संगीतकार एआर रहमान को दुनिया आज एक बेहद सफल व्यक्ति के रूप में जानती है. वे ग्लोबल सेलेब्रिटी हैं. लेकिन रहमान के जीवन में एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें अपना जीवन समाप्त करने के ख्याल आते थे. वे आत्महत्या की सोचते थे. उन्होंने इसका कारण भी जाहिर किया है.
एआर रहमान एक समय पर खुद को असफल मानते थे और लगभग हर दिन खुदकुशी के बारे में सोचा करते थे. ऑस्कर विजेता संगीतकार ने कहा कि उनके करियर के शुरुआती दिनों में बुरे दौर ने उन्हें मजबूत बनाने में मदद की.
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रहमान ‘नोट्स ऑफ ए ड्रीम : द ऑथराइज्ड बॉयोग्राफी ऑफ ए आर रहमान' में अपने मुश्किल दिनों और अन्य घटनाओं के बारे में बात की. इस किताब को कृष्ण त्रिलोक ने लिखा है. पुस्तक का विमोचन शनिवार को मुंबई में किया गया.
रहमान ने कहा, "25 साल तक, मैं खुदकुशी करने के बारे में सोचता था. हम में से ज्यादातर महसूस करते हैं कि यह अच्छा नहीं है. क्योंकि मेरे पिता की मौत हो गई थी तो एक तरह का खालीपन था... कई सारी चीजें हो रही थीं. मैं बहुत अधिक फिल्में नहीं कर रहा था. मुझे 35 मिलीं और मैंने सिर्फ 2 कीं."
उन्होंने आगे कहा, (लेकिन) इन सब चीजों ने मुझे और अधिक निडर बना दिया. मौत निश्चित है. जो भी चीज बनी है उसके इस्तेमाल की अंतिम तिथि निर्धारित है तो किसी चीज से क्या डरना."