scorecardresearch
 

शर्मिला टैगोर से छ‍िपकर एक्ट्रेस बनी थीं सोहा, पता चला तो सैफ पर फूटा उनका गुस्सा

सोहा अली खान पहेली फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली थीं. इसके लिए उन्होंने मां शर्मिला और पिता मंसूर अली खान को बताए बिना अपनी कॉर्पोरेट जॉब भी छोड़ दी थी. जब उन्हें इसका पता चला तो उन्होंने सोहा के भाई सैफ अली खान को इसका जिम्मेदार ठहराया था.

Advertisement
X
सोहा अली खान, सैफ अली खान, शर्मिला टैगोर
सोहा अली खान, सैफ अली खान, शर्मिला टैगोर

शाहरुख खान-रानी मुखर्जी स्टारर पहेली फिल्म पहले सोहा अली खान को ऑफर की गई थी. इसके लिए उन्होंने अपनी बैंकिंग की जॉब भी छोड़ दी थी. फिल्म को अमोल पालेकर ने डायरेक्ट किया था. सोहा ने बताया कि उनका परिवार इस बात से बिल्कुल खुश नहीं था कि उन्होंने फिल्मों में आने का फैसला लिया. यहां तक कि उनके फिल्मों में आने के फैसले का जिम्मेदार उनके भाई सैफ अली खान ठहराया गया था. 

Advertisement

बावजूद इसके कि सोहा ने तमाम कोशिशें की फिर भी वो पहेली फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाई थीं. ऐसा क्यों और कैसे हुआ था इसका जिक्र सोहा ने खुद किया. 

नहीं भाई इंडस्ट्री की रिग्रेसिव सोच

सोहा ने क्विजिटॉक से बातचीत में बताया कि वो बहुत ज्यादा हिंदी फिल्में नहीं देखती थीं. उन्होंने 1990 के आसपास की ही कुछ फिल्में देखी थीं, जो उन्हें अच्छी नहीं लगी थी. वो बोलीं, ''जब पहेली फिल्म पर काम शुरू हुआ तो बहुत सारे आउटफिट्स बदलने होते थे और अजीबोगरीब तरीके से गानें में आने का तरीका. साथ ही बहुत तरीके से दकियानुसी सोच का सामना करना पड़ा था.'' इसके बाद सोहा ने फैसला किया ये वो नहीं है जो वो करना चाहती हैं. और अपने पैरेंट्स शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान को बताया.

Advertisement

कॉर्पोरेट नौकरी करती थीं सोहा

सोहा ने आगे कहा कि फिल्म छोड़ने के मेरे फैसले से मेरे पैरेंट्स बहुत खुश थे. उन्होंने मेरी एजुकेशन में बहुत ज्यादा निवेश किया था और वे चाहते थे कि मैं कुछ और करूं, और मैंने वही किया भी था. मैं एक बैंकर थी. लेकिन मैंने सिर्फ 13 महीने ही उस नौकरी को जारी रखा था और जब अमोल ने मुझे पहेली में एक रोल ऑफर किया था मैंने वो नौकरी छोड़ दी थी. 

सोहा ने कहा कि वो मुझे लॉन्च करना चाहते थे. लेकिन मैंने रियलाइज किया कि अगर कोई आपको फिल्म ऑफर करता है तो आपको अपनी अच्छी-खासी तनख्वाह वाली कॉर्पोरेट नौकरी नहीं छोड़नी चाहिए. एक अग्रीमेंट होना चाहिए, एक साइनिंग अमाउंट होना चाहिए.

सैफ को मिली थी वॉर्निंग

सोहा ने अपने माता-पिता को अपने नौकरी छोड़ने के फैसले के बारे में नहीं बताया था क्योंकि उन्हें पता था कि वो इसे एक्सेप्ट नहीं करेंगे. जब उन्हें तीन महीने बाद पता चला, तो वो चौंक गए. सोहा बोलीं कि उन्हें तीन महीने बाद पता चला. मैं बेरोजगार थी. मैं लोखंडवाला में एक फ्लैट के लिए 17,000 रुपये का किराया दे रही थी. मेरी कोई इनकम नहीं थी. वो बिल्कुल भी खुश नहीं थे. मेरी मां ने मेरे भाई से कहा था, 'अगर वो फिल्मों में शामिल होती है, तो ये तुम्हारी गलती होगी क्योंकि तुमने उसके दिमाग में हर तरह की बातें भरी हैं, इसलिए ऐसा मत करो.

Advertisement

सोहा ने कहा कि मैं खुद इस बारे में सोचती थी हो सकता है ये मेरे इतना अच्छा करियर साबित न हो. इसलिए थोड़ी दूर-दूर रहती थी. बता दें, सोहा ने 2004 में दिल मांगे मोर फिल्म से डेब्यू किया था. 

Live TV

Advertisement
Advertisement