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DDLJ नहीं करना चाहते थे शाहरुख-काजोल, किंग खान ने जबरदस्ती डलवाए थे एक्शन सीन्स

'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' बॉलीवुड की रोमांटिक फिल्मों की टॉप लिस्ट में शुमार है. भले फिल्म को रिलीज हुए दो दशक से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन सिनेमालवर्स के लिए आज भी फिल्म किसी फ्रेश कहानी सी ही है. इस आइकॉनिक फिल्म को बनाने में कितनी मशक्कत करनी पड़ी और क्या थी इसके पीछे की कहानी बता रहे हैं खुद डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा.

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आदित्य चोपड़ा-डीडीएलजे
आदित्य चोपड़ा-डीडीएलजे

DDLJ उन चंद फिल्मों में से है, जो लोगों के जेहन में हमेशा के लिए रह जाती है. डीडीएलजे की कहानी सिल्वर स्क्रीन पर आने से पहले कई दिलचस्प वाकियों से गुजरी है. फिल्म की जर्नी और मेकिंग पर आदित्य चोपड़ा ने पहली बार बात की है. नेटफ्लिक्स की नई सीरीज 'द रोमांटिक्स' से लिए गए कुछ अंश...

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डॉक्यूमेंट्री में इस बात का भी खुलासा होता है कि शाहरुख खान और काजोल फिल्म डीडीएलजे के लिए पहले तैयार नहीं थे. खासकर शाहरुख चाहते थे कि वे आदित्य के साथ कोई एक्शन से भरपूर फिल्म करें लेकिन आदित्य उनके पास डीडीएलजे के रूप में रोमांटिक स्क्रिप्ट लेकर पहुंचे थे. आदित्य के अच्छे दोस्त होने की वजह से शाहरुख उन्हें मना नहीं कर पा रहे थे. ऐसे में शाहरुख से रोजाना मिलने आदित्य उनके फिल्मों के सेट पर जाया करते थे. और शाहरुख स्क्रिप्ट टालते रहते थे.

एक दिन किसी सेट पर एक बुजुर्ग महिला ने आकर जब शाहरुख से कहा कि तुम कोई रोमांटिक फिल्म क्यों नहीं करते, तब उस महिला की बात को सुनकर शाहरुख ने सामने खड़े आदित्य को फिल्म के लिए हामी भरी. वहीं दूसरी ओर काजोल ने जब स्क्रिप्ट पढ़ी थी, तो उन्हें लगा कि यह किरदार उनकी जिंदगी से बिलकुल विपरीत है. असल जिंदगी में काजोल कहीं भी सिमरन की तरह नहीं हैं. स्क्रिप्ट को लेकर हिचक रहीं काजोल ने भी शाहरुख संग बॉन्डिंग की वजह से ही फिल्म के लिए हामी भरी थी. आदित्य बताते हैं, फिल्म का पहला ड्राफ्ट उन्होंने अपने नोटबुक पर लिखा था, जिसे आज भी सहेजकर आदित्य रखते हैं. 

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आदित्य अपनी डीडीएलजे कहानी से इतने प्यार में थे कि रोजाना दो दफा वो फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ा करते थे. जिससे यशराज को बड़ा कोफ्त होता था. उन्होंने बकायदा सूरज बड़जात्या को कॉल कर आदित्य के इस दीवानेपन पर चर्चा भी की थी. यश जी ने सूरज से कहा कि तुम आदित्य को समझाओ कि यूं पागलों की तरह एक ही स्क्रिप्ट को पढ़ा न करे. दरअसल यश को इस बात का डर था कि कहीं फिल्म नहीं चली, तो उनके बेटे के जेहन पर इसका बुरा प्रभाव न पड़ जाए. 

यंग कास्ट और क्रू की टीम से बनी 
आदित्य ने बताया कि वो डीडीएलजे के दौरान पूरी टीम में यंग मेंबर्स चाहते थे. उन्होंने फिल्म लिखने के दौरान ही बताया कि वो अपनी टीम में केवल यंग फेस को ही जगह देंगे. सारे नए चेहरों को आदित्य ने अपने टीम में जोड़ा था. दरअसल आदित्य की मंशा यह थी कि एक यंग लव स्टोरी को यंग जनरेशन ही एक सही दिशा दे सकती है. आदित्य की इस यंग टीम में एक नाम जो शुमार था, वो था करण जौहर का. करण जौहर और आदित्य के छोटे भाई उदित चोपड़ा इन दोनों ने आदित्य के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था. इसी बीच आदित्य ने करण को कंन्विंस भी किया कि वे फैशन स्टाइलिश के करियर को छोड़ डायरेक्शन में ध्यान दें क्योंकि करण में उन्हें एक बेहतरीन डायरेक्टर की सारी संभावनाएं दिखती हैं. 

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शाहरुख ने जबरदस्ती ठूंसा एक्शन सीन 
इस डॉक्यूमेंट्री के दौरान आदित्य ने बताया कि शाहरुख में एक्शन हीरो बनने का भूत इस कदर सवार था कि उन्होंने आदित्य और यश चोपड़ा को दरख्वास्त कर जबरदस्ती एक्शन सीक्वेंस फिल्म में फिट करवाया है. दरअसल एक दिन शूटिंग के दौरान अनुपम खेर को सेट पर पहुंचने में एक घंटे का वक्त लगना था. इस खाली वक्त का फायदा उठाते हुए शाहरुख एक्शन सीन की शूटिंग करने की जिद्द करने लगे. बड़े ही बेमन से मौजूद टीम ने उस एक्शन सीन की शूटिंग की थी. बता दें, जब क्लामैक्स का आखिरी सीन चल रहा था, तो उस वक्त हुए एक्शन सीन का सारा क्रेडिट शाहरुख खान को जाता है. 

और फिल्म चलती रही... 
थिएटर रिलीज के वक्त फिल्म ने ऐसा बवाल मचाया कि महीनों तक थिएटर्स से फिल्म उतरी ही नहीं. पहले हिट.. फिर सुपर हिट और फिर मेगा हिट हुई फिल्म ने हिस्ट्री क्रिएट कर दी थी. इसी बीच मराठा मंदिर के थिएटर लगातार शोज लगाकर ऊब गए थे. क्योंकि रोजाना वहां शो हाउसफुल हो रहा था और बाकी फिल्म्स को स्क्रीन नहीं मिल रहे थे. जब मराठा मंदिर ने फैसला लिया कि वो शो नहीं चलाएंगे, तो उन्हें उस दिन लगभग तीन सौ कॉल्स आए थे और लोगों ने उन्हें फिल्म हटाने के लिए खूब खरी खोटी सुनाई थी. तब से लेकर आज का वक्त है फिल्म कभी उस थिएटर से हटी ही नहीं... 

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