बचपन में मिकी माउस को टीवी पर देखते ही मुस्कान आ जाती थी. 90 के दौर में शायद ही कोई मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार होगा जो कार्टून मिकी माउस के बारे में नहीं जानता होगा. मिकी माउस के जनक वॉल्ट डिज्नी कई लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उनका हार ना मानने वाला जज्बा ही था कि वे ऐकेडेमी अवॉर्डस के इतिहास में सबसे ज्यादा ऑस्कर जीतने वाले व्यक्ति है और उनसे ज्यादा ऑस्कर जीत पाना किसी भी शख्स के लिए लगभग नामुमकिन है.
अमेरिका के शिकागो में पैदा हुए वॉल्ट डिज़नी का जन्म 1901 में हुआ था. पांच भाई बहनों में वॉल्ट चौथे नंबर पर थे. उनके पिता एलियास गुस्सैल स्वभाव के थे और वे कई दफा हिंसक भी हो जाते थे. अपने परिवार को पालने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी. इन तनावपूर्ण हालातों से वॉल्ट को राहत मिली ड्राइंग में.
जब वे 16 साल के थे तो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एंबुलेंस ड्राइवर बन गए. वॉल्ट और उनके पिता के बीच कितनी तनावपूर्ण स्थिति थी, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि सालों बाद जब उनके पिता की मौत हुई थी तो उन्होंने अपनी बिजनेस ट्रिप को वरीयता दी और अपने पिता के अंतिम संस्कार को मिस कर दिया था.
जब वे युद्ध से लौटे तो उन्होंने अपने भाई के साथ कार्टून बिजनेस शुरु करने का मन बनाया. हालांकि ये कंपनी बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. बिजनेस में घाटे के बाद उन्होंने एक्टिंग में हाथ आजमाया लेकिन यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली. हालांकि वॉल्ट भांप चुके थे कि कैलिफॉर्निया में कोई एनिमेशन स्टूडियो नहीं है और उन्होंने एक बार फिर कॉर्टून के बिजनेस में ही हाथ आजमाने की ठानी. उनका ये दांव काम आया और उनका कैरेक्टर ओस्वाल्ड रैबिट काफी लोकप्रिय हुआ
हालांकि डिज्नी के लिए मुश्किलें खत्म नहीं हो रही थी और उनके प्रोड्यूसर ने धोखाधड़ी करते हुए ओस्वॉल्ड के सभी लीगल राइट्स उनसे छीन लिए. लेकिन उन्होंने परेशान होने की बजाए आगे बढ़ जाना बेहतर समझा और कैलिफॉर्निया में आते वक्त एक ट्रेन यात्रा के दौरान उन्होंने मिकी माउस का किरदार गढ़ा था.
हालांकि बैंकर्स ने वॉल्ट के कॉन्सेप्ट मिकी माउस को पहले पहल स्वीकार नहीं किया और 300 लोगों ने उनके आइडिया को रिजेक्ट कर दिया था. मिकी माउस की सफलता के बाद भी डिज्नी के लिए परेशानियां खत्म नहीं हुई और उन्ही के साथ काम करने वाले एक शख़्स ने उनके बेस्ट एनिमेटर को उनसे छीन लिया
वॉल्ट डिजनी ने इसके बाद एक बोल्ड फैसला लेते हुए 1937 में एक एनिमेशन फीचर फिल्म बनाने का फैसला किया. 1937 में आई उनकी फिल्म Snow White and the Seven Dwarfs को जबरदस्त कामयाबी मिली लेकिन उनकी अगली तीन फिल्में फ्लॉप साबित हुई. विश्व युद्ध दि्वतीय के दौरान उनके कई एनिमेटर्स हड़ताल पर चले गए और वॉल्ट की कंपनी घाटे में जाने लगी. उन्होंने एक बार फिर कड़ा फैसला लेते हुए फिल्मों से टीवी का रुख किया. शुरुआत में उनके इस फैसले की कड़ी आलोचना हुई लेकिन वॉल्ट का ये फैसला उनके करियर के लिए बेहतरीन साबित हुआ. टीवी पर आए उनके शो मिकी माउस क्लब ने रिकॉर्डतोड़ सफलता हासिल की.
अपने हार ना मानने वाले एटीट्यूड के चलते वे कई परेशानियों से जूझकर विजेता साबित हुए. वॉल्ट डिज़नी ने अपने जीवन में 26 ऑस्कर अवॉर्ड्स जीते. उन्हें ज्यादातर ऑस्कर्स प्रोड्यूसर के तौर पर मिले हैं. उन्हें साल 1934 से 1969 के बीच 59 ऑस्कर नॉमिनेशन्स मिले. वे सबसे ज्यादा ऑस्कर जीत के साथ ही साथ सबसे ज्यादा नॉमिनेशन पाने वाले शख़्स भी है.