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बॉलीवुड फिल्मों के खिलाफ चले #boycott trend पर क्या बोलीं सलाम वेंकी की डायरेक्टर?

बायकॉट कल्चर पर बात करते हुए फिल्म सलाम वेेंकी की डायरेक्टर रेवती ने कहा- फिल्म बहुत पावरफुल मीडियम है. आज सभी लोगों के पास सोशल मीडिया की पावर है. उनके ओपिनियन और कमेंट्स. अब चीजें टू वे हैं. पहले ऐसा नहीं था. अब चीजें बदल रही हैं. इसलिए हमें कुछ भी बोलते वक्त केयरफुल होना पड़ेगा.

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काजोल और रेवती
काजोल और रेवती

साल 2022 में बॉलीवुड का बुरा हाल रहा. हिंदी मूवीज का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट भी खराब रहा. वहीं सबको सरप्राइज करते हुए साउथ मूवीज का बोलबाला रहा. हिंदी फिल्मों को बायकॉट करने की लगातार मांग उठी तो साउथ मूवीज ने शानदार बिजनेस किया. आजतक एजेंडा 2022 के मंच पर गेस्ट बनकर आईं रेवती ने बायकॉट कल्चर पर अपनी राय रखी.

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बायकॉट ट्रेंड पर क्या बोलीं रेवती?
रेवती ने कहा- फिल्म बहुत पावरफुल मीडियम है.  यहां जो हम करते हैं सब देखते हैं. पहले सब वनवे थे,  लोग देखते थे. मगर उनका रिस्पॉन्स हमें टिकटों की सेल से मिलता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. सभी लोगों के पास सोशल मीडिया की पावर है. उनके ओपिनियन और कमेंट्स. अब चीजें टू वे हैं. चीजें बदल रही हैं. इसलिए हमें कुछ भी बोलते वक्त केयरफुल होना पड़ेगा. रेवती से जब साउथ फिल्मों की सक्सेस और बॉलीवुड मूवीज के पिटने पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की फिल्म तो चल रही है ना. साउथ और बॉलीवुड जैसा  कुछ नहीं है. हम एक इंडस्ट्री हैं.


मां के रोल में सिमटने का काजोल को था डर?
काजोल फिल्म सलाम वेंकी में मां के रोल में हैं. ऐसा रोल निभाने पर काजोल कहती हैं- अब वक्त बदल गया है. मुझे लगता है ये आपके माइंडसेट की बात है. आपकी सोच जैसी होगी वैसा आपके साथ होगा. ये रूल दूसरों के लिए है मेरे लिए नहीं. आज हमें हर उम्र के रोल करने के मौके मिल रहे हैं. मेरे फैंस सबसे अच्छे हैं. वो मुझे हर रोल में पसंद करते हैं. सलाम वेंकी में चाहे मैं 24 साल के बच्चे की मां बनी हूं इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ेगा. मुझे कभी टाइपकास्ट होने का डर नहीं लगा.

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सलाम वेंकी करने से काजोल ने किया था मना
काजोल सलाम वेंकी करने से बच रही थीं. हालांकि वे डायरेक्टर रेवती संग काम करना चाहती थीं. मगर ऐसी किसी मूवी का हिस्सा काजोल को नहीं बनना था. जिसमें उनके बच्चे किसी बीमारी या तकलीफ से गुजरें. काजोल बोलीं- मुझे ऐसी मूवी कभी नहीं करनी थी जहां मेरे बच्चों को कुछ हो. मैंने पहले ये मूवी करने से मना कर दिया था. रेवती के कहने पर मैंने स्क्रिप्ट सुनी. पर ये कहानी सुनने के बाद मेरी आखों में आंसू थे.

''मैं अपने डर की वजह से ये मूवी करने से पीछे हट रही थी. मैंने रेवती से सोचने के लिए  1 दिन का वक्त मांगा था. काफी सोचने के बाद मैंने इस फिल्म के लिए हां कहा.''


 

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