कॉमेडी और ठहाकों के लिए जानी जाती कपिल शर्मा शो की जज साहिबा और अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह लम्बे समय से बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. अर्चना ने कई छोटी-बड़ी फिल्मों में काम किया हुआ. इसमें से ऋतिक रोशन और प्रियंका चोपड़ा स्टारर कृष भी है. आजतक से खास बातचीत में अर्चना पूरन सिंह ने कहा कि वह फिल्म कृष की पिकनिक कभी नहीं भूल सकतीं.
बॉलीवुड के पहले सुपर हीरो के साथ काम करने का ख्वाब हुआ पूरा
अर्चना ने कहा- सबसे पहले तो मैं राकेश रोशन जी का शुक्रिया करना चाहूंगी, जिन्होंने मुझे फिल्म में काम करने का ऑफर दिया. उसके बाद मैं उन सभी को भी धन्यवाद करूंगी, जो फिल्म कृष का हिस्सा रहे. 15 साल पहले आई इस फिल्म की तमाम यादें मेरे जेहन में आज भी जिंदा हैं. मैं ऋतिक के साथ फिल्म में काम करने को लेकर बेहद एक्साइटेड थी. जब हमने साथ काम किया तो मैं और भी ज्यादा ऋतिक से प्रभावित हुई.
ऋतिक बहुत ही प्रोफेशनल और डिसिप्लिन के साथ काम करते थे. राकेश जी भले ही इस वक्त नई सोच के साथ सुपरहीरो वाली फिल्म कृष बना रहे थे, लेकिन काम करने का उनका अंदाज वही ओल्ड स्कूल डायरेक्टर जैसा था. पूरे परफेक्शन के साथ ही काम होता था और हमें बड़ा मजा आता था. फिल्म में प्रिया यानी प्रियंका चोपड़ा की बॉस का किरदार निभाने का मुझे मौका मिला, जिसे दर्शकों में बहुत प्यार दिया. मैं हमेशा तहे दिल से उन सब की आभारी रहूंगी.
जब अर्चना से एक बार सुपरहीरो ने छीना मेरे हाथ से मोबाइल
मेरी तरह मेरा बेटा भी ऋतिक का बहुत बड़ा फैन है. दिन रात उसी के बारे में बात करता रहता था. जब उसे पता चला कि मैं ऋतिक के साथ ही शूटिंग कर रही हूं तो आप समझ ही सकते हैं. खैर एक बार क्या हुआ कि मैं सेट पर ही अपने बेटे के साथ फोन पर बात कर रही थी कि अचानक मेरे हाथ से किसी ने फोन छीना और आगे बढ़ गया. मैंने पलट कर देखा तो वो और कोई नहीं ऋतिक था. उसने अचानक ही मेरे बेटे से बात करनी शुरू कर दी और बहुत देर तक बात करता रहा. मेरा बेटा बहुत खुश हुआ. ऋतिक एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ एक उम्दा इंसान भी है, जो अपने आसपास सबको रिस्पेक्ट करते हैं.
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शूटिंग के बाद पिकनिक पर जाया करते थे स्टार्स
कृष की शूटिंग के दौरान मुझे याद है कि सिंगापुर में हम सब एक बस में सारी यूनिट के साथ बैठकर पिकनिक पर जाया करते थे. वहां नसीर साहब भी थे, जिनसे मेरी काफी लंबे अरसे के बाद मुलाकात हुई थी. मैं उनसे खूब बातें किया करती थी. हम सब साथ वहां के एक सी साइड रेस्टोरेंट में जाते थे. साथ खाना खाना, साथ घूमना और फिर साथ एक ही होटल में रहना.
ज्यादातर सब आस पास ही होते थे तो कभी गप्पे लड़ाने के लिए हम एक दूसरे के रूम में चले जाते थे और घंटों हंसी मजाक चलता रहता था. हम वहां गेम्स भी खेलते थे और खूब चीटिंग भी करते थे. लेकिन साथ-साथ काम की और हमारे नेक्स्ट शेड्यूल की चर्चा भी बीच में होती रहती थी. हमें कभी काम का प्रेशर नहीं महसूस हुआ बड़ी ही सहजता के साथ हमने आउटडोर शूटिंग की और बहुत कुछ राकेश जी के निर्देशन में सीखा. एक सुपरहीरो पर फिल्म बनाने का और उसे हिट करवाने का उनके पास हुनर कमाल का है.