बेटे आर्यन खान के ड्रग्स मामले में अरेस्ट होने के बाद से शाहरुख खान और उनके परिवार ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है. आर्यन को अक्टूबर 2021 में एनसीबी के अधिकारियों ने मुंबई से गोवा जाने वाले क्रूज में की गई रेड के बाद गिरफ्तार किया था. इसकी वजह से कुछ दिन उन्हें जेल में भी काटने पड़े थे. 28 अक्टूबर को उन्हें जमानत मिली थी. हाल ही में 24 साल के आर्यन खान को इस मामले में राहत मिली है. एनसीबी ने कुछ समय पहले ही मामले से जुड़ी चार्जशीट दायर कर दी है. इस चार्जशीट में आर्यन खान का नाम नहीं था. यानी आर्यन को क्लीन चिट मिल गई है.
शाहरुख से हुई थी मुलाकात
आर्यन खान ने कस्टडी में जितने दिन बिताए वो उनके लिए मुश्किल थे. इस दौरान उनके पिता शाहरुख खान भी उनसे मिलने पहुंचे थे. आर्यन को एनसीबी ने ड्रग पेडलर तक बता दिया था. हालांकि उनके पास किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ नहीं मिला था. शाहरुख और उनका परिवार इस मामले पर अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं. हालांकि अब एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर (ऑपरेशन्स) संजय सिंह ने इस बारे में बात की है. उन्होंने खुलासा किया है कि उनकी शाहरुख खान से क्या बात हुई थी.
संजय सिंह ने आर्यन के ड्रग्स मामले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशंस टीम यानी SIT बनाई थी. ऐसे में जांच के दौरान वह आर्यन खान के साथ-साथ उनके पिता शाहरुख खान से भी जुड़े हुए थे. अब इंडिया टुडे से बातचीत में संजय सिंह ने बताया है कि शाहरुख ने उनसे मिलने के बाद आर्यन को लेकर क्या बात की थी. साथ ही उन्होंने बताया कि बात करते हुए शाहरुख की आंखों में आंसू आ गए थे.
ड्रग्स केस पर Aryan Khan ने तोड़ी चुप्पी, बोले- क्या मैं यह डिजर्व करता था?
शाहरुख बोले थे- हमें मॉन्स्टर दिखाया जा रहा
संजय सिंह ने खुलासा किया कि जांच के दौरान उन्हें पता चला था कि आर्यन के पिता शाहरुख खान उनसे मिलना चाहते हैं. वह दूसरे आरोपियों के पेरेंट्स से मिल रहे थे तो उन्होंने शाहरुख से मुलाकात के लिए भी हां कह दी थी. जब शाहरुख और संजय मिले तो एक्टर ने बेटे आर्यन खान की मेंटल और इमोशनल हेल्थ को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने बताया था कि आर्यन कथित रूप से ठीक से सो नहीं पा रहे थे. ऐसे में शाहरुख ने उनके बेडरूम में जाकर रातभर उनका ध्यान रखा था.
संजय सिंह के मुताबिक, शाहरुख खान ने कहा था कि उनके बेटे को बिना ठोस सबूत मिले बदनाम किया जा रहा है. नम आंखों के साथ शाहरुख ने संजय से कहा था, 'हमें किसी बड़े क्रिमिनल या मॉन्स्टर्स की तरह दिखाया जा रहा है, जो समाज को बर्बाद करने आए हैं. और इसकी वजह से हमें रोज काम पर जाने में दिक्कत होती है.'