scorecardresearch
 

यौन उत्पीड़़न की रिपोर्ट से ह‍िली मलयालम इंडस्ट्री, एक्टर पृथ्वीराज बोले सुनकर नहीं लगा शॉक, विक्रम बोले 'ये सब घिनौना है'

मलयालम सिनेमा के बड़े चेहरों में से एक और साउथ से बॉलीवुड तक काम कर चुके पृथ्वीराज सुकुमारन ने हेमा कमिटी की रिपोर्ट और इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बात की. पृथ्वीराज ने एक सरप्राइज करने वाली बात कही कि हेमा कमिटी की रिपोर्ट के नतीजों से उन्हें 'कोई शॉक नहीं लगा.'

Advertisement
X
चियान विक्रम, पृथ्वीराज सुकुमारन
चियान विक्रम, पृथ्वीराज सुकुमारन

हेमा कमेटी की रिपोर्ट ने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में खलबली बचा दी है. इंडस्ट्री में महिलाओं को होने वाली समस्याओं को लेकर बनी इस कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री कटघरे में आ गई है. 

Advertisement

रिपोर्ट सामने आने के बाद, महिला आर्टिस्ट्स सेक्सुअल हैरेसमेंट के नए मामले भी सामने लेकर आ रही हैं, जिसके चलते इंडस्ट्री के दो बड़े नामों, एक्टर सिद्दीकी और फिल्ममेकर रंजीत ने, इंडस्ट्री की दो बड़ी फिल्म संस्थाओं में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इंडस्ट्री में इतने बड़े तूफान के बावजूद, बड़े कलाकारों की चुप्पी एक चौंकाने वाली बात है. 

हालांकि, अब मलयालम सिनेमा के बड़े चेहरों में से एक और साउथ से बॉलीवुड तक काम कर चुके पृथ्वीराज सुकुमारन ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है. अपने फुटबॉल क्लब के लॉन्च पर पहुंचे पृथ्वीराज ने हेमा कमेटी की रिपोर्ट और इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बात की. 

रिपोर्ट को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत
ऑनमनोरमा के अनुसार, पृथ्वीराज ने कहा कि इंडस्ट्री में जिन लोगों पर हैरेसमेंट के आरोप लगे थे उन्हें पावर के पदों से इस्तीफा देना चाहिए और हेमा कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर कड़े कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (AMMA) से इस मामले को हैंडल करने में गलती हुई है. पृथ्वीराज ने सेक्सुअल अब्यूज में शामिल लोगों को सजा देने पर भी जोर दिया. 

Advertisement

पृथ्वीराज ने मानी इंडस्ट्री में 'पावर ग्रुप' की बात 
रिपोर्ट के अनुसार पृथ्वीराज ने एक सरप्राइज करने वाली बात कही. उन्होंने बोला कि हेमा कमिटी की रिपोर्ट के नतीजों से उन्हें 'कोई शॉक नहीं लगा.' उन्होंने कहा, 'मेरी जिम्मेदारी सिर्फ ये तय करने से खत्म नहीं हो जाती कि मेरी फिल्म की लोकेशन सुरक्षित है, ये महत्वपूर्ण है कि पूरी इंडस्ट्री लोगों के लिए सुरक्षित हो.' हेमा कमेटी की रिपोर्ट में, मलयालम इंडस्ट्री में 10-15 प्रिविलेज्ड लोगों के एक 'पावर ग्रुप' की बात कही गई है, जो इंडस्ट्री को कंट्रोल करते हैं और जब महिलाएं हैरेसमेंट की शिकायत करती हैं तो उन्हें बैन कर दिया जाता है. 

पृथ्वीराज ने भी इस बात का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं सिर्फ इसलिए इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि फिल्म इंडस्ट्री में कोई संगठित पावर नहीं है, क्योंकि मैंने इसका सामना नहीं किया. अगर आर्टिस्ट्स को बैन करने की कोई एक्टिविटी प्रचलन में है तो इसके खिलाफ एक्शन होना चाहिए.' 

चियान विक्रम ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को कहा 'घिनौना'
साउथ स्टार विक्रम ने देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को 'घिनौना' बताते हुए कहा कि पुरुषों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. 'तंगलान' स्टार विक्रम ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, 'हर महिला को सुरक्षित महसूस करवाया जाना चाहिए. वो सुबह 3 बजे भी सड़कों पर सुरक्षित चल सकें और उन्हें ये महसूस होना चाहिए कि वो टहल सकती हैं, घर जा सकती हैं और कोई भी उन्हें कुछ नहीं करेगा. हर पुरुष उन्हें प्रोटेक्ट करेगा, उन्हें उनका स्पेस देगा. जो हो रहा है वो बहुत घिनौना है.' 

Advertisement

विक्रम का कमेंट उस समय आया है जब कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के रेप और हत्या को लेकर देश भर में आक्रोश है, और हेमा कमिटी की रिपोर्ट के बाद मलयालम सिनेमा में रोजाना सेक्सुअल हैरेसमेंट के नए मामले सामने आ रहे हैं.

विक्रम ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर 'तंगलान' डायरेक्टर पा रंजीत के सिनेमा से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिनकी फिल्मों में सिस्टम को जड़ से बदलने की एक थीम हमेशा रहती है. उन्होंने कहा, 'ये एक ऐसी चीज है जो मैं भी अभी समझने की कोशिश कर रहा हूं. हमें क्या करना चाहिए? देश को क्या करने की जरूरत है? क्या हमें बहुत कम उम्र से ही शुरू करना चाहिए? क्या हम बच्चों में ही इन बातों की समझ डेवलप करनी चाहिए? जैसा कि पा रंजीत कहते हैं- पूरा सिस्टम बदल दो और जीरो से शुरू करो. मुझे नहीं पता क्या, मगर कुछ तो किए जाने की जरूरत है.' 

Live TV

Advertisement
Advertisement