आज राजधानी में 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिए जाएंगे. इस सम्मान को पाने वालों में अक्षय कुमार भी हैं. उनको 'रुस्तम' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया है.
अपनी इस खुशी को जाहिर करने के लिए अक्षय कुमार अवॉर्ड समारोह से पहले फेसबुक लाइव के जरिए अपने फैन्स से जुड़े. उन्होंने अपने इस वीडियो को #DirectDilSe के तहत शेयर किया और मिलने वाले सम्मान के प्रति सभी का आभार व्यक्त किया.
जब फेल हो गए थे अक्षय कुमार
अक्षय ने बताया कि हाल ही में एक खबर ने उनको बुरी
तरह हिलाकर रख दिया था. उन्होंने पढ़ा था कि IIT के एक स्टूडेंट ने पढ़ाई
के दबाव में आकर खुदकुशी कर ली. इसी के साथ अक्षय कुमार ने अपने पुराने
दिनों को भी याद किया. अपना
वक्त याद करते हुए अक्षय ने शेयर किया कि एग्जाम में उनके नंबर भी कम आए थे
और वह फेल हो गए थे.
तब उनके पिता ने उनसे पूछा था कि वह करना क्या चाहते हैं? इस पर अक्षय ने बताया कि उनकी रुचि स्पोर्ट्स में हैं तो उनके पापा ने उनसे कहा कि वह खेलें लेकिन साथ ही थोड़ा ध्यान पढ़ाई पर भी जरूर दें.
जान मार्क्स शीट से सस्ती नहीं है
अक्षय ने करीब 5 मिनट के इस वीडियो में बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक करीब 8 लाख लोग दुनिया भर में आत्महत्या कर
लेते हैं और इनमें से करीब डेढ़ लाख मामले सिर्फ भारत में हैं. इसकी बड़ी वजह है पढ़ाई और रिश्तों के टूटने का स्ट्रेस. अक्षय
ने वीडियो में एकदम सटीक सवाल उठाया है कि क्या जान मार्क्स शीट से सस्ती है और क्यों ऐसा कदम उठाने वाले कभी
अपने मां-बाप के बारे में नहीं सोचते.
जान देनी है तो सरहद पर चले जाओ
सीमा पर तैनात जवानों से सीख लेने की बात के साथ अक्षय कुमार ने खुदकुशी करने वालों को समझाया कि अगर मरना है तो
सरहद पर चले जाओ. अक्षय ने बोला कि जैसे हर ताले की चाबी होती है, उसी तरह हर समस्या का उपाय है. खुदकुशी करने
से कोई समस्या नहीं सुलझती.
साथ ही उन्होंने बड़ों से बच्चों को वक्त देने की बात कही. अक्षय ने कहा कि अगर स्ट्रेस या डिप्रेशन है तो डॉक्टर से बात करनी चाहिए. बातचीत करने से ही मसले सुलझते हैं.