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पायल कपाड़िया की All We Imagine As Light बाफ्टा अवॉर्ड से चूकी, इस फ्रेंच-स्पेनिश फिल्म से मिली हार

'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' मुंबई में रहने वाली दो मलयाली नर्सों और उनकी दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है. इस मलयालम-हिंदी मूवी ने पिछले साल मई में कान्स में ग्रैंड प्रिक्स जीता था और यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली फिल्म बनी थी.

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 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' फिल्म का एक दृश्य. (PTI Photo)
'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' फिल्म का एक दृश्य. (PTI Photo)

पायल कपाड़िया के निर्देशन में बनी 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' को सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म का बाफ्टा अवॉर्ड नहीं मिल सका है. समीक्षकों द्वारा सराही गई यह मूवी इस कैटेगरी में फ्रेंच-स्पेनिश ​भाषा की फिल्म 'एमिलिया पेरेज' से पिछड़ गई. लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में रविवार को आयोजित बाफ्टा अवॉर्ड्स समारोह में एमिलिया पेरेज ने सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म का पुरस्कार जीता. 

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'एमिलिया पेरेज' की लीड एक्ट्रेस कार्ला सोफिया गैस्कॉन अपने कुछ पुराने ट्वीट्स को लेकर विवादों ​में घिरी रहीं, जिन्हें इस्लामोफोबिक और नस्लवादी के रूप में देखा गया. फिल्म की सेकंड लीड जो सलदाना ने सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटेगरी में बाफ्टा अवॉर्ड जीता. जैक्स ऑडियार्ड द्वारा निर्देशित फ्रेंच-स्पेनिश फिल्म 'एमिलिया पेरेज' मेक्सिको की चार महिलाओं पर आधारित है, जो अपनी खुशी खुद तलाशती हैं. 

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फिल्म की कहानी कुछ यूं है कि ड्रग्स कार्टेल की मुखिया एमिलिया (कार्ला सोफिया गैस्कॉन) एक मशहूर वकील रीटा (जो सलदाना) को मोटे पैसे पर हायर करती है, जो कोर्ट में उसकी मौत की झूठी कहानी गढ़ सके. दरअसल, एमिलिया खुद को मृत घोषित करवाना चाहती है ताकि वह बिना किसी डर के अपनी बाकी जिंदगी आजाद रहकर जी सके.

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वहीं 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' मुंबई में रहने वाली दो मलयाली नर्सों और उनकी दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है. इस मलयालम-हिंदी मूवी ने पिछले साल मई में कान्स में ग्रैंड प्रिक्स जीता था और यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली फिल्म बनी थी. इस साल की शुरुआत में, 'एमिलिया पेरेज'  ने 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट', 'द गर्ल विद द नीडल', 'आई एम स्टिल हियर', 'द सीड ऑफ द सेक्रेड फिग' और 'वर्मीग्लियो' को पछाड़ते हुए बेस्ट मोशन पिक्चर नॉन-इंग्लिश लैंग्वेज कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड भी जीता था.

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बाफ्टा अवॉर्ड के लिए विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म की कैटेगरी में नॉमिनेटे अन्य फिल्में थीं: 'आई एम स्टिल हियर' (पुर्तगाली), 'नीकैप' (आयरिश/अंग्रेजी), और 'द सीड ऑफ द सेक्रेड फिग' (फारसी). 'नीकैप' के निर्देशक रिच पेपियाट ने बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर की कैटेगरी में बाफ्टा अवॉर्ड जीता. आयरिश फिल्म निर्माता पेपियाट ने ही इस फिल्म की कहानी लिखी है. 'नीकैप' बेलफास्ट के रहने वाले तीन हिप-हॉप आर्टिस्ट की कहानी कहती है. 

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