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तेलुगू सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन कल्याण अब सिर्फ बिग स्क्रीन सुपरस्टार के ही रील में नहीं हैं. अब वो आंध्र प्रदेश की राजनीति के सूत्रधार भी बनने लगे हैं. राज्य के उपमुख्यमंत्री बन चुके पवन ने 2014 में अपनी पार्टी बनाई और एक दशक के मेहनत भरे पॉलिटिकल सफर के बाद आज सत्ता में हैं.
सिनेमा स्टार पवन का, जन आंदोलनों की राजनीति कर सत्ता में आना बिल्कुल किसी फिल्मी कहानी जैसा है. किसी आदमी के पावरफुल बनने पर, रॉकिंग स्टार यश की आइकॉनिक फिल्म 'KGF' में एक बेहतरीन लाइन है- पावरफुल लोग, पावरफुल जगहों से आते हैं. पवन की लाइफ में वो जगह है उनका परिवार.
पावरफुल परिवार से निकला 'पावर स्टार'
पवन कल्याण उस परिवार से आते हैं जो तेलुगू सिनेमा के सबसे मजबूत पिलर्स में से एक है- अल्लू-कोणिडेला परिवार. ये वैसे तो दो अलग-अलग परिवार हैं जिन्हें एक शादी जोड़ती है. मगर रिश्तेदारी और पटीदारी के धागों से जुड़े इस परिवार के सदस्य, आपस में इस तरह का संबंध बनाए रखते हैं कि पावर के मामले में वो एक यूनिट की तरह फंक्शन करते हैं. आइए बताते हैं इस पावरफुल परिवार के बारे में, जिसमें सिनेमा स्टार्स-प्रोद्यूसर्स्की तो भरमार है ही. मगर जनता में इनकी सिनेमाई पावर, राजनीति की दिशा बदलने का भी दम रखती है.
तेलुगू सिनेमा की विरासत देने वाली पहली पीढ़ी
अल्लू-कोणिडेला परिवार की जड़ें एक तरफ पद्म श्री अल्लू रामलिंगैया से शुरू होती है. 1000 से ज्यादा फिल्मों में नजर आए रामलिंगैया, 1950 के दशक से तेलुगू सिनेमा के सबसे पॉपुलर एक्टर्स में से एक रहे. अपनी कॉमेडी के लिए मशहूर रामलिंगैया उस दौर में तेलुगू के बड़े फिल्म प्रोड्यूसर भी थे. रामलिंगैया और उनकी पत्नी कनक रत्नम को चार बच्चे हुए- अरविंद, सुरेखा, वसंत और भारती.
दूसरी पीढ़ी में मिले आइकॉनिक स्टार्स
अल्लू रामलिंगैया के बेटे अल्लू अरविंद इंडस्ट्री के सबसे बड़े प्रोड्यूसर्स में से एक हैं. तेलुगू सिनेमा के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस में से एक गीता आर्ट्स उन्हीं का शुरू किया हुआ है. अरविंद ने पवन कल्याण की 2008 ब्लॉकबस्टर 'जलसा' भी प्रोड्यूस की है. आमिर खान की बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर 'गजिनी' और एस.एस. राजामौली को देशभर में पहली बड़ी पॉपुलैरिटी दिलाने वाली 'मगधीरा' भी, अरविंद की ही प्रोडक्शन हैं.
रामलिंगैया की बेटी और अल्लू अरविंद की बहन सुरेखा, अल्लू-कोणिडेला परिवार का लिंक हैं. सुरेखा की शादी तेलुगू इंडस्ट्री के 'मेगास्टार' चिरंजीवी से हुई है, जो कोणिडेला वेंकट राव के बेटे हैं. सरकारी नौकरी में रहे वेंकट राव ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके बच्चे फिल्मों में जाने वाले हैं. चिरंजीवी ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि वो पुलिस अफसर बनना चाहते थे. मगर चिरंजीवी ने एक्टिंग चुनी और तेलुगू सिनेमा को बड़ी-बड़ी कमाऊ फिल्में देकर आगे ले जाने लगे. वो पॉलिटिक्स में भी आए और पहले सांसद, फिर कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री बने.
चिरंजीवी के पीछे-पीछे इंडस्ट्री में आए उनके मंझले भाई नागेंद्र बाबू उर्फ नागा बाबू. उन्हें एक्टिंग में अपने भाई जितनी कामयाबी तो नहीं मिली, मगर नागा बाबू फिल्म प्रोड्यूसर बन गए. उनकी प्रोड्यूस की हुई फिल्म 'रूद्रवीणा' को 1988 में नेशनल अवॉर्ड मिला था. इस फिल्म में हीरो चिरंजीवी थे.
90s में जब चिरंजीवी स्टारडम के शिखर पर थे, तब तेलुगू इंडस्ट्री में कदम रखा उनके छोटे भाई पवन कल्याण ने. 1996 में जब पवन का डेब्यू हुआ तो लोगों और इंडस्ट्री को यकीन नहीं था कि वो कामयाब हो पाएंगे. तबतक किसी फिल्म स्टार के भाई को बड़ी कामयाबी भी शायद ही मिली थी.
ऊपर से पवन के बड़े भाई तो 'मेगास्टार' चिरंजीवी थे. लेकिन पवन नाम बनाते चले गए और 1999 में उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'थम्मुड़ु' (Thammudu) की ब्लॉकबस्टर सक्सेस ने लोगों की आंखें खोल दी. इंटेंस डायलॉग डिलीवरी और शानदार कॉमिक टाइमिंग के अलावा पवन की एक और बड़ी ताकत थी मार्शल आर्ट्स.
तीसरी पीढ़ी- यंग स्टार्स की भरमार
अल्लू-कोणिडेला परिवार की तीसरी पीढ़ी में फिल्म स्टार्स की भरमार है. अल्लू अरविंद के बेटे अल्लू अर्जुन आज देश के सबसे पॉपुलर पैन इंडिया स्टार्स में से एक हैं. 'पुष्पा' स्टार पॉलिटिक्स में तो नहीं हैं, मगर हाल ही में पवन कल्याण का सपोर्ट करने के लिए लोगों से अपील करते दिखे थे. चिरंजीवी, अर्जुन के फूफा लगते हैं.
अर्जुन के बड़े भाई अल्लू वेंकटेश ने भी फिल्मों में काम किया, मगर वो इतने पॉपुलर नहीं हो सके. जबकि तीनों भाइयों में सबसे छोटे, अल्लू शिरीष भी 2014 से फिल्मों में आ चुके हैं और स्टारडम की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं.
दूसरी तरफ, चिरंजीवी के बेटे, राम चरण तेज को पूरा देश ऑस्कर विनिंग फिल्म 'RRR' से जानता है. तेलुगू इंडस्ट्री के बड़े स्टार राम चरण खुद फिल्म प्रोड्यूसर भी हैं.
नागेंद्र बाबू के बच्चों में वरुण तेज, तेलुगू के उभरते स्टार हैं. वो कुछ महीने पहले रिलीज हुई पैन इंडिया फिल्म 'ऑपरेशन वैलेंटाइन' में लीड रोल निभाते दिखे थे. नागेंद्र बाबू की बेटी निहारिका भी तेलुगू एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर हैं.
चिरंजीवी, नागेंद्र बाबू और पवन की छोटी बहन विजया दुर्गा के दोनों बेटे भी पॉपुलर यंग स्टार्स हैं. लीड हीरो के तौर पर 2015 में डेब्यू करने वाले साईं धरम तेज की पिछले साल रिलीज हुई फिल्म 'विरूपाक्ष' बड़ी हिट रही थी. वो और भी कई हिट्स में नजर आ चुके हैं. उनके छोटे भाई पंजा वैष्णव तेज ने 2021 में डेब्यू किया और स्टारडम के सफर में आगे बढ़ रहे हैं.
अपनी तीसरी पीढ़ी में अल्लू-कोणिडेला परिवार से तेलुगू इंडस्ट्री में आधा दर्जन से ज्यादा नामी स्टार्स और फिल्म प्रोड्यूसर हैं. इस परिवार में जहां चिरंजीवी और पवन कल्याण ने राजनीति में अपना नाम बनाया है, वहीं ये देखना दिलचस्प होगा कि उनकी पॉलिटिकल विरासत को नई पीढ़ी में कौन संभालता है.