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Breathe Into the Shadows Review: जबरदस्त है अभ‍िषेक का मिस्ट्री ड्रामा, आख‍िर तक बांधकर रखेगी सीरीज

अभिषेक बच्चन की डेब्यू सीरीज ब्रेड इंटू द शैडोज रिलीज हो चुकी है. अमित साध और नित्या मेनन के साथ अभिषेक बच्चन ने इस सीरीज में काम किया है. आइए बताते हैं कैसी है ये वेब सीरीज हमारे रिव्यू में.

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अभिषेक बच्चन
अभिषेक बच्चन
फिल्म:Mayank Sharma
3/5
  • कलाकार :
  • निर्देशक :Breathe: Into the Shadows

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अभिषेक बच्चन के डिजिटल डेब्यू के चर्चे तब से हो रहे हैं जब से ब्रीद 2 बनाने का ऐलान किया गया है. ब्रीद 2 जिसका नाम ब्रीद इंटू द शैडोज रखा गया है, 10 जुलाई से अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो गई है. ये अविनाश सभरवाल (अभिषेक बच्चन) नाम के एक साइकायट्रिस्ट और उसके परिवार की कहानी है. अविनाश सभरवाल दिल्ली में अपनी पत्नी आभा (नित्या मेनन) और 6 साल की बेटी सिया (इवाना कौर) के साथ रहते हैं. एक दिन अचानक सिया गायब हो जाती है और तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस उसका कोई पता नहीं लगा पाती.

ब्रीद सीजन 1 के इंस्पेक्टर कबीर सावंत (अमित साध) इस बार मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हो गए हैं. सिया के अचानक गायब होने के काफी लंबे समय बाद अविनाश और आभा को पता चलता है कि वो जिन्दा है और उसे किडनैप किया गया है. किडनैपर से उन्हें लेटर मिलता है और वो अविनाश को अपनी बच्ची को बचाने के लिए मर्डर करने को कहता है. पहला मर्डर होने के बाद ये केस कबीर को मिलता है और वो अपने राईट हैंड सब-इंस्पेक्टर प्रकाश के साथ मिलकर इसे सुलझाने में लग जाता है.

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यहां बहुत सारे सवाल खड़े होते हैं. जैसे क्या सही में अविनाश ने ही खून किए हैं? किडनैपर कौन है और वो लोगों को मारने के लिए क्यों बोल रहा है? और सबसे बड़ी बात कि इन सबका अविनाश और उसके परिवार से क्या कनेक्शन है? क्या कबीर सावंत इस मिस्ट्री को सुलझा पाएंगे?

ब्रीद इंटू द शैडोज की कहानी जितनी सिंपल लगती है उतनी है नहीं. इस सीरीज में कई ऐसे बड़े ट्विस्ट एंड टर्न्स हैं, जो आपका दिमाग घुमा सकते हैं. सीरीज की शुरुआत भले ही मिस्ट्री क्राइम थ्रिलर के रूप में होती है लेकिन आगे चलकर ये एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर का रूप ले लेती है, जो कि काफी बढ़िया है.

परफॉरमेंस

ब्रीद 2 के लीड हीरो हैं अविनाश सभरवाल यानी अभिषेक बच्चन. अविनाश एक साधारण इंसान है और पेशे से साइकायट्रिस्ट है और अपने काम में बहुत अच्छा भी है. अविनाश नैनीताल में पला-बढ़ा है और उसकी जिंदगी बहुत आसान नहीं रही है. उसने बचपन में ही अपने मां-बाप को खो दिया था और उसके बाद बोर्डिंग स्कूल में ही उसकी परवरिश हुई. अब अविनाश दिल्ली में पत्नी आभा सभरवाल (नित्या मेनन) और बेटी सिया (इवाना कौर) के साथ रहता है.

अविनाश के किरदार को अभिषेक बच्चन ने काफी अच्छे से निभाया है. एक पिता जो अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है, उसके लिए और उसकी सलामती के लिए कुछ भी कर सकता है और एक साइकायट्रिस्ट जो लोगों के दिमाग के साथ खेलना जानता है. अभिषेक का किरदार जितना सुलझा हुआ लगता है उतना है नहीं और यही उसकी खासियत है. इसी काम को उन्होंने बखूबी किया भी है. एक साधारण-से मगर उलझे हुए इंसान के किरदार में अभिषेक काफी अच्छे लगे.

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अविनाश की पत्नी आभा के किरदार में नित्या मेनन ने काफी बढ़िया काम किया है. एक डरी हुई मां और पत्नी जो बस अपनी बेटी को बचाना चाहती है, लेकिन हर कदम पर अपने डिसिजन पर सवाल भी कर रही है. हालांकि फिर भी हार नहीं मान रही. नित्या इस पूरी वेब सीरीज में बहुत खूबसूरत लगी हैं और उनका काम भी उतना ही कमाल है.

अमित साध ब्रीद इंटू द शैडोज में अपने पुराने किरदार के साथ वापस लौटे हैं लेकिन कहना होगा कि इस बार उनका काम पहले से भी अच्छा है. इस बार कबीर सावंत का किरदार थोड़ा और बेहतर है और अमित ने उसमें बहुत सलीके से जान डाली है. साथ ही वे काफी हैंडसम भी लग रहे हैं. मतलब सीजन 1 का दारुबाज, गुस्सैल पुलिसवाला सीजन 2 में इतना हंकी और क्यूट हो गया है. हंसता भी है और अच्छा भी लगता है. गुस्सैल अभी भी है लेकिन कोई बात नहीं वो देखा जाएगा. एक्ट्रेस प्लाबिता बोर्थाकुर के साथ उनकी जोड़ी काफी फ्रेश है और दोनों की केमिस्ट्री बहुत क्यूट लगती है.

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Every sin has a punishment and every story has a past! #BreatheIntoTheShadows Trailer Out, July 1 @primevideoin @breatheamazon @bachchan @nithyamenen @plabita.manu @hrishikesh0304 @saiyami @ivikramix @mayankvsharma @abundantiaent @bhavani.iyer @vikramtuli @bharathwaajsubbu

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इन तीन मेन लीड किरदार के अलावा एक्टर इवाना कौर, सैयामी खेर, ऋषिकेश जोशी, श्रीकांत वर्मा, रेशम श्रीवर्धन, निजलगल रवि, श्रुति बापना, प्लाबिता बोर्थाकुर, वारिन रूपानी संग अन्य कई एक्टर्स ने सपोर्टिंग रोल्स निभाए हैं और कमाल किया है. परफॉरमेंस के मामले में ये सीरीज काफी बढ़िया साबित हुई है.

डायरेक्शन

ब्रीद इंटू द शैडोज का निर्देशन मयंक शर्मा ने किया है. इस कहानी उन्होंने लिखा भी है. उनके साथ भवानी अय्यर, अरशद सयेद और विक्रम तुली ने इस कहानी को लिखा है. सीरीज की सबसे दिलचस्प बात है और इसकी कहानी और फिर आता है डायरेक्शन. मयंक शर्मा एक फ्रेश कहानी दर्शकों के लिए लेकर आए हैं. जो हो सकता है आपने पहले सुनी हो लेकिन जिस तरह से उसे परोसा गया है और तारीफ के लायक है.

इस सीरीज की शुरुआत भले ही ढीली होती है लेकिन कहानी में पहला ट्विस्ट आने के बाद ये आपको अपने साथ ऐसे जोड़ती है कि आप अंत तक अपनी जगह से नहीं हिलते. कहानी के अंत तक पहुंचते-पहुंचते आपकी धड़कने भी तेज होने लगती हैं, जो कि इस बात की निशानी है कि इसे कितने बढ़िया ढंग से बनाया गया है. मयंक आपको इस सीरीज के जरिए समय-समय पर झटके देते हैं, जिससे आपकी दिलचस्पी इसमें और ज्यादा बढ़ती जाती है. इसका बैकग्राउंड म्यूजिक अच्छा है और सिनेमेटोग्राफी भी काफी बेहतरीन की गई है.

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Every second matters. Every breath counts. They will do whatever it takes to find Siya. #BreatheIntoTheShadows Trailer Out, July 1 @primevideoin @breatheamazon @nithyamenen @bachchan @plabita.manu @hrishikesh0304 @saiyami @ivikramix @mayankvsharma @abundantiaent @bhavani.iyer @vikramtuli @bharathwaajsubbu

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डायरेक्शन और परफॉरमेंस अच्छी है, इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि इस सीरीज में कोई कमी नहीं है. सीरीज की शुरुआत में आपको ब्रीद इंटू द शैडोज काफी ढीली लगेगी. हो सकता है कि इसमें आपका इंटरेस्ट शुरुआत के कुछ एपिसोड्स देखने के बाद बने. लेकिन बोरिंग एपिसोड्स भी इस सीरीज का अहम हिस्सा हैं.

ब्रीद 2 में बहुत-सी घिसी पिटी बातें भी हैं, जैसे कहानी में रावण का जिक्र. उसके किरदार को रावण से जोड़ना, जिसे देखकर आपको हंसी आती है. इसके अलावा ये वेब सीरीज बहुत सी जगह धीमी भी पड़ती है. एक समय ऐसा भी आता है जब डायरेक्टर मयंक इस सीरीज को सिर्फ क्राइम ड्रामा के तौर पर आगे बढ़ाते हैं और फैमिली को कहीं छोड़ देते है. लेकिन एक्टर्स अपने इमोशन्स के साथ आपको बांधे रखने में कामयाब जरूर होते हैं. कहानी जिस तरह से परत-दर-परत खुलती जाती है तो आप उसके बारे में थोड़ा और, थोड़ा और जाने के लिए आतुर होते जाते हो. तो कुल-मिलाकर आपको ब्रीद इंटू द शैडोज एक बार तो देख ही लेनी चाहिए.

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