इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ कोलम में हो रहा है. दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव में कई राजनेता, प्रसिद्ध कलाकार साउथ इंडिया से हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम के सत्र 'द न्यू ट्यून: सिंगिंग ए फ्रेश सॉन्ग' में सिंगर और कंपोजर विजय येसुदास ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में येसुदास ने म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने सफर से लेकर सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर बात की. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर को लेकर भी इस कार्यक्रम के दौरान बात की.
करियर की चुनौतियों पर क्या बोले विजय येसुदास
सत्र के दौरान विजय येसुदास से सवाल पूछा गया कि उनके लिए पिता की छाया से अलग हटकर खुद की पहचान बनाना कितना मुश्किल है. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जब आपके पिता महान सिंगर हों तो अपनी अलग पहचान बनाना बहुत मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि सबको लगता है कि अगर आपके मां-बाप किसी भी इंडस्ट्री में बहुत सफल हैं तो चीजें आसान होती हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर आपके माता-पिता का इंडस्ट्री में नाम हो तो करियर की शुरुआत में परिचय और रास्ता बनाना आसान होता है, लेकिन जब आपके पिता एक महान गायक हों तो उनके लिए भी ये मुश्किल होता है कि वो किसी से कहें कि उनके बेटे को मौका दें.
एक्टिंग में पहचान बनाने पर क्या बोले?
फिल्मों में एक्टिंग के जरिए अपनी पहचान बनाने पर विजय बोले कि तमिलनाडु और केरल के बाहर की जगहों पर उन्हें उनकी एक्टिंग के लिए पहचाना जाता है. उन्होंने कहा कि उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग पिछले 6-7 साल से की है. वहीं, म्यूजिक इंडस्ट्री से वो पिछले 23 साल से जुड़े हैं. ये एक तरह से बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको आपकी सिंगिंग से ज्यादा एक्टिंग के लिए पहचाना जाता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि वो भी फन मूमेंट होते हैं जहां आपको आपकी फिल्म से पहचाना जाता है.
ए आर रहमान से मुलाकात का सुनाया किस्सा
अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत के बारे में बताते हुए विजय ने संगीतकार, गीतकार तथा गायक इलैयाराजा और ए आर रहमान का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने गानों की सीडी ए आर रहमान को दी थीं. उन्होंने बताया कि ए आर रहमान ने उनसे सीडी लेने के बाद पूछा था कि वो म्यूजिक इंडस्ट्री में क्या करना चाहते हैं. इसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ये सवाल अभी भी मेरे साथ है, और मुझे नहीं लगता है कि जो मैं करना चाहता था, वो मैनें किया है.
आज के म्यूजिक पर क्या बोले विजय येसुदास
इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "अपना खुद का संगीत बनाना एक मुश्किल काम है. लोगों को अपने संगीत तक पहुंचाना कठिन है, क्योंकि आज टिक टोक जैसे कई प्लेटफॉर्म हैं." उन्होंने आगे कहा कि पहले लोगों के पास म्यूजिक सुनने का समय होता था. आज के वक्त में लोगों को पता ही नहीं होता है कौन सा गाना किस गायक ने गाया है.
पोंनियिन सेलवन में रोल मिलने पर क्या बोले विजय?
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में गायक और संगीतकार विजय येसुदास ने पोंनियिन सेलवन-I का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को साझा किया. उन्होंने बताया कि फिल्म में काम करना बहुत ही अच्छा अनुभव था. उन्होंने बताया कि फिल्म में एक्टिंग के लिए अपना सिर शेव करना पड़ा था. उन्होंने कहा कि मणिरत्नम सर के साथ काम करना बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस था. पोंनियिन सेलवन-I में खुद के सीन कट होने पर उन्होंने कहा कि फिल्म में सीन काटना डायरेक्टर के हाथ में होता है. उसके लिए किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.