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RRR के 6 साल बाद आ रही पहली सोलो फिल्म, क्या 'राजामौली का श्राप' तोड़ पाएंगे जूनियर एनटीआर?

'देवरा' लेकर आ रहे जूनियर एनटीआर के रास्ते में एक बहुत बड़ा स्पीड ब्रेकर भी है... पंगा ये है कि उनके पिछले डायरेक्टर राजामौली थे. और राजामौली का नाम, तेलुगू इंडस्ट्री में एक मिथक के साथ भी जुड़ा हुआ है जिसे उनकी इंडस्ट्री में 'राजामौली का श्राप' कहा जाता है.

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जूनियर एनटीआर, राजामौली
जूनियर एनटीआर, राजामौली

RRR स्टार जूनियर एनटीआर की अगली फिल्म 'देवरा' रिलीज एक लिए तैयार है. 27 सितंबर को थिएटर्स में रिलीज होने जा रही इस फिल्म में लीड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर हैं और सैफ अली खान विलेन के रोल में हैं. 

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तेलुगू इंडस्ट्री के टॉप स्टार्स में से एक जूनियर एनटीआर हिंदी समेत 5 भाषाओं में रिलीज हो रही 'देवरा' से हिंदी ऑडियंस को साध लेना चाहते हैं. उत्तर भारत के हिंदी मार्किट में पहले से पॉपुलर अपनी डब फिल्मों के जरिए एनटीआर ने अपनी सॉलिड पहचान बना रखी है. ऊपर से RRRके प्रमोशन के समय उनकी एकदम साफ हिंदी ने भी जनता को इम्प्रेस किया. और फिर 'देवरा' के प्रोमोज और ट्रेलर में उन्होंने अपनी ही आवाज में अच्छी हिंदी डबिंग की है. 

इन सारी पॉजिटिव चीजों के भरोसे जूनियर एनटीआर 'देवरा' को हिंदी ही नहीं, सभी भाषाओं में एक बड़ी हिट बनते देखना चाहेंगे. लेकिन उनके रास्ते में एक बहुत बड़ा स्पीड ब्रेकर भी है... पंगा ये है कि उनके पिछले डायरेक्टर एस. एस. राजामौली थे. और राजामौली का नाम, तेलुगू इंडस्ट्री में एक मिथक के साथ भी जुड़ा हुआ है जिसे उनकी इंडस्ट्री में 'राजामौली का श्राप' कहा जाता है. 

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क्या है 'राजामौली का श्राप'?
RRR, बाहुबली और मगधीरा समेत राजामौली ने कुल 12 फिल्में बनाई हैं और ये सभी एक से बढ़कर एक हिट बनी हैं. मगर इन सभी फिल्मों में राजामौली के हीरो रहे एक्टर ने जब अपनी अगली फिल्म दूसरे डायरेक्टर के साथ की, तो उसकी फिल्म चली ही नहीं. बल्कि अधिकतर मौकों पर राजामौली के साथ फिल्म के बाद, उनके स्टार्स की अगली फिल्में बुरी तरह फ्लॉप रही हैं.

जूनियर एनटीआर, एस. एस. राजामौली (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

एस.एस. राजामौली की पहली फिल्म 'स्टूडेंट नंबर 1' (2001) में जूनियर एनटीआर ही हीरो थे. चाइल्ड एक्टर के तौर पर डेब्यू कर चुके एनटीआर के लिए ये लीड हीरो के तौर पर पहली फिल्म होने वाली थी, पर इसे तैयार होने में काफी समय लग गया. और इससे पहले ही उनकी ऑफिशियल डेब्यू फिल्म Ninnu Choodalani थिएटर्स में आई और फ्लॉप हो गई. 

राजामौली की 'स्टूडेंट नंबर 1' रिलीज हुई, तो उस साल की सबसे बड़ी हिट तेलुगू फिल्मों में शामिल हो गई. राजामौली की फिल्म के बाद जूनियर एनटीआर की अगली फिल्म 'सुब्बू' थी. धमाकेदार हिट देकर आए हीरो की ये फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई. जूनियर एनटीआर के लिए ये करियर की शुरुआत थी और लोगों को लगा कि करियर के ऐसे दौर में कामयाबी के साथ-साथ स्पीड ब्रेकर मिलना भी कोई बड़ी बात नहीं है. 

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जूनियर एनटीआर के साथ सबसे ज्यादा हुआ ये संयोग
राजामौली ने अपनी दूसरी फिल्म 'सिम्हाद्री' (2002) में फिर से जूनियर एनटीआर को हीरो लिया. इस बार कामयाबी इतनी बड़ी थी कि 'सिम्हाद्री' 2002 की सबसे बड़ी तेलुगू फिल्म बन गई. मगर इसके बाद जब जूनियर एनटीआर की अगली फिल्म 'आंध्रवाला' (2004) रिलीज हुई तो एक बार फिर से उन्हें बॉक्स ऑफिस पर बड़ा फेलियर देखना पड़ा. यहां से लोगों ने ये पैटर्न नोटिस करना शुरू किया कि राजामौली के साथ काम करने के बाद उनके हीरो की अगली फिल्म फ्लॉप हो रही है. 

जूनियर एनटीआर, एस. एस. राजामौली (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

तीसरी बार राजामौली ने एनटीआर को 'यमडोंगा' (2007) में कास्ट किया. इस जोड़ी ने एक बार फिर से तेलुगू सिनेमा को साल की सबसे बड़ी हिट दी. लेकिन इसके ठीक बाद दूसरे डायरेक्टर के साथ एनटीआर की फिल्म 'कंत्री' को खूब नेगेटिव रिव्यू मिले. राजामौली के बनाए स्टार, जूनियर एनटीआर के जलवे ने किसी तरह फिल्म को बुरी तरह फ्लॉप होने से तो बचा लिया. लेकिन एकदम एवरेज कमाई वाली ये फिल्म, उनकी सबसे कम पॉपुलर फिल्मों में से एक बन गई. 

राजामौली के सभी हीरोज के साथ हुआ ये पंगा 
राजामौली की तीसरी फिल्म 'Sye' (2004) के हीरो नितिन की भी अगली फिल्म फ्लॉप थी. RRR से पहले राम चरण ने राजामौली के साथ फिल्म 'मगधीरा' में काम किया था. मगर राजामौली के साथ दोनों ही फिल्मों के बाद, राम चरण की अगली फिल्में फ्लॉप ही नहीं, डिजास्टर साबित हुईं. 

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ब्लॉकबस्टर 'Vikramarkudu' (2006), जिसका रीमेक हिंदी में 'राउडी राठौर' के नाम से बना, राजामौली की फिल्म थी. इसमें रवि तेजा हीरो थे. लेकिन इसके ठीक बाद रवि तेजा की फिल्म 'खतरनाक' बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं कर सकी. यहां तक कि प्रभास के साथ भी ये संयोग घट चुका है. 

राम चरण, प्रभास, रवि तेजा (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

प्रभास ने पहली बार राजामौली के साथ फिल्म 'छत्रपति' (2005) में काम किया था, जिसने उन्हें रातोंरात तेलुगू इंडस्ट्री का टॉप स्टार बना दिया. मगर इसके बाद उनकी तीन फिल्में बैक टू बैक फ्लॉप हुई थीं. 'बाहुबली' फ्रैंचाइज़ी में प्रभास को देखना, ऑडियंस के लिए अपने आप में एक कमाल का अनुभव था. लेकिन इसके बाद पहले 'साहो' और फिर 'राधे श्याम' में शायद जनता को प्रभास वैसे ग्रैंड हीरो नहीं लगे जैसी उम्मीद उनसे की जाती है. 'आदिपुरुष' की तो बात ही क्या करें! 

'देवरा' से पहले जूनियर एनटीआर, राजामौली की 'RRR' करके आ रहे हैं, जो न सिर्फ बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर थी, बल्कि ऑस्कर अवॉर्ड भी लेकर आई. ऊपर से एनटीआर 6 साल बाद सोलो फिल्म लेकर आ रहे हैं. उनकी आखिरी सोलो फिल्म 2018 में आई 'अरविंद समेथा वीर राघव' थी जो बहुत बड़ी हिट थी. 

जूनियर एनटीआर, एस. एस. राजामौली (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

इसलिए अब एनटीआर को ये भी साबित करना है कि वो खुद अपने दम पर भी दमदार स्टार हैं. और थोड़ी दिक्कत इस बात की भी है कि 'देवरा' के ट्रेलर और गानों को उस तरह का रिस्पॉन्स नहीं मिला है, जैसा इसके फर्स्ट लुक को मिला था. यानी कहीं न कहीं ऑडियंस इसे लेकर अभी श्योर नहीं है. ऐसे में सारा खेल फाइनल रिव्यू और जनता के वर्ड ऑफ माउथ के भरोसे है. अब बस कुछ ही दिन में पता लग जाएगा कि समंदर की कहानी पर बनी 'देवरा', संभावनाओं और आशंकाओं के समंदर को पार करके तूफानी हिट बनेगी या नहीं. 

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