श्वेता तिवारी और अभिनव कोहली के रिश्ते उलझते ही जा रहे हैं. ये सब तब शुरू हुआ जब श्वेता ने अपने सीरियल मेरे डैड की मारुती के एक्टर फहमान खान के साथ एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में मास्क लगाए श्वेता, फहमान के साथ थीं. ये फोटोज श्वेता के पति अभिनव कोहली ने सोशल मीडिया पर शेयर की.
फोटो और वीडियो के स्क्रीनशॉट शेयर करने के बाद अभिनव ने फैन्स और यूजर्स से खूब खरी खोटी भी सुनी. लेकिन अब अभिनव कोहली अपने साइड का सच लोगों को बताने में लगे हुए हैं. ये सब पिछले साल हुए विवाद के बारे में है जब खबरें आई थीं कि श्वेता और उनकी बेटी पलक ने पुलिस में अभिनव के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज की है.
अभिनव कोहली पिछले कुछ दिनों से श्वेता से जुड़ी कई चीजें पोस्ट कर चुके हैं. उन्होंने श्वेता की फोटो शेयर कर लिखा था कि उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई. तो वहीं बेटी पलक पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पलक की पुरानी पोस्ट के स्क्रीनशॉट डालकर उनसे पूछा कि घरेलू हिंसा के बारे में लिखी पोस्ट आखिर पलक ने क्यों डिलीट कर दी है.
इसके बाद अब अभिनव कोहली ने एक नई पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में उन्होंने श्वेता तिवारी से हुई अपनी व्हाट्सएप चैट को दिखाया है. उन्होंने लिखा, '12 अप्रैल 2020 की ये हमारी बातचीत है. लोवु हम पलक तिवारी को कहते हैं. मैं विक्टिम कार्ड का विक्टिम हूं.'
अभिनव कोहली के इन पोस्ट्स के जवाब में अब श्वेता तिवारी ने भी एक पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने एक किताब के पन्ने का फोटो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया. इसमें श्वेता ने एक पैराग्राफ की कुछ पंक्तियां हाइलाइट की थी जिसका मतलब था- जो लोग सबसे ज्यादा मायने रखते हैं उन्हें सच का पता होता है, मुझे दूसरों की परवाह नहीं है. जाओ थोड़ा आराम कर लो'. उन्होंने इशारे में ही यह बता दिया है कि उनके लिए जो मायने रखते हैं उन्हें श्वेता के सच का पता है, बाकी लोग क्या सोचते हैं इसकी उन्हें फिक्र नहीं है.
बता दें कि टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने अपने पति अभिनव कोहली के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी. श्वेता ने अभिनव पर घरेलू उत्पीड़न के आरोप लगाए. अभिनव पर आरोप था कि वे श्वेता और उनकी बेटी पलक को पीटते हैं.
पलक ने इंस्टाग्रम पर पोस्ट कर इस बारे में लिखा भी था. उन्होंने लिखा- मीडिया के पास पुख्ता तथ्य नहीं है और कभी होंगे भी नहीं. मेरी मां नहीं बल्कि मैं पलक तिवारी कई मौकों पर घरेलू दुर्व्यवहार का शिकार रही हूं, जिस दिन शिकायत दर्ज की गई यदि उस दिन को छोड़ दें तो उसने मेरी मां को नहीं मारा.'