प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत पर अनुराग कश्यप की कही टिप्पणी विवेक अग्निहोत्री को जरा भी पसंद नहीं आई. विवेक और अनुराग की सोच एक दूसरे से बिल्कुल परे है, तभी तो दोनों अक्सर ही जुबानी जंग का हिस्सा बन जाते हैं. इस बार भी ऐसा ही हुआ.
विवेक ने जताई नाराजगी
गुरुवार को अनुराग कश्यप अपनी आने वाली फिल्म ऑल्मोस्ट प्यार विद मोहब्बत का प्रमोशन करने पहुंचे थे. जहां प्रेस से बातचीत में उनसे प्रधानमंत्री के बयान के बारे में पूछा गया. एक पार्टी इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बायकॉट ट्रेंड और फिल्मों पर बढ़ते विरोध को लेकर कहा था कि- 'कोई भी नेता उठकर किसी भी फिल्म के बारे में बोलने लगता है और सारा दिन टीवी पर वही चलता है. तो लोगों को ऐसे कमेंट करने से बचना चाहिए.'
हाल ही में अनुराग कश्यप ने पीएम मोदी के एक बयान पर कहा था कि उन्हें ये चार साल पहले करना चाहिए था, अब मॉब हाथ से निकल चुका है. अनुराग का दर्शकों को मॉब कहना विवेक अग्निहोत्री को रास नहीं आया. उन्होंने भी इसपर रिएक्ट किया. विवेक ने अनुराग पर लिखे एक आर्टिकल के लिंक को शेयर कर कमेंट किया- ऑडियन्स अब मॉब है. वाह! वाह! वाह!
Audience is ‘mob’ now?
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) January 20, 2023
Wow! Wow! Wow! pic.twitter.com/M1MF3FjegC
पीएम मोदी के बयान पर अनुराग का रिएक्शन
अनुराग से पूछा गया कि आपको क्या लगता है कि बॉलीवुड को बॉयकॉट करने वालों का असर कम होगा. लोग पीएम के मैसेज को गंभीरता से लेंगे? क्योंकि इससे पहले इतने बड़े नेता ने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. जवाब मे अनुराग ने कहा था कि- 'ये वो चार साल पहले कहते तो मुझे लगता है असर होता. अब मुझे नहीं लगता कि इस बात का कोई असर होगा. अब चीजें हाथ से निकली हुई हैं. मतलब ऐसा नहीं है कि अभी कोई किसी को सुनेगा. जब आप पक्षपात और नफरत को सशक्त करते हो अपनी चुप्पी से... अब वो इतनी ज्यादा सशक्त हो चुकी हैं कि मॉब बाहर निकल चुका है.'
पहले भी भिड़ चुके हैं दोनों डायरेक्टर्स
द कश्मीर फाइल्स डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री और अनुराग कश्यप पहले भी कई मुद्दों पर आमने-सामने आ चुके हैं. सोशल मीडिया पर दोनों अक्सर ही मतभेदों का शिकार हुए हैं. इससे पहले भी विवेक अग्निहोत्री ने बॉलीवुड के डूबने की वजह अनुराग कश्यप जैसे डायरेक्टर्स को बताया था. अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो नहीं चाहते कि कश्मीर फाइल्स ऑस्कर के लिए जाए. इस स्टेटमेंट पर विवेक जमकर बरसे थे.
विवेक उनकी मंशा के बारे में बात करते हुए आगे कहते हैं, इनका मकसद भारत के हित को आहत करना है. ये बहुत बड़ी समस्या है. ये जेनोसाइड डिनायल करने वाले लोग हैं. अनुराग कश्यप ने तो खुलेआम कहा है कि वो हिंदू फोबिक है. ये लीडरशीप लेकर कैंपेन चलाना चाहते हैं. ये फैसला, तो ज्यूरी के हाथों होना चाहिए न कि कौन सी फिल्म को ऑस्कर में भेजनी है या क्या होना है. आप क्यों कैंपेनिंग कर रहे हैं. आपने वहां आरआरआर का जिक्र किया है, तो अच्छी बात है लेकिन कश्मीर फाइल्स के बारे में जो बातें कहीं, वो कैसे बर्दाश्त की जाए.