कोरोना वायरस महामारी का दौर लोगों की जिंदगी में एक चुनौती बनकर सामने आया है. एक्ट्रेस टिस्का चोपड़ा के लिए भी ये दौर ना केवल चुनौतियों से भरा रहा है बल्कि इस दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण चीजों का एहसास भी हुआ है.
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में टिस्का ने कहा कि संकट के वक्त ही हर इंसान के सही नेचर के बारे में पता चलता है और ये भी एक ऐसा ही दौर था. मुझे एहसास हुआ कि मैं जितना समझती थी उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हूं. मैं इस दौर में जान-माल को हुए नुकसान को लेकर भी बहुत परेशान रही. हालांकि कोरोना काल के मुश्किल दौर के बावजूद टिस्का ने अपने आपको बेहतर किया है. वे कोरोना काल में एक कविता रिलीज कर चुकी हैं जिसमें उन्होंने लॉकडाउन की दिक्कतों पर बात की है. इसके अलावा वे एक स्क्रिप्ट और एक किताब भी खत्म कर चुकी हैं.
मुझे एहसास हुआ कि मुंबई से बाहर भी घर की जरूरत है: टिस्का
टिस्का ने ये भी कहा कि वे एक्टिंग के साथ ही डायरेक्शन पर भी फोकस करने की कोशिश कर रही हैं. टिस्का की अगले महीने एक फिल्म भी रिलीज हो रही है जिसे उन्होंने प्रोड्यूस किया है, डायरेक्ट किया है और लिखा भी है. ये फिल्म कोरोना महामारी से पहले शूट हुई थी.
इसके अलावा टिस्का को प्रकृति की अहमियत के बारे में एहसास हुआ और अब वे मुंबई से बाहर भी एक घर तलाश रही हैं जो नेचर के करीब हो. उन्होंने कहा कि मैं जल्द ही मुंबई से बाहर घर तलाशना चाहती हूं. मुझे एहसास हुआ कि आप इस शहर में काम कर सकते हो और किसी दूसरी जगह अपनी लाइफ बिता सकते हो. मैं महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश जैसे ऑप्शन्स तलाश रही हूं. हिमाचल में मेरा जन्म हुआ है और मुझे पहाड़ काफी पसंद है. हम एक ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां सिंपल लाइफ जी जा सके.