'हीरामंडी' में ताजदार बलोच का लीडिंग कैरेक्टर प्ले करने वाले एक्टर ताहा शाह बदुशा, सोशल मीडिया की जनता के नए क्रश बन चुके हैं. एक मशहूर तवायफ की बेटी के साथ इश्क और देश की आजादी के लिए इंकलाब के बीच उलझे इस किरदार को ताहा ने जैसे निभाया, उसने ऑडियंस बहुत इम्प्रेस हुई.
मगर ये जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि ताहा ने पहले शो के लीड रोल के लिए ऑडिशन नहीं दिया था. उन्होंने 'हीरामंडी' के एक सपोर्टिंग कैरेक्टर के लिए ऑडिशन दिया था जिसका स्क्रीन टाइम, लीड कैरेक्टर के मुकाबले काफी कम था. ताहा ने ये भी बताया कि परफेक्शन के लिए मशहूर, 'हीरामंडी' के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने शूट शुरू होने पर कैसे उन्हें टेस्ट किया था.
'अब मेरे बारे में गर्व से बात करती हैं मां'
इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में ताहा ने बताया कि जबसे 'हीरामंडी' रिलीज हुआ है, उनके पास लगातार तारीफ भरे कॉल्स और टेक्स्ट आ रहे हैं. फिल्म इंडस्ट्री से नील नितिन मुकेश और बाबिल खान ने उन्हें इंस्टाग्राम पर कांटेक्ट किया और नंबर लिया. लेकिन ताहा कहते हैं कि उनके 'करियर का सबसे बड़ा रोल' उनके परिवार को बहुत खुशी दे रहा है. उन्होंने बताया, 'मैं अपनी मां को बहुत खुश देख रहा हूं और वो दूसरों से मेरी बात करने में गर्व से भरी हुई दिखती हैं. मैं चुपके से उन्हें सुनता रहता हूं.'
ताहा ने आगे कहा, 'हीरामंडी एक एक्टर के तौर पर लोगों का मेरे लिए परसेप्शन बदलेगी, अब वो मुझे एक ऑप्शन की तरह देख सकते हैं. पहले तो मैं ऑप्शन भी नहीं था. उम्मीद है कि अब लोग कहेंगे 'ताहा को बुलाओ.'
जिस रोल के लिए दिया ऑडिशन उसमें हुए रिजेक्ट
बातचीत में ताहा ने बताया कि पहले उन्हें 'हीरामंडी' में ताजदार बलोच के दोस्त, बलराज का रोल ऑफर हुआ था. लेकिन जब उन्हें पता लगा कि इस किरदार के ऑडिशन में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है, तो उन्हें बहुत दुख हुआ. उन्होंने कहा, 'मुझे प्रोजेक्ट्स से हटाए जाने की और रिजेक्शन फेस करने की आदत हो चुकी थी. पहले भी निकाला गया था. ये सब होता रहता था मेरे साथ.'
ताहा ने आगे बताया कि फिर कैसे उनके लिए लाइफ बदल देने वाला मोमेंट आया. 'उन्होंने (भंसाली ने) मुझे कहा 'मैंने तुम्हारी आंखों में कुछ देखा है और मैं चाहता हूं कि तुम ताजदार का किरदार निभाओ.' एक ऐसे आदमी के लिए जो स्ट्रगल कर रहा है और अलग-अलग किरदार निभाना चाहता है, ये बहुत बड़ा शॉक था.'
भंसाली ने इस तरह लिया ताहा का टेस्ट
ताहा ने बताया कि शूट की शुरुआत में डायरेक्टर भंसाली ने उनसे बात ही नहीं की. उन्होंने कहा, 'पहले 2 दिन तक तो संजय सर ने मुझसे बात ही नहीं की. वो मेरे पास भी खड़े होते थे और अगर कुछ इंस्ट्रक्शन देने होते थे तो अपने असिस्टेंट, अमरिंदर को मेरे पास भेजते थे.' उन्होंने कहा कि भंसाली लोगों को टेस्ट करना पसंद करते हैं. वो अलग-अलग सिचुएशन में लोगों का रिएक्शन और बर्ताव ऑब्जर्व करते हैं.
आगे ताहा ने बताया, '3 दिन के बाद वो मुझे साइड में लेकर गए और बोले, 'तू मुझसे बात क्यों नहीं करता? तू मेरे पास आकर बैठ, मॉनिटर में देख. मुझे देख और ऑब्जर्व कर.' तो जब भी वो सेट पर होते थे, मैं उन्हें ऑब्जर्व करता थाऔर उनके पास बैठता था. मैं लकी था जो उन्होंने मुझे डांटा नहीं.'
जहां भंसाली डायरेक्शन के दौरान कई बार सख्त मूड और गुस्सा हो जाने के लिए मशहूर हैं, वहीं ताहा का मानना है कि उनका सेन्स ऑफ ह्यूमर बहुत अच्छा है. भंसाली के अलावा, ताहा ने एक्टर फरीदा जलाल का जिक्र किया जिन्होंने हीरामंडी में कुदसिया बेगम का किरदार निभाया है.
उन्होंने कहा, 'हम दोनों के बीच पहले ही दिन दोस्ती हो गयी थी. जब भी मैं उनसे पूछता 'आप कैसी हैं?' तो वो मुस्कुरा कर कहती हैं , 'मैं लड्डू हूं'. वेटरन एक्टर फरीदा के बारे में ताहा ने कहा, 'वो मेरे लिए एक दोस्त, मां जैसी और मेंटर भी हैं.'