दिग्गज म्यूजिक डायरेक्टर और नेशनल अवॉर्ड विनर वनराज भाटिया का शुक्रवार को मुंबई में निधन हो गया. वो 93वें साल के थे और उम्र संबंधी बीमारी से ग्रस्त थे. एक्टर फरहान अख्तर ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके काम को याद किया है.
फ्ल्मों- टीवी शोज के लिए बनाया म्यूजिक
वनराज ने मंथन, भूमिका, जाने भी दो यारों, 36 Chaurangi Lane, जुनून जैसी फिल्मों के लिए म्यूजिक कंपोज किया है. भारत एक खोज और तमस जैसे टीवी शोज के लिए भी उन्होंने म्यूजिक बनाया. उन्हें भारत के वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक का सबसे बड़ा कंपोजर कहा जाता है. उन्होंने 1988 में टीवी शो तमस के लिए अपने म्यूजिक स्कोर के लिए नेशनल अवॉर्ड जीता. 2012 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया.
फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजरे वनराज
वो फाइनेंशियल क्राइसिस और उम्र संबंधी बीमारी से गुजर रहे थे. उन्होंने अपने घर के सामान को सेल के लिए भी लगाया था. एक्टर कबीर बेदी ने उनकी मदद भी की थी. वनराज सिंगल थे और साउथ मुंबई के घर में अकेले रहते थे. वनराज ने 70s,80s और 90s में एडवर्टाइजिंग जिंगल कंपोज किए. उन्होंने लगभग 7000 जिंगल कंपोज किए.
RIP #VanrajBhatia .. apart from the many other brilliant musical works he created, I vividly remember the theme of ‘Tamas’ that started with a shriek so filled with anguish, it could send a chill up anyone’s spine and break anyone’s heart.
— Farhan Akhtar (@FarOutAkhtar) May 7, 2021
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उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म्स के म्यूजिक के लिए जाना जाता है. उन्होंने कई फिल्मों के लिए बैकग्राउंड स्कोर और कई टीवी शोज के लिए ओपनिंग टाइटल तैयार किए. 70 के दशक के आखिरी में उन्होंने श्याम बेनेगल और गेविंद निहलानी के साथ कई फिल्मों में काम किया.
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वनराज का जन्म मुंबई में हुआ. रॉयल एकेडमी ऑफ म्यूजिक लंदन और पेरिस कंजरवेट्री से पढ़ाई की. उन्होंने शम्मी कपूर की फिल्म दिल देके देखो से म्यूजिक की शुरुआत की. उनकी आखिरी फिल्म 2000 में सरदारी बेगम और हरी भरी थी.