'जिंदगी छोटी है. एक अफेयर कर लीजिए.' ये एक डेटिंग वेबसाइट की टैगलाइन है. ये टिंडर, हिंज या बंबल जैसी डेटिंग वेबसाइट नहीं है जो नॉर्मली दो लोगों को 'डेट' करने में हेल्प करती है. बल्कि, ये साईट उन लोगों के लिए है जो शादीशुदा हैं और अफेयर, या कह लें कि 'एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर' में इंटरेस्टेड हैं.
इसका नाम है एश्ले मैडिसन (Ashley Madison). कनाडा बेस्ड इस वेबसाइट की चर्चा हम आज इसलिए कर रहे हैं क्योंकि नेटफ्लिक्स की नई डाक्यूमेंट्री सीरीज Ashley Madison: Sex, Lies & Scandal इसी पर बेस्ड है. वजह ये है कि इस वेबसाइट से जुड़े एक कांड ने 3 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी में आफत खड़ी कर दी थी. कैसे? आइए बताते हैं...
शादीशुदा लोगों को अफेयर में मदद करने वाली वेबसाइट
एश्ले मैडिसन के पीछे का आईडिया देखकर अगर आपको लग रहा है कि ये कोई नई वेबसाइट है, तो आपको बता दें ये 2002 में शुरू हुई वेबसाइट है. 'टूटे दिलों के दम पर खड़ा बिजनेस' कही गई इस वेबसाइट को शुरू से इसी फंडे पर यूजर्स को मार्किट किया गया कि ये मैरीड लोगों के अफेयर करने के लिए परफेक्ट ऑप्शन है.
2019 में वेबसाइट चलाने वाली कंपनी ने अनाउंस किया था कि उनके यूजर्स की गिनती 60 मिलियन यानी 6 करोड़ तक पहुंच गई है. 2016 से पहले तक ये वेबसाइट हर यूजर को ऑनलाइन डेटिंग पार्टनर मिलने की 'गारंटी' देती थी. मगर इस गारंटी के हटने की वजह बना एक बहुत बड़ा स्कैंडल.
जब लीक हुआ एश्ले मैडिसन का डाटा, लोगों को आए फिरौती भरे मेल
रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2015 में एश्ले मैडिसन के करीब 37 मिलियन यूजर्स थे, यानी 3 करोड़ से ज्यादा. जुलाई के महीने में 'द इम्पैक्ट टीम' नाम के एक हैकर्स ग्रुप ने ये वेबसाइट हैक कर ली और दावा किया उनके पास साइट का पूरा यूजर डाटा बेस है. इसमें यूजर्स के नाम, घर के एड्रेस, उनकी सर्च हिस्ट्री, क्रेडिट कार्ड नंबर और उनके सेक्सुअल प्रेफरेंस जैसी तमाम पर्सनल इनफार्मेशन थी. हैकर्स ने कहा कि अगर तत्काल ये साईट बंद नहीं की गई, तो वो यूजर्स का डेटा पब्लिक करना शुरू कर देंगे.
हमेशा की तरह पहले कंपनी ने कहा कि ये दावा झूठा है क्योंकि उनकी सिक्योरिटी बहुत मजबूत है और इसे ब्रीच नहीं किया जा सकता. लेकिन 22 जुलाई को हैकर्स ने यूजर्स के नाम और डिटेल्स का पहला डेटा सेट रिलीज कर दिया. कंपनी फिर भी इस बात से इनकार करती रही कि उनका डेटाबेस सेफ नहीं है. अगस्त खत्म होने तक एश्ले मैडिसन के सारे यूजर्स का डाटा डार्क वेब पर अवेलेबल था.
यूजर्स का डेटा पब्लिक होने के बाद शुरू हुआ वो तमाशा जो नेटफ्लिक्स की डाक्यूमेंट्री सीरीज में आप डिटेल में देख सकते हैं. एश्ले मैडिसन के कई यूजर्स ने दावा किया कि उनका डेटा, उनके रियल पार्टनर से शेयर न करने के एवज में उनसे फिरौती मांगी जा रही है. यूजर्स की पर्सनल लाइफ में तूफान आने का डर था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि कईयों की जिंदगी में ऐसा हुआ भी. टोरंटो पुलिस ने इस डाटा लीक और फिरौती से जुड़े दो सुसाइड की बात भी कही थी. हैकर्स की जानकारी देने वाले के लिए 50 हजार डॉलर का इनाम भी रखा गया.
इससे पहले भी एश्ले मैडिसन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने यूजर्स की 'गारंटी' को पूरा करने के लिए फेक फीमेल बॉट्स बनाए हैं. 2015 के लीक से सामना आया डेटा एनालाईज करने के बाद टेक्नोलॉजी वेबसाइट Gizmodo की रिपोर्ट में सामने आया कि एश्ले मैडिसन पर 70 हजार फेक फीमेल बॉट्स, पुरुषों से चैट कर रहे थे. हालांकि, 2016 में कंपनी के अधिकारियों ने ये साफ किया कि 2015 वाले कांड के बाद से अब साईट से ऐसे बॉट्स, पूरी तरह हट गए हैं.
इस पूरे स्कैंडल के बाद एश्ले मैडिसन के करोड़ों यूजर्स ने लॉ फर्म्स के जरिए, कंपनी पर केस भी किया. वेबसाइट चला रही कंपनी ने यूजर्स को करोड़ों रुपये के मुआवजे का भुगतान भी किया. मगर इससे पहले यूजर्स के साथ जो कुछ हुआ, वो सनसनीखेज तो था ही, बल्कि इस वेबसाइट के कनाडा बेस्ड यूजर्स की जिंदगियों में एक भयानक अनुभव बन गया. Ashley Madison: Sex, Lies & Scandal डाक्यूमेंट्री इसी की पूरी कहानी लेकर आ रही है. ये नेटफ्लिक्स पर 15 मई हो गई है.