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कहां है वो एक्टर जो शाहरुख खान की दो हीरोइनें ले 'उड़ा'?

फिट बॉडी, लंबे सिल्की बाल, दिखने में स्मार्ट, और स्माइल ऐसी कि कोई भी इनपर फिदा हो जाए. हां, हम उसी लड़के की बात कर रहे हैं, जिसे आपने 90 के दशक में हमेशा 'हीरो के दोस्त' के रोल में देखा है. इन्होंने निभाए तो कई वर्सेटाइल किरदार हैं, पर अपनी छवि कभी हीरो की न बना सके. यह कोई और नहीं, बल्कि दीपक तिजोरी हैं.

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शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, दीपक तिजोरी
शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, दीपक तिजोरी

18-19 साल का एक लड़का एक दिन समंदर किनारे अकेला बैठा था. ठंडी हवा चल रही थी. उसके हाथ में वडा पाव था. वह खा ही रहा था कि अचानक से वहां उसके कुछ सीनियर्स और जूनियर्स आ धमके. जैसे ही उन्होंने उस लड़के को देखा, सबसे पहले तो बोले, अरे ये तो वही लड़का है न जो अपने कॉलेज में ज्यादा किसी से बात नहीं करता, पर कॉलेज की लड़कियां इसपर मरती खूब हैं. हंसते- मुस्कुराते हुए लड़कों की टोली इस क्यूट ब्वॉय की ओर बढ़ी. और इनमें से एक लड़के ने उससे कहा, हमें पता है तुम कॉलेज में किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखते, पर क्या तुम हमारे साथ थिएटर में प्ले परफॉर्म करना पसंद करोगे? पहले तो यह लड़का ठिठकता है, फिर सोचकर जवाब देता है, ठीक है, पर मुझे एक्टिंग नहीं आती. मैं तुम लोगों की तरह बिल्कुल भी फिल्मी नहीं.   

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फिट बॉडी, लंबे सिल्की बाल, दिखने में स्मार्ट, और स्माइल ऐसी कि कोई भी इनपर फिदा हो जाए. हां, हम उसी लड़के की बात कर रहे हैं, जिसे आपने 90 के दशक में हमेशा 'हीरो के दोस्त' के रोल में देखा है. इन्होंने निभाए तो कई वर्सेटाइल किरदार हैं, पर अपनी छवि कभी हीरो की न बना सके. यह कोई और नहीं, बल्कि दीपक तिजोरी हैं. वही, दीपक तिजोरी, जिनके लिए यह भी कहा जाता है कि वो शाहरुख खान की दो हीरोइनों को ले उड़े. 

शाहरुख खान, दीपक तिजोरी
शाहरुख खान, दीपक तिजोरी

ले उड़े कैसे?

दरअसल, शाहरुख खान की फिल्म आई थी 'कभी हां कभी ना'. इस फिल्म के क्लाइमैक्स में शाहरुख खान (सुनील) की हीरोइन और लव ऑफ लाइफ सुचित्रा कृष्णमूर्ती (एना), दीपक तिजोरी (क्रिस) के साथ चली जाती है, जिन्हें वह प्यार करती है. इसी तरह फिल्म 'अंजाम' में शाहरुख (विजय) क्योंकि विलेन के किरदार में होते हैं और पूरी शिद्दत से माधुरी दीक्षित (शिवानी) को पाना चाहते हैं. पर फिल्म में माधुरी की शादी पहले से ही दीपक (अशोक) से हुई होती है, तो ऐसे में फिल्म के क्लाइमैक्स में वह उन्हें ही चुनती हैं.

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आमिर रहे जूनियर, फिर भी इन्हें पछाड़कर बन गए फिल्मों के हीरो

साल 1998 में एक फिल्म आई थी. नाम था 'गुलाम'. व्हाइट टी- शर्ट और जीन्स में बैठे दीपक तिजोरी एक इंटरव्यू में बता रहे हैं कि आमिर खान को मिस्टर पर्फैक्शनिस्ट ऐसे ही नहीं कहा जाता. वह असल में अपनी हर फिल्म में जान झोंक देते हैं. 'गुलाम' में 'चार्ली' के रोल के लिए आमिर खान ने मेरा नाम रिकमेंड किया था. आमिर, इस फिल्म की कास्टिंग टीम का हिस्सा था. आमिर ने कहा कि चार्ली के रोल के लिए दीपक को लेकर आओ. 

आमिर उन लोगों में से रहा है जो किसी के लिए कोई फेवर नहीं करता. उसे सिर्फ काम से मतलब होता है. जब फिल्म 'लगान' बन रही थी तो उसने मुझे नहीं बुलाया. पर हां, जब फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' की बारी आई तो उस समय उसने मुझे खुद फोन करके बुलाया था. मैंने इस फिल्म के लिए पहले ऑडिशन दिया था पर मैं रिजेक्ट हो गया था. इस फिल्म को करने के मैं बिल्कुल मूड में नहीं था. दरअसल, 'जो जीता वही सिकंदर' की शूटिंग 75 फीसदी हो चुकी थी. पर फिर यह किसी वजह से बीच में रुक गई. बात यहां तक आ पहुंची कि फिल्म पूरी होगी ही नहीं. आमिर, फिल्म 'दिल है के मानता नहीं' की शूटिंग के लिए ऊटी चला गया. वहां, आमिर ने भट्ट साहब को कहा कि दीपक को बोलो वह मंसूर को जाकर मिल ले. मंसूर फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' के डायरेक्टर थे.  

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जो जीता वही सिकंदर
जो जीता वही सिकंदर

भट्ट साहब फिल्म की शूटिंग दो दिन के लिए बीच में रोककर मुंबई आए. मुझे बुलाया, कहा घर पर आ. मैं गया, उन्होंने कहा मंसूर को जाकर मिल ले. लेकिन मेरे अंदर ईगो था, यह सोचकर कि अभी तो मुझे उन्होंने रिजेक्ट किया है. भट्ट साहब ने मुझे डांट लगाई और कहा तू ईडियट है तू जा. मैं बोल रहा हूं तुझे. फिल्म तुझे करनी पड़ेगी. आमिर ने मुझे कहा तुझे बोलने को. तू जा. मैं गया. वहां जाकर मैं मंसूर साहब के पिता नासिर साहब से मिला. उन्होंने मुझे जब इस फिल्म को करने को कहा, तो मैं उन्हें इनकार नहीं कर सका. मंसूर साहब के साथ मैं काम इसलिए भी नहीं करना चाहता था, क्योंकि वो एक सीन के 40-50 रीटेक्स लेते थे. एक सीन के लिए ओके ही नहीं बोलते थे.

दीपक और आमिर ने कॉलेज के दिनों से साथ काम किया है. अब आप सोच रहे होंगे कि कैसे. तो हम आपको बताते हैं. दीपक जब उस दिन समंदर किनारे बैठे थे तो उनके पास जो लड़के आए थे उनमें से एक आमिर खान थे. आमिर, दीपक के कॉलेज में जूनियर रहे हैं. पर आमिर ने मौके पर चौका मार दिया और फिल्मों के हीरो बन गए. लेकिन दीपक तिजोरी सिर्फ 'हीरो के दोस्त' बनकर रह गए. 

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'मैंने प्यार किया' के हीरो बनते- बनते रह गए दीपक

सूरज बड़जात्या ने फिल्म 'मैंने प्यार किया' के लीड रोल के लिए सबसे पहले बंगाली एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी को अप्रोच किया था. उनकी फिल्म 'अमर संगी' रिलीज हुई थी जो ब्लॉकबस्टर हिट थी. इसके बाद की एक्टर की डेट्स दूसरी फिल्मों के लिए ब्लॉक्ड थीं. इसलिए उन्होंने इसे करने से इनकार कर दिया था. 

इसके बाद सूरज ने यह रोल फराज खान को ऑफर किया. फराज को सूरज ने करीब 50-55 लोगों की लिस्ट से शॉर्टलिस्ट किया था. पर फराज ने भी इसे करने से मना कर दिया था. थक-हारकर सूरज ने पीयूष मिश्रा को अप्रोच किया. 

पीयूष ने कई बार इंटरव्यूज में इसके बारे में जिक्र भी किया है. पर क्या आपको इसके पीछे की कहानी पता है? दरअसल, पीयूष मिश्रा उस समय के उन एक्टर्स में शुमार थे जो दिखने में अच्छे, कद- काठी में परफेक्ट और अपने काम में शानदार थे. इतने फाइन कि अच्छे- अच्छों की पीयूष छुट्टी कर दें. थिएटर पीयूष बहुत करते थे. सूरज बड़जात्या ने पीयूष मिश्रा को फोन कर कहा कि एक फिल्म मैं बना रहा हूं, तुम आ जाओ और ऑडिशन दे दो. मैं तुम्हारे लिए फ्लॉइट की टिकट भेज रहा हूं. पीयूष पहले तो तैयार हो गए, पर बाद में न जाने क्यों उन्हें लगा कि स्क्रिप्ट में दम नहीं और मैं कोई भी ऐसी- वैसी फिल्म नहीं करूंगी. ये मन में बात लाकर, वह ऑडिशन देने नहीं गए. इसके बाद इस फिल्म के लिए विंदू दारा सिंह, फिर दीपक तिजोरी और आखिर में सलमान खान को फाइनल किया गया. 

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दीपक और सलमान, दोनों में इस फिल्म को करने की जिद थी. जब दोनों ऑडिशन देने गए तो सिर्फ एक फैक्टर इनके बीच था जो कॉमन नहीं था. वह था ये कि सलमान एक बडिंग एक्टर थे यानी यह सलमान की डेब्यू फिल्म होने वाली थी. और दीपक, इंडस्ट्री में अपनी पहचान पहले से ही बना चुके थे. प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स दीपक के काम को बखूबी जानते थे. 

सलमान खान, दीपक तिजोरी
सलमान खान, दीपक तिजोरी

ढीली सी शर्ट और पैंट में सलमान सूरज के ऑफिस पहुंचे. रिसेप्शन पर मौजूद सोफे पर बैठे थे कि सूरज की नजर सलमान पर पड़ी. सूरज का पहला रिएक्शन सलमान को देखकर यह था कि वह काफी छोटी उम्र के दिख रहे थे. पर वो कहते हैं न कि आप किसी का चेहरा देखकर उसके टैलेंट का पता नहीं लगा सकते. कुछ ऐसा ही सूरज बड़जात्या के साथ हुआ था. सलमान ने जब पहला ऑडिशन फिल्म के लिए दिया तो सूरज ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था. सलमान ने सूरज से एक और मौका मांगा. और दूसरे मौके पर चौका मार दिया. नतीजा यह हुआ कि सूरज ने फिल्म का हीरो, सलमान को रखा. दीपक को नहीं. 

कहां हैं दीपक तिजोरी?

आखिरी बार दीपक तिजोरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'इल्लीगल' में देखा गया था. इसके बाद दुबई में यह एक इवेंट के लिए गए थे, जहां से इनकी फोटोज वायरल हुई थीं. इसके बाद से दीपक तिजोरी का कुछ आता- पता नहीं. हालांकि, सोशल मीडिया पर यह काफी एक्टिव रहते हैं. इनकी बेटी समारा तिजोरी काफी पॉपुलर रहती हैं. अक्सर ही पापा संग फोटोज और वीडियोज शेयर करती नजर आती हैं. 

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