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सुशांत-रिया का ऑडियो क्लिप आया सामने, खर्च कम करने और बॉलीवुड छोड़ने की कर रहे बात

पूरे 36 मिनट के इस ऑडियो को सुनने के बाद यही लग रहा है कि सुशांत ने वित्तीय सलाहकारों को आगे की प्लानिंग के लिए बुलाया है. ऑडियो में सुशांत बॉलीवुड छोड़ने, अपने रिटायरमेंट, अपनी बीमारी की बात कर रहे हैं. रिया और इंद्रजीत चक्रवर्ती भी अपनी बात रख रहे हैं. 

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सुशांत सिंह राजपूत
सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत केस में आजतक के पास इस साल जनवरी का एक ऑडियो क्लिप है. इसमें सुशांत, रिया और इंद्रजीत चक्रवर्ती और कुछ वित्तीय सलाहकार साथ बैठकर सुशांत के फाइनेंशियल मैनेजमेंट की बात कर रहे हैं. सुशांत इसमें ट्रस्ट बनाने के बारे में बात कर रहे हैं. सुशांत अपने भविष्य को लेकर और बॉलीवुड छोड़ने बात कर रहे हैं. साथ ही सुशांत अपने रिटायरमेंट प्लान्स पर बात कर रहे हैं.

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ऑडियो क्लिप में क्या बोल रहे सुशांत?

पूरे 36 मिनट के इस ऑडियो को सुनने के बाद यही लग रहा है कि सुशांत ने वित्तीय सलाहकारों को आगे की प्लानिंग के लिए बुलाया है. ऑडियो में सुशांत बॉलीवुड छोड़ने, अपने रिटायरमेंट, अपनी बीमारी की बात कर रहे हैं. रिया और इंद्रजीत चक्रवर्ती भी अपनी बात रख रहे हैं. 

रिया का था सुशांत के पैसों की एफडी कराने का प्लान

ऑडियो क्लिप में रिया कह रही हैं कि सुशांत को पैसे की एफडी तैयार करनी चाहिए. रिया बोल रही हैं- मैं ये सब ऐसे चाहती हूं कि उदाहरण के तौर पर मैं वहां पर नहीं हूं, श्रुति और मिरांडा भी नहीं हैं और कोई नया शख्स सुशांत के साथ है. उसे सुशांत का कार्ड मिल जाए. पहली चीज तो मैं सुशांत से कहूंगी कि सारे पैसों की एफडी बना ले. हम सुशांत का सारा पैसा एफडी में रखेंगे. सुशांत के कार्ड में 10-15 लाख से ज्यादा नहीं होंगे. दूसरी बात जो पैसा सुशांत के पास है, जिससे सुशांत को ब्याज मिलता रहे. सुशांत की जमा पूंजी भी सुरक्षित रहेगी. सुशांत के दस्तखत के बिना कोई एफडी तुड़वा ना सके. 

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मुंबई से निकलना चाहते थे सुशांत
सुशांत ऑडियो क्लिप में बोल रहे हैं कि मैं इस शहर से निकलना चाहता हूं. वहीं रिया बोल रही हैं पहले हम गोवा जाना चाहते हैं. एक-दो महीने वहां रहेंगे. उसके बाद हम फैसला करेंगे. ये अपने भविष्य को लेकर सोच रहा है.
सुशांत बोलते हैं रिटायरमेंट जैसी चीजों के लिए कैसे होगा ये? मैं मदद चाहता हूं. रिया बोलती हैं ये सारी चीजें पैसों के लिए है. जो पैसे इसके पास है उसका रिटर्न क्या मिलेगा. सुशांत बोलते हैं कि मैं किसी प्राकृतिक जगह पर जाना चाहता हूं. रिया बोलती हैं पावना या ऐसी जगह, जहां मन को शांति मिले. हम एक या दो दिन पावना जाएंगे. और वहां देखते हैं कि कैसा महसूस होता है. मैं ज्यादातर वक्त इनके साथ रहना चाहती हूं. फिर हम इस घर से निकलने की बात करेंगे.

 

मैं ये समय खराब नहीं कर सकता-सुशांत
आगे सुशांत बोल रहे हैं मैं मुश्किल से ही अपने कमरे से बाहर जाता हूं. ये सब मेरी बौद्धिक जिज्ञासा है अपने आप का ख्याल रखने के लिए. लेकिन वित्तीय तौर पर नहीं. क्योंकि मेरा दिमाग इस हालत में नहीं है. एक दिन मैं कुछ महसूस करता हूं और दूसरे दिन कुछ और. तो मैं ये समय खराब नहीं कर सकता. वहीं रिया बोलती हैं हम सबसे अच्छे लोग हैं.

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ऑडियो में सुशांत कह रहे हैं- मैं केवल निवेदन करना चाहता हूं. हम ये सब कैसे खत्म कर सकते हैं और पैसा बचा सकते हैं. हां यहां पर मैं अपने दिमाग से लड़ रहा हूं. ये ही सबसे मुश्किल वक्त है जो मैंने कभी नहीं देखा है. अन्य आवाज- बुरे वक्त के समय ही प्राइवेट ट्रस्ट को बनाया जाता है. जहां पर व्यक्ति के सारे वित्तीय निर्णयों को ट्रस्ट से जुड़े लोगों को साथ में रखकर देखरेख की जाती है.


आगे रिया बोलती हैं- मान लीजिए हम 10 रु इस ट्रस्ट में दे रहे हैं. उससे एफडी बनना चाहते हैं या म्यूचुअल फंड खरीदना चाहते हैं. क्या ट्रस्टी ऐसा कर सकते हैं? ट्रस्टी तय करेंगे कि बेहतर क्या रहेगा? तो दूसरी आवाज आती है कि ट्रस्टी ही डिसाइड करेगा. किसमें बेहतर रिटर्न मिलेगा और जोखिम कम है. ये आसान भी हो सकता है और पेचीदा भी.

पूरे ऑडियो में सुशांत अपने फ्यूचर प्लान्स को लेकर बात कर रहे हैं.  

 

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