तोशखाना मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पाक में बवाल चल रहा है. मंगलवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए जमान पार्क स्थित उनके घर पर और पुलिस फोर्स बुलाई गई थी. पर इमरान के सपोर्टर्स ने ऐसा होने नहीं दिया. घंटों बवाल कर इमरान खान की गिरफ्तारी को उन्होंने रोक दिया. हालांकि, इमरान खान ने कहा है कि वह 18 मार्च को कोर्ट के सामने पेश होंगे और इसकी श्योरिटी लाहौर हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष इश्तियार अहमद खान देंगे.
इमरान खान पर इतना बवाल चल रहा है, पर पाकिस्तान की आवाम इस पूरे मामले पर चुप है. यहां तक कि इनके सपोर्ट में पाकिस्तानी सेलेब्स ने भी चुप्पी साधी हुई है. कोई कुछ भी कहने से कतरा रहा है. हाल ही में सिंगर और सॉन्गराइटर फरहान सईद ने एक ट्वीट किया. कहना गलत नहीं होगा कि फरहान, इमरान को खुलकर सपोर्ट कर रहे हैं. फरहान के ऐसे करने पर कुछ लोग उनकी सराहना भी करने लगे हैं.
When @ImranKhanPTI became PM, all the actors , players were so quick to congratulate him, even go and meet him, today either they have changed their opinion about him which is fair enough, they have all the right or they’re scared to speak which is worrisome.#ZamanPark pic.twitter.com/mRIuE9WpjQ
— Farhan Saeed (@farhan_saeed) March 15, 2023
फरहान सईद ने ट्वीट कर लिखा, "जब इमराम खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे तो सभी एक्टर्स, प्लेयर्स ने उन्हें बधाई दी थी. कोई भी यह करने से चूका नहीं था. कई तो उन्हें पर्सनली बधाई देने के लिए उनके घर तक गए थे. आज सबको देखकर लगता है कि शायद उन्होंने इमरान खान को लेकर अपना ओपीनियन बदल लिया है जो कि ठीक बात भी है. सभी का ऐसा करने का हक है. लेकिन मैं यह सोचकर परेशान हो रहा हूं कि किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखना क्या लोगों के लिए इतना मुश्किल हो गया है? यह थोड़ा चिंताजनक मामला है.
क्या है तोशखाना मामला?
तोशखाना, कैबिनेट का एक विभाग है, जहां दूसरे देशों की सरकारों, राष्ट्रप्रमुखों और विदेशी मेहमानों द्वारा दिए गए बेशकीमती गिफ्ट्स को रखा जाता है. नियमों के तहत ऐसा करना जरूरी होता है. इमरान खान, साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे. उन्हें अरब देशों की यात्राओं के दौरान वहां के शासकों से महंगे गिफ्ट मिले थे. इसके अलावा इमरान खान को कई यूरोपीय देशों के राष्ट्रप्रमुखों से भी बेशकीमती गिफ्ट मिले थे. हालांकि, इमरान ने इन सबको तोशखाना में जमा करा दिया था, लेकिन बाद में इमरान ने ही तोशखाना से इन्हें सस्ते दामों पर खरीदा और बड़े मुनाफे में बेच दिया. इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने बकायदा कानूनी अनुमति दी थी, जिसको लेकर इमरान अब चारों ओर से घिरे हुए हैं. कई लोग इनका सपोर्ट कर रहे हैं तो कई इनके खिलाफ भी खड़े हैं.