28 अगस्त 2020 को एनसीबी की टीम ने कुर्ला से दो लोगों अब्बास लखानी और करण अरोड़ा को 46 ग्राम गांजा रखने के जुर्म में हिरासत में ले लिया था. पूछताछ के दौरान अब्बास ने बताया कि उसने ये गांजा पवई के करण अरोड़ा से खरीदी है. इसके बाद ही करण को भी गिरफ्तार किया गया था.
दोनों ने एनसीबी के सामने जैद विलात्रा का नाम लिया. जहां एनसीबी ने छानबीन की तो 9 लाख 55 हजार 750 रुपए जब्त किए गए. इसके अलावा 281 डॉलर, 180 पाउंड और 15 दिरहन भी मिले. जैद ने कुबूल किया कि उसे ये पैसे लोगों को गांजा बेच कर मिला है.
इसके बाद जैद ने अबदल बासित परिहार के नाम से पर्दा हटाया. उसने बताया कि बासित ही शोविक चक्रवर्ती के कहने पर इन सब चीजों की खरीदारी करता है. बाद में जब एनसीबी ने बासित ने पूछताछ की तो उसने सैमुअल मिरांडा और शोविक से संपर्क होने का खुलासा किया. बासित हाई प्रोफाइल पर्सनालिटीज के ड्रग्स कनेक्शन का एक्टिव मेंबर है. बासित के बयान के आधार पर शोविक को गिरफ्तार किया गया.
शनिवार को एस्पालेड कोर्ट ने इस मामले पर ड्रग पेडलर कैजान इब्राहिम, शोविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा पर फैसला सुनाया है. शोविक, सैमुएल मिरांडा अभी 4 दिन की एनसीबी रिमांड पर हैं जबकि तीसरे अभियुक्त कैजान इब्राहिम को एस्पालेड कोर्ट से जमानत मिल गई है. कोर्ट द्वारा कैजान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने के फैसला सुनाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत दे दी गई. एनसीबी मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है.