एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मर्डर मिस्ट्री पर एम्स की रिपोर्ट पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने कल सीबीआई को चिट्ठी लिखी थी. खबर ऐसी भी थी कि सुशांत के परिजन सीबीआई मुख्यालय जा रहे हैं. सुशांत के बहनोई ओपी सिंह, जो आईपीएस अधिकारी भी हैं, सीबीआई मुख्यालय पहुंचने वाले थे. वह वकील विकास सिंह की चिट्ठी के पहलुओं पर बात करने वाले थे. लेकिन अब अब पता चला है कि ओपी सिंह सीबीआई मुख्यालय नहीं जाने वाले हैं. ओपी सिंह के दफ्तर में एक शख्स कोरोना पॉजिटिव निकला है, ऐसे में अब वे फोन के जरिए ही सीबीआई अधिकारियों से बातचीत करेंगे. वकील विकास सिंह ने भी इसकी पुष्टि कर दी है.
सीबीआई मुख्यालय जा रहे ओपी सिंह
बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान विकास सिंह ने AIIMS की रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए थे. उन्होंने दावा किया था कि सुधीर गुप्ता ने उन्हें कहा था कि सुशांत की 200 प्रतिशत गला दबाकर हत्या की गई थी. विकास सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया था कि जो रिपोर्ट सुशांत के परिवार को अभी तक नहीं दी गई है उसे मीडिया में लीक कैसे कर दिया गया. उन्होंने AIIMS के उस रवैये पर आपत्ति जताई थी. वहीं उसी बातचीत में विकास सिंह ने बताया था कि जरूरत पड़ी तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा फिर खटखटा सकते हैं.
चिट्ठी में क्या लिखा?
वहीं जिस चिट्ठी को लेकर ओपी सिंह सीबीआई अधिकारियों से बात करने वाले हैं, उस चिट्ठी के जरिए यही अपील की गई है कि एक नई फॉरेंसिक टीम का गठन होना चाहिए. AIIMS की रिपोर्ट को लेकर जारी बवाल के बीच, सुशांत के परिवार की तरफ से ये मांग की गई है. विकास सिंह ने सवाल खड़े किए हैं कि बिना पर्याप्त विसरा के AIIMS की टीम किसी नतीजे पर कैसे पहुंच गई. वहीं इस समय सुशांत के परिवार को एक्टर की सुसाइड थ्योरी भी काफी अखर रही है. उनकी नजरों में लगातार इस मामले को एक सुसाइड केस बताना गलत है. विकास सिंह के मुताबिक इस बात की जांच होनी चाहिए कि रिया चक्रवर्ती उन्हें ड्रग्स देती थीं या नहीं. ये भी स्पष्ट होना चाहिए कि सुशांत को जबरदस्ती ड्रग्स दिए जा रहे थे या फिर वे अपनी मर्जी से ले रहे थे. वकील की माने तो केस का ये पहलू इस समय काफी अहम है.