बीबीसी और नेटफ्लिक्स क्राइम ड्रामा द सरपेंट रिलीज हो चुकी है. 2 अप्रैल को रिलीज यह वेब सीरीज इस वक्त काफी चर्चा में है. इत्तेफाक से इस वक्त चार्ल्स का जेल के अंदर से मीडिया को दिया इंटरव्यू भी सुर्खियों में है.
वियतनाम मूल के चार्ल्स शोभराज का जन्म 1944 में वियतनाम के Ho Chi Minh शहर में हुआ था. उनकी मां वियतनाम की और पिता भारतीय मूल के थे. चार्ल्स का असली नाम Hatchand Bhaonani Gurumukh Charles Sobhraj जो कि अब बिकिनी किलर, सीरियल किलर के नाम से भी जाने जाते हैं. चार्ल्स की जिंदगी के कुछ साल एशिया और फ्रांस में गुजरे. माता-पिता के तलाक के बाद उनकी मां ने फ्रेंच लेफ्टिनेंट के साथ मिलकर चार्ल्स की परवरिश की.
चार्ल्स युवावस्था से ही अपराध में संलिप्त हो गए थे. 1963 में चोरी के जुर्म में उन्हें पहली बार जेल की हवा खानी पड़ी. जेल से छूटने के बाद चार्ल्स पेरिस की हाई-क्लास सोसायटी में लोगों को अपने जाल में फंसाने लगे. उन्हें अवैध लेन-देन और गाड़ी चुराने के मामले में जेल का दोबारा सामना करना पड़ा.
जेल से निकलने के बाद चार्ल्स ने 1970 को Chantal Compagnon से शादी कर ली. शादी के बाद दोनों मिलकर पर्यटकों को लूटते और उनके पासपोर्ट्स पर दुनिया घूमते. Chantal ने मुंबई में रहते हुए अपने पहले बच्चे को जन्म दिया. बेटी ऊषा के जन्म के बाद चार्ल्स के अपराध काफी बढ़ गए. वह जेल से भाग निकलने में भी महारत हासिल कर चुके थे. जेल से भागने के बाद वह काबुल और फिर काबुल की जेल से ईरान फरार हो गए. चार्ल्स ने काबुल में हिप्पियों को अपना पहला निशाना बनाया और उन्हें लूटा.
चार्ल्स ने अपने एक भारतीय साथी अजय चौधरी के साथ मिलकर थाईलैंड में पहली हत्या को अंजाम दिया. साल 1975, Teresa Knowlton नाम की एक पर्यटक को बिकिनी पहने पूल में मृत पाया गया. यह चार्ल्स का पहला शिकार थी. थाईलैंड में चार्ल्स Marie-Andree Leclerc से मिले, जो आगे चलकर चार्ल्स की क्राइम पार्टनर बनीं. चार्ल्स को हिप्पियों से सख्त नफरत थी.
चार्ल्स पर 70 के दशक में भारत, थाईलैंड, तुर्की और ईरान में 20 से अधिक लोगों की हत्या के आरोप लगे हैं. चार्ल्स को हिप्पियों से सख्त नफरत थी और वे अपने लुक्स और पर्सनालिटी के चलते काफी सुर्खियों में रहे. बताया जाता है कि 70 के दशक में चार्ल्स ने साउथ-ईस्ट एशिया में 12 पर्यटकों को मौत के घाट उतारा था. इनकी मौत पानी में डूबने से, गला घोंटकर, चाकू से या जिंदा जलाने की वजह से हुई थी.
भारत में चार्ल्स ने 12 साल तक तिहाड़ जेल में सजा काटी. उनपर नई दिल्ली में फ्रेंच टूर पार्टी के 22 सदस्यों को ड्रग्स देने का आरोप था. 1976 में उन्हें कोर्ट ने सजा सुनाई. तिहाड़ में चार्ल्स कैदी के रूप में भी बेहद आरामदायक जिंदगी काट रहे थे. वे गार्ड्स को रिश्वत देते थे जिसके बदले में उन्हें टीवी और लजीज खाना मिलता था. यहां 10 साल जेल में काटने के बाद वे जेल से भाग गए थे.
दरअसल, थाईलैंड की पुलिस ने चार्ल्स का अरेस्ट वारंट जारी किया था. यहां उन्हें मौत की सजा मिलती, जिस वजह से चार्ल्स तिहाड़ जेल से भाग निकले और दोबारा पकड़े जाने पर अपनी सजा बढ़वा ली. 1997 में चार्ल्स को जेल से रिहा किया गया. जेल से निकलने के बाद चार्ल्स शोभराज को देखने, उनका इंटरव्यू लेने की होड़ लग गई. वे मीडिया स्टार बन चुके थे.
2003 में चार्ल्स ने नेपाल जाने का फैसला लिया जहां वे गिरफ्तार हो सके. नेपाल जाने के बाद ऐसा ही हुआ और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई. अब उनकी उम्र 76 की हो चुकी है और उनकी सेहत भी काफी बिगड़ चुकी है. वे 1976 से 1997 तक भारत की जेल में रहे और साल 2003 से नेपाल की जेल में बंद हैं.
इस बीच चार्ल्स का इंटरव्यू चर्चा में आ गया है. जेल के अंदर बैठे-बैठे मीडिया को दिए इंटरव्यू ने नेपाली प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है. नेपाल के गृह मंत्रालय का कहना है कि किसी कैदी का मीडिया को इंटरव्यू देना गैरकानूनी है. वहीं सेंट्रल जेल की जेलर ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि शोभराज ने जेल के अंदर से कैसे इंटरव्यू दे दिया, इसका पता लगाने के लिए हमारे पास 10 दिन का समय है.
वहीं नेटफ्लिक्स पर रिलीज वेब सीरीज 'द सरपेंट', हत्या, चोरी और लुभावने व्यक्तित्व से लोगों को बेवकूफ बनाने वाले चार्ल्स शोभराज की जिंदगी पर बनी रियल लाइफ स्टोरी है. इसमें फ्रेंच एक्टर Tahar Rahim ने चार्ल्स शोभराज का किरदार निभाया है. क्रिटिक्स ने Tahar के काम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. Jenna Coleman ने चार्ल्स की र्काइम पार्टनर Marie-Andree Leclerc की भूमिका में नजर आई हैं.