देश के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमा सम्मान, नेशनल फिल्म अवार्ड्स के विनर अनाउंस हो चुके हैं. इस बार जहां तमिल फिल्म 'पोन्नियन सेल्वन' ने सबसे ज्यादा, 4 अवॉर्ड अपनेनाम किए. वहीं बॉलीवुड फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' भी 3 अवॉर्ड जीतकर इसके पास पहुंची. हर बार की तरह सिनेमा फैन्स में अपनी फेवरेट फिल्म और आर्टिस्ट्स का नाम नेशनल अवॉर्ड्स की लिस्ट में देखने की एक्साइटमेंट भी खूब थी.
लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ फैन्स विक्रांत मैसी की फिल्म '12वीं पास' का नाम इस लिस्ट में न देखकर निराश नजर आए. पिछले साल आई डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा की इस फिल्म ने जनता के इमोशंस को बहुत गहराई से छुआ था और ये फिल्म 2023 की सबसे बड़ी हिट्स में से भी थी.
विक्रांत के काम ने भी ऑडियंस को बहुत इम्प्रेस किया था और उनका काम देखने के बाद, थिएटर्स से निकलते ही लोग बोलने लगे थे कि ये नेशनल अवॉर्ड वाली परफॉरमेंस है. तो फिर 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की लिस्ट से इस फिल्म का नाम गायब क्यों हुआ? इस साल रिलीज हुई 'चंदू चैंपियन' देखने के बाद भी सोशल मीडिया पर फैन्स कैंपेन चलाने लगे थे कि कार्तिक आर्यन इसके लिए नेशनल अवॉर्ड डिजर्व करते हैं. लेकिन नेशनल अवॉर्ड्स की अनाउंसमेंट में इस फिल्म का भी नाम नहीं था. आइए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों हुआ...
रेस में ही नहीं थी '12वीं फेल'
वैसे तो नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के सीधा विनर अनाउंस किए जाते हैं, पॉपुलर फिल्म इंडस्ट्री अवॉर्ड्स की तरह इसकी कोई नॉमिनेशन लिस्ट नहीं अनाउंस की जाती. इसलिए ये साफ नहीं बताया जा सकता कि कौन सी फिल्में अवॉर्ड्स की रेस में ज्यूरी की फेवरेट हैं. फिर भी फिल्मों के लिए ऑडियंस और क्रिटिक्स की जनरल फीलिंग के जारी लोग ये अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं कि कौन सी फिल्म नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की रेस में आगे है. लेकिन '12वीं फेल' इस बार के नेशनल अवॉर्ड की रेस में हो ही नहीं सकती थी, इसकी एक बहुत टेक्निकल वजह है.
70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड उन फिल्मों के लिए दिए गए हैं, जिन्हें फिल्म सेंसर बोर्ड ने 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेंसर सर्टिफिकेट दिया है. जबकि, दिसंबर 2022 में तो विक्रांत मैसी की '12वीं फेल' का शूट ही खत्म हुआ था.
इस फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट (फिल्म की शुरुआत में ये सर्टिफिकेट डिस्प्ले होता है) मिला 6 अक्टूबर 2023 को और 27 अक्टूबर को ये थिएटर्स में रिलीज हुई. यानी ये 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड की कट ऑफ डेट में ही नहीं थी. इसका मतलब ये भी है कि अगर आप '12वीं फेल' के फैन हैं तो निराश न हों, ये फिल्म अगले यानी 71वें नेशनल अवॉर्ड्स की रेस में होगी.
ठीक इसी वजह से कार्तिक आर्यन की 'चंदू चैंपियन' भी इस बार अवॉर्ड्स की रेस में नहीं थी, क्योंकि इसका सेंसर सर्टिफिकेट 31 मार्च 2024 को मिला है. और कार्तिक की फिल्म को नेशनल अवॉर्ड्स के लिए ज्यूरी के सामने जाने का मौका 72 वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की वजह से है.
कोविड ने करवाया सारा कन्फ्यूजन
दरअसल, ये सारा कन्फ्यूजन इस वजह से है क्योंकि हर साल होने वाले नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स, बीते साल सेंसर सर्टिफिकेट पाने वाली फिल्मों के लिए दिए जाते थे. यानी कायदे से अगर 2024 में अवॉर्ड विनर्स की लिस्ट अनाउंस हो रही है, तो जनरल सेन्स यही बनता है कि इसमें 2023 में रिलीज हुई फिल्मों को अवॉर्ड मिला है. लेकिन कोविड 19 में जब दुनिया ठप्प हुई, तो फिल्में ही नहीं, अवॉर्ड्स भी ठप्प हुए. इसलिए 2020 की फिल्मों के लिए जो अवॉर्ड्स 2021 में अनाउंस होने थे, वो 2022 में अनाउंस हुए. और सबके ध्यान में जो एक साल का गैप था, वो अब 2 साल का हो गया.
ये कन्फ्यूजन और बढ़ा जब 2023 में आलिया भट्ट को 'गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'द कश्मीर फाइल्स' को अवॉर्ड मिला, क्योंकि ये फिल्में 2022 में रिलीज हुई थीं. लेकिन असल में इन्हें 2021 में सेंसर सर्टिफिकेट मिल चुका था और कोविड 19 की वजह से इनकी रिलीज टाल दी गई थी. और इसी वजह से इन फिल्मों को उसी लिस्ट में अवॉर्ड मिला, जिसमें 2021 में रिलीज हुई अल्लू अर्जुन स्टारर 'पुष्पा: द राइज' शामिल थी.
इस बार ये हुआ कि जैसे ही लोगों को नेशनल फिल्म अवॉर्ड की अनाउंसमेंट के बारे में पता चला, तो सभी पहले से चले आ रहे नॉर्मल आईडिया के हिसाब से, एक साल पहले आईं फिल्मों में से अपने फेवरेट्स चुन लिए. और इसीलिए कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने 2023 में आई '12वीं फेल' को लिस्ट में जोड़ लिया. जबकि असल में चुनना, 2022 की फिल्मों में से था.