रिया चक्रवर्ती की जमानत अर्जी पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में जवाब पेश किया गया है. सेशंस कोर्ट बेंच द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद रिया ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. मंगलवार को इसपर बॉम्बे हाइकोर्ट में सुनवाई होगी.
एनसीबी के मुताबिक शोविक चक्रवर्ती ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वो अब्दुल बासित, कैजान और जैद के जरिए ड्रग्स खरीदता था. ये ड्रग्स सुशांत सिंह राजपूत के पैसे से खरीदे जाते थे, जिसकी जानकारी रिया को थी. सैमुअल मिरांडा ने भी यह बताया था कि वो सुशांत और रिया के कहने पर ड्रग्स खरीदता था.
रिया के बेल रोकने के लिए एनसीबी ने दी ये दलीलें
कोर्ट में अपना जवाब देते हुए एनसीबी ने कहा- दीपेश सावंत ने भी कबूल किया था कि वह कई मौकों पर रिया चक्रवर्ती के कहने पर सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स लाता था. ड्रग्स खरीदने के लिए जो पैसे आते थे वो सुशांत सिंह राजपूत और रिया दिया करते थे. दीपेश सावंत ने बताया कि वह सैमुअल मिरांडा के साथ मिलकर सुशांत के लिए ड्रग्स खरीदता था. शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत के बयानों के आधार पर रिया को समन भेजा गया था. उसके बाद तीन दिनों तक यानी 6 से लेकर 7 सितंबर तक रिया का बयान एनडीपीएस एक्ट के तहत रिकॉर्ड किया गया था. तीनों दिन रिया को बाकी तीन आरोपियों शोविक, सैमुअल और दीपेश के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई थी और सभी के बयानों को वेरिफाई किया गया था.
रिया ने अपने बयान में ड्रग्स खरीदने, इसके लिए पैसे देने और सैमुअल, दीपेश और शोविक को इंस्ट्रक्शंस देने की बात कबूल की थी. इसलिए रिया के बयान से यह साफ है कि वह ड्रग्स सप्लाई करने वाले ड्रग सिंडिकेट टीम की एक्टिव मेंबर थीं. वह सुशांत को ड्रग्स देती थीं और पैसों का ब्यौरा भी संभालती थीं. पूछताछ के बाद जो खुलासे हुए उसके आधार पर रिया को 8 सितंबर को एनडीपीएस एक्ट के u/s 8 (c), 20 (b) (ii), 22, 27 A, 28, 29 के तहत गिरफ्तार किया गया.
आगे जारी इन्वेस्टिगेशन से खुलासा हुआ कि मार्च 2020 को शोविक चक्रवर्ती ने सैमुअल को सुशांत के लिए बड लाने को कहा था. इसके बाद उन्होंने अब्दुल बासित परिहार के जरिए जैद विलात्रा से संपर्क किया. इसकी खरीददारी के लिए सैमुअल ने रिया के एचडीएफसी बैंक के अकाउंट से 10 हजार रुपये निकाले थे.
शोविक के 16 मार्च 2020 के चैट से यह खुलासा हुआ कि उसने सुशांत के लिए गांजे की अरेंजमेंट की थी. 17 मार्च 2020 को उसने अब्दुल बासित को सैमुअल का नंबर दिया और फिर बासित के जानकार जैद ने सैमुअल को ड्रग्स दिए. 15 अप्रैल 2020 को शोविक ने सैमुअल के साथ मिलकर चरस खरीदी जो कि कैजान ने दीपेश के हाथ में सौंपा. इसके अलावा शोविक ने यह भी बताया है कि वह ड्रग्स खरीदने के लिए रिया द्वारा दिए गए पैसे या उनके कार्ड का इस्तेमाल करता था. इन सबकी जानकारी रिया को थी. इनसे यह बात सामने आई कि रिया के जानकारी में रहते हुए शोविक भी ड्रग्स की खरीददारी और पैसों की लेनदेन डील करता था. आगे शोविक को अपने दोस्त सूर्यदीप मल्होत्रा के जरिए वीड्स मिले थे जो कि करमजीत (KJ) ने उसे दिए थे. शोविक के बैंक ट्रांजेक्शंस में ड्रग पेडलर ड्वेन फर्नांडिस के साथ ट्रांजेक्शन मौजूद हैं. इसे सबूत के तौर पर रखा गया है.
जमानत मिलने पर सबूतों के साथ हो सकती है छेड़छाड़
रिया चक्रवर्ती के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज जैसे मोाबइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क भी सबूत के तौर पर जमा किए गए हैं. उनके व्हाट्सएप चैट्स में ड्रग्स के लिए पेमेंट की बात साफ है. इन सबूतों के आधार पर यह क्लीयर है कि रिया ना सिर्फ सुशांत का फाइनेंस संभालती थी बल्कि ड्रग्स भी डील करती थी. वह ड्रग्स की खरीददारी के लिए पेमेंट देती थीं. कॉन्ट्राबैंड के लिए क्रेडिट कार्ड, कैश पेमेंट सभी का इस्तेमाल करती थी. इन्वेस्टिगेशन अभी जारी है और अहम मोड़ पर है और इस वक्त अगर याचिकाकर्ता यानी रिया चक्रवर्ती को जमानत दी जाती है तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है.
रिया के अलावा कैजान की जमानत याचिका को भी एनसीबी ने चैलेंज किया जिसपर 25 सितंबर को सुनवाई होनी थी. इसपर सेशंस कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.