं बदलते. ये बहुत नया ट्रेंड है.' रत्ना ने कहा कि ये न तो हमारे देश का कल्चर है ना ही उन्होंने पहले कभी ऐसा कुछ देखा है. 

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अपने परिवार का उदाहरण देते हुए रत्ना ने बताया, 'मैं एक ऐसे घर में पैदा हुई जहां मेरे पिता RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से थे और मेरी मन कम्युनिस्ट परिवार से. मेरे घर में हमेशा डिबेट और आर्गुमेंट होते थे, फिर भी हम सब खुशी-खुशी साथ रहते रहे. मुझे ये पता है कि कि किसी के ओपिनियन से असहमत होना, उस व्यक्ति से नफरत करना नहीं होता.' उन्होंने कहा कि ओपिनियन अलग होने पर कैंसिल कर देना तो अब होने लगा है.

'हम बुली नहीं हो सकते' 
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए रत्ना ने कहा, 'हमें आपस में लड़वाया जाता है जैसे बच्चे स्कूल प्लेग्राउंड में लड़ते हैं. जैसे बुली कमजोर बच्चों को ट्रीट करते हैं. क्या हम ऐसा होना चाहते हैं? नहीं. मैं ऐसी नहीं बनूंगी, ना अपने बच्चों को ऐसा बनने दूंगी. मेरा जिसपर भी बस चलेगा, मैं उसे कहूंगी 'हम बुली नहीं बन सकते.'' 

रत्ना और नसीरुद्दीन शाह ने 1988 में विजय मेहता की फिल्म 'पेस्तनजी' में साथ काम किया था. नसीरुद्दीन और अनुपम 2008 की थ्रिलर 'अ वेडनसडे' में साथ काम किया था. पिछले साल नेटफ्लिक्स के शो 'ट्रायल बाय फायर' में रत्ना ने अनुपम की पत्नी का किरदार निभाया था. 

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