जरीन खान ने 2010 में फिल्म 'वीर' से बॉलीवुड डेब्यू किया था. वो 'रेडी', 'हाउसफुल 2', 'हेट स्टोरी 3', 'अक्सर 2', 'चाणक्य' जैसी मूवीज कर चुकी हैं. इन 14 सालों में उन्होंने कमाल का ट्रांसफॉर्मेशन किया है. कभी 100 किलो उनका वजन था, आज उनकी फिटनेस फैंस को इंस्पायर करती है. एक्ट्रेस ने आज तक डॉट इन संग बातचीत में अपनी फिटनेस जर्नी को शेयर किया. साथ ही शादी, सोशल मीडिया ट्रोलिंग, पैप्स कल्चर और फिल्मों को लेकर बात की.
आपकी फिटनेस का राज क्या है? कोई खास मंत्रा फॉलो करती हैं?
मैं कोई मंत्रा फॉलो नहीं करती, बस फिट रहने की कोशिश करती हूं. फिटनेस को मैंने अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बनाया हुआ है. क्योंकि जब मैं टीनएजर थी, बहुत ओवरवेट थी. 100 किलो से ज्यादा मेरा वजन था. जब फिटनेस की जर्नी शुरू की, वो बहुत अच्छी फीलिंग देती है. बॉडी लाइट फील होना, बहुत सारे फायदे हैं इसके. पिछले साल मेरा वजन काफी बढ़ गया था. मैं काफी स्ट्रेस से गुजर रही थी. इसने मेरी हेल्थ पर असर डाला था. मेरा वजन काफी बढ़ गया था. फिर मैं लग गई उसके पीछे. अभी मैं पिछले साल से ज्यादा फिट हूं. मैं किसी कॉम्पिटिशन में नहीं हूं. किसी से खुद को कंपेयर नहीं करती.
काफी टाइम लगा मुझे ये लगा समझने में, पर अब मैं बॉडी को लेकर पीस में हूं. सबकी बॉडी डिफरेंट होती है. हर एक का फिटनेस लेवल अलग होता है. ऐसे में खुद को सजा देना ठीक नहीं. हर इंसान को फिटनेस को जरूर समय देना चाहिए. भले ही वो 30 मिनट की वॉक हो. इसलिए नहीं कि कंपीट करना है या खास तरीके से दिखना है. बस इसके फायदों के लिए. ये आपको हेल्दी रखता है.
जरीन ने बताया वो वर्कआउट और डाइट दोनों को बैलेंस करके चलती हैं. उनके मुताबिक, एक के बिना दूसरा नहीं होता. बहुत सारे लोग हैं जो जिम में घंटों बिताते हैं, फिर बाहर आकर पानी पुरी, चाट खाते हैं. ऐसा नहीं है बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. कभी कभार खा सकते हैं. लेकिन बैलेंस करना जरूरी है.
कभी कोई वीयर्ड डाइट प्लान फॉलो किया है?
जब मैं 100 किलो की थी वजन कम करने की कोशिश कर रही थी तब मैंने बहुत सारे डाइट फॉलो किए थे. एक वक्त था जब मैं करीबन 5 दिनों तक लिक्विड पर थी. ताकि वजन फटाफट कम हो. फिर 1 हफ्ते की वो डाइट फॉलो की जिसमें हर दिन अलग खाना होता है. आखिर में आपका 3 किलो तक वजन घटता है. बहुत सारा पागलपन किया है. लेकिन अब मैं खुश हूं. उम्र के साथ समझ और बढ़ती है और आप खुद से संतुष्ट होते हो. अब मैं कंटेंट जोन में हूं. अभी तो इंटरनेट पर काफी सारी जानकारी मौजूद है. जब मैं टीनएजर थी सोशल मीडिया या इंटरनेट नहीं था. अभी तो इंस्टा पर हर एक डाइटीशियन टिप्स दे रहे हैं. अभी लोग नॉलेज कई मीडियम से एक्सपलोर कर सकते हैं. उन्हें कोशिश करनी चाहिए वो सही सोर्स से जानकारी हासिल करें.
सोशल मीडिया पर बॉडीशेम या एजशेम करना आम बात हो गई है. ऐसी निगेटिविटी से कैसे डील करती हैं?
मुझे इससे फर्क ही नहीं पड़ता. जो ये ट्रोल्स हैं वो फेसलेस अकाउंट हैं. आपको ये भी नहीं पता वो रियलिटी में हैं भी या नहीं. मेरा मानना है अगर कोई तुम्हारे अकाउंट पर कमेंट छोड़कर जाए, जिंदगी इतनी बिजी चलती है, उसमें से भी टाइम निकालकर तुम्हारे अकाउंट पर आकर कमेंट कर रहा है. इसका मतलब आप सीक्रेटली मेरे प्यार में हो. मेरा अटेंशन पाने के लिए कमेंट कर रहे हो. ट्रोल्स से मुझे हमदर्दी है. मुझे लगता है ट्रोल्स अपनी रियलिटी में इरिटेट होते हैं, उन्हें लाइफ में कोई अटेंशन नहीं देता, इसलिए वो निगेटिव कमेंट्स लिख अपनी भड़ास निकालते हैं. इसलिए इनकी बातों को सीरियसली नहीं लेना चाहिए.
पैप्स के गलत तरीके से फोटो क्लिक करने पर कई एक्ट्रेसेस ने सवाल उठाए हैं. आपने कभी ऐसा कुछ एक्सपीरियंस किया?
मैं मुंहफट हूं. पैप्स को ये पता है. मेरा ऐसा वीयर्ड एंगल क्लिक नहीं हुआ है. अगर ऐसा कुछ मैं फील करती तो उन्हें वहीं पर रोक देती. ये दो-तरफा प्रोसेस है. मेरा मानना है कई एक्ट्रेसेज हैं जो जानबूझकर ऐसे कपड़े पहनती हैं ताकि वो अपनी तरफ अट्रैक्ट कर सकें. अटेंशन पा सके. मुझे नहीं लगता हर कोई खास तरीके से शूट कराने को लेकर कंफर्टेबल है. जो कंफर्टेबल है आप उन्हें वैसा शूट करो. हमारे पैप्स की एक बात अच्छी है अगर उन्हें मना करो तो मान जाते हैं. वो जबरदस्ती नहीं करते. वो आपकी सुनते हैं. विदेश में मैंने देखा है पैप्स आपकी नहीं सुनते. उन्हें जो करना होता है वो करते हैं. हमारे पैप्स एक्टर्स के साथ अच्छा रिलेशन शेयर करते हैं.
किस डायरेक्टर या एक्टर के साथ काम करने की ख्वाहिश है?
मेरी बहुत सारे लोगों के साथ काम करने की ख्वाहिश है. दुर्भाग्य से अभी तक मुझे मौका नहीं मिला है. मुझे उम्मीद है ये लोग मुझे काम करने का मौका देंगे. संजय लीला भंसाली मेरे फेवरेट डायरेक्टर हैं. जो कैनवस वो क्रिएट करते हैं, जैसा उन्होंने 'हीरामंडी' में किया. कॉस्ट्यूम, सेट सब कुछ खूबसूरत था. इम्तियाज अली के काम की मैं बड़ी फैन हूं. वो सोलफुल सिनेमा बनाते हैं. राजकुमार हिरानी हैं वो हटके फिल्में बनाते हैं. अनुराग कश्यप, मैं उनकी भी बड़ी फैन हूं, वो जिस तरह का रियलिस्टिक सिनेमा बनाते हैं. रियलिस्टिक सिनेमा का कल्चर वो ही हिंदी सिनेमा में लेकर आए हैं.
बॉलीवुड में वेडिंग सीजन चल रहा है. आपका शादी का क्या प्लान है?
मैं इस रेस में नहीं हूं. जिस तरह से सब एक्टर्स शादी कर रहे हैं. पता नहीं सच में कर रहे हैं या प्रेशर में कर रहे हैं. मैं कंपैनियनशिप में भरोसा रखती हूं. दो लोग साथ में रहें खुश रहें. आजकल का जो जमाना है तीन महीने साथ रहते हैं फिर लड़ाई होती है और रिश्ता टूट जाता है. मैं ऐसी चीजों में यकीन नहीं करती. मैं ताउम्र साथ रहने वाले प्यार पर भरोसा करती हूं. जैसे हमारे ग्रैंड पेरेंट्स के रिलेशन थे.
वो प्यार करते थे, झगड़ा करते थे, फिर भी जिंदगीभर साथ रहना चाहते थे. रिश्ता खत्म नहीं करते थे. अभी लगता है लोगों में धैर्य खत्म हो गया है. रिलेशनशिप में एफर्ट नहीं डालना चाहते. ये अभी का जमाना है ऐसा, लोगों का लाइफ में इतना स्ट्रेस चल रहा है कि रिलेशन पर एफर्ट नहीं डालते. मुझे नाना, दादा के टाइम जैसा रिलेशनशिप चाहिए. जब तो वो नहीं मिलेगा मैं शादी नहीं करूंगी. मुझे अभी तक वैसा कोई नहीं मिला है.