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Exclusive: अब मैं भी चाहती हूं आत्महत्या कर लूं, कौन होगा इसका जिम्मेदार: रिया

रिया चक्रवर्ती ने आज तक से खास बातचीत में सुशांत के सुसाइड, ड्रग्स कनेक्शन, सुशांत के परिवार संग रिश्ते, सीबीआई जांच, अंकिता लोखंडे, नेपोटिज्म जैसे तमाम मुद्दों पर अपना जवाब दिया. 

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रिया चक्रवर्ती
रिया चक्रवर्ती
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिया का आज तक पर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
  • रिया ने खुद पर लगे आरोपों पर दिया पहली बार जवाब
  • रिया ने क्यों कहा- अब मैं भी चाहती हूं आत्महत्या कर लूं

रिया चक्रवर्ती ने आज तक को सुपर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देते हुए खुद पर लगे आरोपों पर सफाई दी. साथ ही अपना पक्ष भी रखा. सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई ने इंटरव्यू में रिया से वो सभी तीखे सवाल किए जिसका हर कोई एक्ट्रेस से जवाब चाहता है. रिया ने सुशांत के सुसाइड, ड्रग्स कनेक्शन, सुशांत के परिवार संग रिश्ते, सीबीआई जांच, अंकिता लोखंडे, नेपोटिज्म जैसे तमाम मुद्दों पर अपना जवाब दिया. 

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रिया ने इंटरव्यू में ये भी कबूला कि उन्हें लगता है कि वे सुसाइड कर लें. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उनके मन में सुसाइड के ख्याल आए. जानते हैं रिया ने क्यों सुसाइड का जिक्र किया.

राजदीप: अब मामला आ रहा है नारकोटिक्स का. नारकोटिक्स ड्रग्स कंट्रोल भी आपसे सवाल कर सकती है क्योंकि कहीं ना कहीं ये सवाल उठ रहा है कि क्या रिया का ड्रग पैडलर्स, ड्रग डीलर्स के साथ कोई कनेक्शन है?

रिया: ये यही बचा था ना अब मेरे ऊपर डालने के लिए, कि इस लड़की को इतना क्रूसिफाई कर दो. मैं तो बोलती हूं एक बंदूक ले आओ, मेरी फैमिली लाइन से खड़ी हो जाएगी. गोली मारकर उड़ा दो हमें. नहीं तो हम ही सुसाइड कर लेते हैं फिर कौन जिम्मेदार होगा. मैं इन सभी आरोपों को नकारती हूं. ये बेबुनियाद हैं. मैं इनके डीटेल्स में सिर्फ एक वजह से नहीं जाना चाहूंगी कि ये मेरे आगे के इंवेस्टिगेशन को तंग कर सकता है.

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राजदीप: क्या आप मुझे कह रही हैं कि आपने पिछले कुछ महीनों में सुसाइड का सोचा.

रिया: जरूर.

राजदीप: आपने सोचा है कि शायद मुझे आत्महत्या करनी चाहिए. आप ये कह रही हैं मुझे आज.

रिया: जी. शायद मुझे या मेरे पूरे परिवार को कर लेनी चाहिए. या फिर कोई हमें गोली मार दे. ऐसे घुट-घुटकर जीने से इस तरह की बेइज्जती, हम लोग मिडिल क्लास लोग हैं इज्जत नहीं है तो कुछ नहीं है. आज मैं ड्रग डीलर हूं, कल मैं मर्डरर थी फिर और कुछ और.. ये एंडलेस और बेसलेस है. इसलिए मैंने अब तक बात नहीं की, क्योंकि कहने का क्या मतलब है जब सब लोग अपनी मनगढंत कहानियां बना रहे हैं बिना किसी प्रूफ के. अंकिता लोखंडे जैसे लोग आपको ये सहानूभुति नहीं होगी कि मुझे दर्द हुआ होगा. आप मनगढ़ंत कहानियां बना रही हैं. आपने 4 साल से बात नहीं की है. अब मैं इतने सारे लोगों से कैसे लड़ूं. 

इसके अलावा भी राजदीप सरदेसाई ने रिया से सुशांत केस को लेकर कई तीखे सवाल पूछे. जानते हैं उनके बारे में.

राजदीप: आपको लगता है कि मीडिया ट्रायल चल रहा है?


रिया: लगता? (दबी हुई हंसी में) मीडिया ट्रायल है. और बहुत ही बुरा व्हिच हंट (डायन का शिकार) जिसे कहते हैं. वो भी चल रहा है. वो भी चल रहा है. किसी को प्यार करना एक मोस्ट वांटेड क्राइम हो गया है. मुझे लगता है कि हर उस इंसान को गिरफ्तार कर लीजिए जो रिलेशनशिप में है. क्यों नहीं करते?

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राजदीप: मैं एक मिनट रिलेशनशिप पर आऊंगा लेकिन उससे पहले मैं पूछना चाहता हूं, मैंने आपको इंटरव्यू में कहा इंडियाज मोस्ट वांटेड. एक बॉलीवुड एक्टर. आप आए बॉलीवुड में, आपके सपने होंगे कि मुझे बड़ा स्टार बनना है. बड़ा स्टार आज इंडियाज मोस्ट वांटेड कहा जाता है, एक तरह से विलेन कहा जा रहा है इस पूरे मामले का. किस तरह से आप देखती हैं? आपका वो सपना, और आज ये हकीकत.

रिया: मुझे तो कभी-कभी विश्वास भी नहीं होता है कि ये मेरी लाइफ है. (सोच में पड़ते हुए) तथ्यों से दूर एक सच ये भी है कि सुशांत आज यहां नहीं है... और वो सबको सच नहीं बता सकता. मेरे सपने तो अब इतने कोसों दूर हैं कि मैं गहरी सांस लेना चाहती हूं जहां चार पांच एजेंसीज मेरे पीछे ना पड़ी हों. मैं सिर्फ एक नॉर्मल दिन देखना चाहती हूं जहां मैं सुबह उठकर बस नाश्ता कर सकूं अपने माता-पिता के साथ और मेरे परिवार में किसी एक इंसान को एंग्जायटी अटैक ना हो. तो सपने तो मेरे कब के पिछड़ गए.... पर.... मैं लड़ूंगी.

राजदीप: आप लड़ेंगी?


रिया: हां, मैं लड़ूंगी.

राजदीप: आपने कभी हिम्मत नहीं खोई है, क्योंकि जिस तरह से आरोप लगे हैं. कुछ लोग कहेंगे कि अब तो रिया चक्रवर्ती की हिम्मत भी गई होगी?

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रिया: तोड़ने की तो पूरी साजिश है.... पहले मेरी फैमिली को तोड़ने की. फिर.... मुझे तोड़ने की. अब, मेरे हौसले को तोड़ने की, कि इस लड़की को ऐसा कर दो कि ये अपने आप को भी डिफेंड नहीं कर पाए.

क्या बोलती हैं कंगना जी? कि सिस्टमैटिक ब्रेकडाउन ऑफ ए फ्रेजाइल माइंड सुशांत के साथ हुआ है. तो मेरे साथ क्या हुआ है? मेरे साथ क्या हुआ है? सिस्टमैटिक ब्रेकडाउन ऑफ ए इनोसेंट फैमिली? एन इनोसेंट गर्ल? जिसने एक मासूम लड़के को प्यार किया? (बनावटी हंसी हंसते हुए) आप लोग इस बात से खुश नहीं हैं.... कि यहां पर कोई गॉसिप और कोई अतरंगी कहानी नहीं है. और.... ये कोई... विषकन्या कभी बुला देता है... कभी कोई औकात पर बात कर देता है. मतलब कुछ भी चल रहा है. मेरी लाइफ है ये?? (उदासी भरी मुस्कान) ये मेरी और मेरे परिवार की जिंदगी है.

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राजदीप: आज आप चुप्पी तोड़ रही हैं. क्यों? आज का दिन आपने क्यों चुना?


रिया: (गला साफ करके खुद को संभालते हुए) सुशांत ने बताया मुझे. सुशांत मेरे सपने में आया था.... वो काफी लोगों के सपने में आ रहा है आजकल जो उसे कभी जानते भी नहीं थे. उसने बोला कि सच बोलो. जाकर सबको बोलो कि तुम क्या हो. हमारा रिश्ता क्या था. और क्या है.

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राजदीप: मैं उस रिश्ते पर आऊंगा. मैं आरोपों पर भी आऊंगा. पर पहले रिश्ते पर आते हैं.


रिया: जी.

राजदीप: आप अपने और सुशांत के रिश्ते के बारे में हमें बताइए? कब मिले? कैसे मिले? ये रिलेशनशिप शुरू कैसे हुआ?


रिया: तो सुशांत और मैं... काफी साल से दोस्त हैं. हम लोग दो हजार...... तेहर में यश राज स्टूडियो में मिले थे. मेरी पहली फिल्म रिलीज हो चुकी थी और उनकी फिल्म काय पो चे रिलीज होने को थी. या बस हुई थी और वो वायआरएफ आ रहे थे. न्यू टैलेंट बने थे. हमारे मैनेजर्स सेम थे उस वक्त भी. हम लोग.... YRF के जिम में इंट्रड्यूज हुए. और फिर कभी-कभी यहां वहां अवॉर्ड शोज पर मिलना जुलना होता था. हम लोग काफी अच्छे दोस्त थे. शायद साल में एक बार भी मिलते हों, पर पूरी बात करते थे. कि कैसा है सब कुछ? मतलब, पूरी. सारी अपनी दिक्कतें भी शेयर कर लेते थे उसी दौरान.

(चेहरे पर मुस्कान और भावुकता लाते हुए) मुझे अच्छा लगता था तभी भी... लेकिन लगता था कि यार कुछ अलग है ये. कुछ अलग किस्म का लड़का है ये. इसके साथ ना.. बैठ कर बात करनी पड़ेगी. पूरी बात करनी पड़ेगी.... और फिर, अप्रैल 2019... 13 अप्रैल. सुशांत और मैं... रोहिणी अय्यर जी... की पार्टी पर मिले. वहां से हमारा रिश्ता फिर... असल में शुरू हुआ. और प्यार तो सुशांत ने बोला कि उसको एक ही दिन में हो गया. पर मैंने बोला.... (हंसते हुए) कि दो तीन महीने.... दो मुझे. मैं बताती हूं... ये आई लव यू जो वर्ड है, बहुत बड़ा है. मुझे क्या पता था कि इस आई लव यू वर्ड की सजा. मुझे अब तक इस तरह काटनी पड़ेगी.

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राजदीप: आप और सुशांत एक दूसरे से मिलने लगे. आप कुछ महीनों बाद उनके साथ रहने भी लगीं. आप उनकी पार्टनर बन गईं. ये बताइए. इस दौरान अप्रैल 2019 के बाद रोमांस धीरे-धीरे बढ़ता गया. और नतीजतन आप उनके साथ रहने लगीं? आपने इसे एक लंबी रिलेशनशिप के तौर पर देखा था? एक दिन मैं शादी करूंगी? किस तरह से आप देख रही थीं इस रिलेशनशिप को?

रिया: (मुस्कान) तो सुशांत और मेरा एक रनिंग, पर्सनल, एनिकडोट, मैं आपके साथ शेयर करती हूं कि, हमने कभी ऐसे फॉर्मली शादी की बात नहीं की. जाहिर है कि... लॉन्ग टर्म... अब तो लग रहा है कि दूसरे जन्म तक भी चलेगा. (हंसती हैं) एक बात मैं जरूर कहती थी कि मुझे एक छोटा सुशांत चाहिए. उसी की तरह... उसी के फेस का... एक छोटा... सुशी. तो ये हमारा एक रनिंग.. जोक था.... ऑबवियसली.. जोक भी नहीं पर. एक कपल के तौर पर हम डिसकस किया करते थे. इससे आपको पता चलेगा कि हमारा किस तरह का रिलेशनशिप था.

राजदीप: किस चीज ने आपको सुशांत की तरफ आकर्षित किया?


रिया: किस चीज ने नहीं किया? (हंसती हैं) वो सबसे ईमानदार इंसान था जिससे मैं मिली थी. उसके सामने आप.... मतलब आप और ज्यादा आप बन जाते थे. उनसे मिलकर मैं अपने आप से मिली... और उन्होंने मुझे जिस... जिस अंदाज में... जिस नजर से देखा... जिस प्यार से देखा... उस नजर से मैं अपनी नजरों में.... ऊपर हो गई. और.... हमारा रिलेशनशिप असल में... हमारी जो... दोस्ती थी... वो हमारे रिश्ते की बुनियाद थी. वो भरोसा, और... (भावुक औकर खुद को संभालने की कोशिश करती हैं.) वो ईमानदारी. वो समझ कि दूसरा बंदा आपको पूरी तरह समझता है. चाहे आप लो हो, हाई हो. ये हो, वो हो. कोई फर्क नहीं पड़ता.

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राजदीप: क्या हुआ जो चीजें इतनी ज्यादा बिगड़ गईं? क्या हुआ कि रिलेशनशिप जिसे आप कहती हैं, लव जिसे आप कहती हैं. क्या हुआ कि... धीरे-धीरे. या जून 2020 तक... जून 8 की मैं आपको खासतौर पर बात करता हूं. क्या हुआ था? आपको घर क्यों छोड़ना पड़ा. आप दिसंबर से उनके साथ रह रही थीं... लेकिन जून 8, 2020 को आप सुशांत का घर छोड़ती हैं. क्यों?


रिया: (गहरी सांस लेने के बाद) तो मई के मध्य के बाद से सुशांत कूर्ग, जो कि दक्षिण भारत में एक कस्बा है वहां, शिफ्ट होने की प्लानिंग और तैयारी कर रहे थे. उन्होंने अपने लॉयर... और अपने... घर में जो फ्लैटमेट्स हैं उन्हें, और अपने एक दूसरे दोस्त आयुष शर्मा को भी फोन करके पहले बीर शिफ्ट होने का उनका प्लान था. वो काफी कंसिस्टेंटली एक घर ढूंढ रहे थे. शिफ्ट होने के लिए.

राजदीप: वो कूर्ग के लिए रवाना होना चाहते थे?


रिया: वो कूर्ग में शिफ्ट होना चाहते थे.

राजदीप: वो कूर्ग जाना चाहते थे मई 2020 में?


रिया: (हां में सिर हिलाते हुए) मई 2020 में. और मेरे पास बल्कि मैसेज हैं उनके लॉयर के साथ कि, आप प्लीज घर आइए और उनको हेल्प कीजिए. वो वहां शिफ्ट होना चाहते हैं. वो वहां पर कुछ सेटअप करना चाहते हैं.

राजदीप: उसने स्टारडम पूरी तरह से छोड़ दिया था?


रिया: (मुस्कुराते हुए) बोल तो रहा था. पर मुझे लगा शायद... उसे लगा शायद कि वो 6 महीने वहां रुकेगा, फिर एक फिल्म करेगा और उसे एक बेस की तरह बना लूंगा. वो बहुत अलग था. वो बहुत ज्यादा इसमें... ये मुंबई लाइफ और सिटी लाइफ जैसे. वो इन सब चीजों का कोई बहुत बड़ा फैन नहीं था. उसे पहाड़, सुकून, खेती, ये उनके सपने थे. बल्कि ये हमारे सपने थे. कि हम कहीं और रहकर साल में एक फिल्म कर ही सकते हैं. मुंबई में... और क्या पता साथ ही कर लें तो... क्या ही बात हो.

राजदीप: जून 8 को क्या हुआ? वो पूरा दिन हमें बताइए?


रिया: (गला साफ करते हुए) तो सुशांत शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे थे और आरोपों के विपरीत कि मैं नहीं उनको जाने दे रही थी. मैं... काफी अंडरस्टैंडिंग थी उस बात को लेकर और मुझे लगा कि अगर ये उसके लिए ठीक है तो.. जो मुझे अभी भी लगता है कि ये उसके लिए बेहतर होता. तो फिर ये ठीक है. लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप भी होता है. मैं कुछ महीने वहां बिता सकती हूं. कुछ महीने अपने घर पर बिता सकती हूं. और... चलता रहा पूरे लॉकडाउन के दौरान... जब तक सुशांत का डिप्रेशन फिर से उस पर हावी नहीं हो गया. इसमें अलग-अलग फेज थे... कभी वो ठीक होते थे. कभी वो ज्यादा डिप्रेस्ड होते थे. ये बायपोलर डिसऑर्डर था.

तो इस फेज में... वो बहुत जल्दी-जल्दी अप और डाउन होता था. मतलब तकरीबन रोज ही. ऐसे जैसे... मंडे अप, ट्यूजडे डाउन. कई बार उसी दिन पर भी. और मुझे बल्कि इस बात से बहुत घबराहट हो रही थी और इसी वजह से 3 जून को मैंने डॉक्टर कृसि छाबड़ा को संपर्क किया. उनके जो मनोचिकित्सक थे, कि आप प्लीज एक बार उनसे बात कीजिए. मुझे लग रहा है कि वो पिर से डिप्रेशन में जा रहा है. और पैरानोया भी हुआ है उसको. और मेरे पास वो चैट भी हैं.

तो आप उनसे बात कीजिए और देखिए कि उन्हें किस तरह की दवाइओं की जरूरत है. 3 जून को सुशांत की डॉक्टर से बातचीत भी हुई. डॉक्टर को लगा कि हां उन्हें मेडिकेशन की जरूरत है. हां वो डिप्रेशन से जूझ रहा है. लेकिन सुशांत मेरे साथ बहुत अजीब बर्ताव कर रहा था. और बार बार मुझे कह रहे थे कि तुम.... घर जाओ. और ये घर जाओ, घर जाओ कहीं.... दूसरी जून.... बल्कि पहली जून से ही शुरू हो गया था. कि मुझे तो कूर्ग शिफ्ट करना ही है. तुम घऱ जाओ.

क्योंकि मुझे भी एंग्जायटी अटैक हो रहे थे. मई और जून के महीने में. और मेरी हालत भी देखकर सुशांत को अच्छा नहीं लग रहा था. वो कह रहा था कि जाओ, घर जाओ. ठीक और फिर मेरी मदद करो वापस आकर. तुम ही ठीक नहीं रहोगी तो मेरी हेल्प कैसे करोगी? तो 8 जून को मेरी एक थैरिपी सेशन बुक थी डॉक्टर सुजेन वॉकर के साथ. सुबह 11.30 बजे की. तो इससे ये साबित होता है कि मेरा कोई इरादा नहीं था 8 जून को जाने का.

मैं अपने घर पर थैरिपी सेशन नहीं कर सकती थी. मैं नहीं चाहती कि मेरे माता-पिता मुझे उस हालत में देखें. मुझे एक बहादुर चेहरा उनके लिए रखना पड़ता है. क्योंकि कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को ऐसा नहीं देखना चाहेंगे. तो इसलिए, 8 जून को जब मेरी थैरिपी सेशन थी तो मैंने सुशांत को बोला कि मेरा थैरिपी सेशान है. तो उन्होंने मुझे कहा कि नहीं. आप थैरिपी सेशन यहां मत करो. आप घर जाओ. तो मैंने कहा कि मुझे थैरिपी सेशन करके जाने दो. उन्होंने बोला कि नहीं. आप थैरिपी सेशन के पहले जाओगे. क्योंकि मेरी बहन आ रही है. मैंने उनको फोन किया है.

पिछले पूरे जून के महीने में वो अपनी बहनों से, अपने पिताजी से, लगातार फोन पर बात करते रहे कि, हां मैं कूर्ग शिफ्ट होने का प्लान कर रहा हूं. तो क्या आपमें से कोई मेरे साथ आएंगे? मुझे हेल्प करेंगे? और कोई जवाब नहीं आ रहा था कि वो आएंगे या नहीं आएंगे. फाइनली 8 तारीख को जब उन्होंने मुझे बोला कि तुम घर जाओ ही जाओ. तो मैंने बोला कि मैं जाती हूं पर एक ही कंडीशन है मेरी. कि आपकी बहन जो बॉम्बे में रहती हैं, गोरेगांव में रहती हैं, मीतू जी, वो आएं. वो यहां होंगी तो मैं जाऊंगी.

बल्कि मैंने उन्हें बोला था कि अभी 12 बजे हैं, कितने बजे आएंगी मीतू जी? तभी मैं जाऊंगी. जब वो बिल्डिंग के नीचे होंगी. उन्होंने कहा कि नहीं. वो एक दो घंटे में आने वाली हैं. आपको उनके आने से पहले जाना होगा. और हां, मेरे और उनके परिवार के रिश्ते कुछ खास नहीं थे. शुरुआत से ही काफी तकलीफें थीं. उनके परिवार को अब तो जायज ही है, बिलकुल ही साफ हो गया है कि बिलकुल भी पसंद नहीं हूं. मेरे ऐसे स्ट्रॉन्ग इमोशन्स ना हैं, ना थे उनके लिए. और जब कोई इंसान, मेंटल हेल्थ, डिप्रेशन, या किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से गुजर रहा होता है. तो फैमिली का वहां होना बहुत जरूरी होता है. इस बात को मैं समझती हूं, जानती हूं, मानती हूं. इसीलिए मैं चाहती थीं कि उनकी बहन आएं, और तो ही मैं जाऊं. तो जिस दिन मैं निकली, मैं चाहती थी कि मीतू, सुशांत की बहन वहां पर हों. और वो थीं.

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