
कन्नड़ स्टार यश जब 2018 में पहली बार हिंदी फिल्म के साथ उत्तर भारत के थिएटर्स में पहुंचे तो शायद ही यहां के दर्शक उन्हें जानते होंगे. शाहरुख खान की जीरो' के साथ थिएटर्स में पहुंची 'KGF: चैप्टर 1' पर जनता का ध्यान पहले दिन नहीं गया. 'जीरो' शाहरुख खान की फिल्म थी, तो पहले भीड़ लगी भी इसी के लिए. लेकिन आनंद एल राय के डायरेक्शन में बनी 'जीरो' ने जनता को वो मजा नहीं दिया जिसके लिए लोग थिएटर्स पहुंचे थे. फिल्म को बहुत नेगेटिव रिव्यू मिले और थिएटर से बाहर निकले लोगों ने भी फिल्म को खराब बताना शुरू कर दिया.
शाहरुख की फिल्म से मन खट्टा हुआ तो जनता का ध्यान थिएटर्स में लगी एक और फिल्म पर गया जिसमें उन्हें एक नया चेहरा दिख रहा था. लेकिन फिल्म का ट्रेलर बहुत जोरदार था. यश नाम का ये हीरो स्क्रीन पर धुआंधार एक्शन कर था और इसके स्वैग को तो बॉलीवुड स्टार्स का टशन बताने वाले मीटर नाप ही नहीं पा रहे थे. KGF के ट्रेलर का भौकाल देखकर लोग थिएटर्स में घुसे और जब बाहर निकले तो उनके दिमाग में मसाला फिल्म प्रोसेस करने पुर्जे धुंआ दे चुके थे. हाल ये था कि KGF का एक शो देखकर बाहर निकले लोग, दूसरी बार फिल्म देखने का प्लान बनाते देखे गए.
ये KGF का कमाल था, जो साउथ से डब होकर हिंदी में चल रही फिल्मो में चौथी सबसे बड़ी फिल्म बन गई थी. इससे पहले 'बाहुबली' फ्रैंचाइजी की दोनों फिल्में और रजनीकांत-अक्षय कुमार की 2.0 थीं. आज की बात करें तो KGF का सीक्वल यानी KGF 2, हिंदी में 2022 की सबसे कमाऊ फिल्म है. KGF फ्रैंचाइजी में जो सबसे कमाल की चीज थीं, उनमें से एक फिल्म का सेट भी था.
70s और 80s के दौर में, सोने की खदान में बसी एक कॉलोनी का जो सेट यस की फिल्मों में है, वो फिल्म की कहानी को भरपुर गहराई देता है, जहां फिर फिल्म के इमोशंस की गूंज आपतक पहुंचती है. मगर एक समय ऐसा आया था कि आधी फिल्म पूरी होने के बाद ये सेट ही तबाह हो गया था.
भयानक बारिश से हिल गया था कर्नाटक
फिल्म के लिए KGF को खड़ा करने में डेढ़ साल से ज्यादा की रिसर्च लगी थी. फिल्म के प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव कार्तिक गौड़ा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें फिल्म के प्री प्रोडक्शन में ही डेढ़ साल से ज्यादा का समय लग गया था क्योंकि डायरेक्टर प्रशांत नील को हर एक चीज बहुत डिटेल में और सटीक चाहिए थी. चाहे माचिस हो, या टेलीफोन या फिर लोगों के कपड़े.
फिल्म का सेट कर्नाटक के बदामी इलाके में लगा था और इसे बिल्कुल कोलार गोल्ड फील्ड्स का लुक दिया गया था. जनवरी में फिल्म का शूट शुरू हुआ और KGF कैमरे पर रिकॉर्ड होने लगा. लेकिन अभी आधा ही शूट हो पाया था कि कर्नाटक में मानसून की बारिश ने कहर ढाना शुरू कर दिया. आंधी-बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि KGF का सेट उजड़ गया. लेकिन मेकर्स ने हार नहीं मानी और फिर से सेट लगा कर फिल्म का शूट पूरा किया गया. लेकिन इससे फिल्म का बजट बहुत बढ़ गया. हालांकि बाद में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के कलेक्शन के बाद मेकर्स को बढ़ा हुआ बजट ज्यादा फील तो नहीं हुआ होगा!
कर्ण से प्रेरित था रॉकी भाई का किरदार
KGF डायरेक्टर प्रशांत नील ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपने किरदार गढ़ने के लिए महाभारत से भी इंस्पिरेशन ली थी. नाराची पर राज कर रहे सभी लोग कौरव परिवार की तरह थे, जिनमें सूर्यवर्धन के रोल के लिए प्रशांत ने भीष्म और धृतराष्ट्र को आधार बनाया था. जबकि यश के किरदार रॉकी के लिए उन्होंने कर्ण से प्रेरणा ली थी.
जैसे सूत पुत्र होने के बावजूद कर्ण ने कुरु परिवार को सबसे बड़ी शक्ति बनने में साथ दिया था, उसी तरह से रॉकी भी पूरे गैंगस्टर परिवार की तकदीर बदल देता है. रॉकी भी समाज के ऐसे तबके से आता है जिसे लोग बहुत सम्मान नहीं देते. और कर्ण की तरह रॉकी भी अपने आप में दानवीर है.
प्रशांत नील ने रॉकी के किरदार में कर्ण से जो प्रेरणा ली उसका असर स्क्रीन पर भरपूर दिखा. रॉकी के किरदार ने हर किसी को अपना फैन बना लिया और सबके दिलों पर राज किया. 2018 में 21 दिसंबर को KGF थिएटर्स में रिलीज हुई थी और आज रॉकी, इंडियन सिनेमा के सबसे पॉपुलर किरदारों में से एक है.