भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने जब सुपरस्टार पवन सिंह के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी, तो उस वक्त उन्हें इंडस्ट्री की तरफ से तमाम तरह के तिरस्कार झेलने पड़े थे. अक्षरा बताती हैं कि वे उस दौरान काफी अकेले भी पड़ गई थीं, यहां तक की खुद को खत्म करने का भी मन बना लिया था. हालांकि अक्षरा का परिवार उनके साथ सपोर्ट सिस्टम बन ढाल की तरह खड़ा रहा.
लोग मुझे कैरेक्टरलेस बुलाने लगे थे
पवन सिंह के साथ कंट्रोवर्सी को अक्षरा लाइफ का बहुत बुरा दौर मानती हैं. वो कहती हैं कि मैं दिल से दुआ करती हूं कि किसी भी लड़की के साथ ऐसा नहीं हो. बहुत ही गंदा वक्त था, उस वक्त दिमागी रूप से मैं खत्म हो चुकी थी. मेरे पास कोई रास्ता नहीं था, कोई सहारा नहीं था, बैकअप नहीं था, जब आपके सारे रास्ते बंद हो जाते हैं, तो बस आप भगवान के कहे रास्ते पर चलने लगते हैं. उस वक्त केवल भगवान और मेरे पैरेंट्स ने साथ दिया. मैं जिंदा बच गई, वो ही बहुत बड़ी बात है. मैंने मेहनत करना नहीं छोड़ा है. इंडस्ट्री का रवैया भी बहुत अच्छा नहीं था. मुझे साथ तो नहीं मिला लेकिन अपमानित की गई. गिने दो चार लोग कॉल पर हिम्मत दे देते थे. वरना किसी ने मेरा साथ नहीं दिया.
आज भी डील करना पड़ता है
अक्षरा आगे कहती हैं, किसी ने अपफ्रंट आकर नहीं कहा कि अक्षरा तुम तकलीफ में हो? तुम्हारे पास पैसे नहीं हैं? तुम्हारा काम छिन गया है? गैरों को तो छोड़ें, अपने दोस्तों ने साथ नहीं दिया. सबने मुझसे फिल्म छीन ली, काम से हटा दिया, क्योंकि ये लोग उस एक्टर संग अपने रिलेशन खराब नहीं करना चाहते थे. मुझे जलील किया, लड़कियों ने मेरे कैरेक्टर के बारे में क्या नहीं बोला. हर कोई लाइव आकर मेरी लाइफ के बारे में इंटरव्यू दे रहा था. ये लोग मुझे जानते तक नहीं थे. आए दिन गालियां, धमकियां और बहुत झेल चुकी हूं. आज भी वो सब छूटा नहीं है. रोजाना डील करना पड़ता है. अब तक टिकी हूं, यही मेरा उन सभी को जवाब है.