अमिताभ बच्चन ने कहा कि वे भी स्कूल और कालेज में रैगिंग का शिकार हुए थें. उस समय ऐसी कोई फिल्म नहीं थी लेकिन रैगिंग होते थे.
छात्रों को आत्महत्या और रैगिंग के लिए प्रेरित करने के आरोपों का सामना कर रही आमिर खान की फिल्म ‘थ्री ईडियट्स’ के बचाव में अमिताभ बच्चन खुलकर आ गये हैं. बच्चन ने इस बात को खारिज किया कि फिल्में समाज में हिंसा के लिए प्रेरित करती हैं.
उन्होंने सवाल उठाया, ‘‘आधुनिक इतिहास में हिंसा की सबसे बड़ी घटना विभाजन थी. मुझे कोई बताये कि किस फिल्म से प्रेरित होकर यह घटित हुआ.’’ अमिताभ ने कहा कि छात्रों द्वारा आत्महत्या की हाल की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं लेकिन ऐसा पहली बार नहीं कि कोई आत्महत्या हुई है.
बॉक्स आफिस पर 315 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी राजकुमार हीरानी निर्देशित फिल्म मुंबई तथा पड़ोस के ठाणे जिले में आत्महत्या के मामलों के कारण आलोचना की शिकार हुई थी.
बच्चन ने कहा, ‘‘मैं 67 वर्ष का हूं. मैंने भी स्कूल में और कालेज में रैगिंग का सामना किया है जो 45 वर्ष से भी अधिक पुरानी बात है. इस विषय पर उस समय कोई फिल्म नहीं बनी इसका अर्थ यह नहीं कि उस समय शैक्षिक संस्थाओं में रैगिंग नहीं होती थी. एक फिल्म समाज में होने वाली घटनाओं का आईना होती है.’’