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प्रसून जोशी करते थे किसी कंपनी में काम, लज्जा से मिली बॉलीवुड में एंट्री

गीतकार प्रसून जोशी को सेंसर बोर्ड का नया चीफ बनाया गया है. जानें, उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ बातें...

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प्रसून जोशी
प्रसून जोशी

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गीतकार प्रसून जोशी को सेंसर बोर्ड का नया चीफ बनाया गया है. उन्हें मोदी सरकार का करीबी माना जाता है.  गीतकार के अलावा वो मशहूर ऐडमैन रह चुके हैं.

बता दें कि प्रसून McCann World के सीईओ भी हैं. McCann World ने मेक इन इंडिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी कैंपेन और जिंगल्स को डिजाइन किया है.

प्रसून का जन्म 1971 में हुआ था. उनके पिता पीसीएस अधिकारी थे. उनके माता-पिता को म्यूजिक में बहुत रुचि थी. 17 साल की उम्र में प्रसून ने लिखना शुरू कर दिया था. उन्होंने पहले एमबीए की पढ़ाई की फिर एक कंपनी से जुड़ गए. वहां उन्होंने दस साल काम किया.

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राजकुमार संतोषी की फिल्म 'लज्जा' ने उन्हें फिल्मों में एंट्री दिलवा दी. उसके बाद से वो लगातार फिल्मों से जुड़े हैं. उन्होंने 'मौला', 'कैसे मुझे तू मिल गई', 'तू बिन बताए', 'खलबली है खलबली', 'सांसों को सांसों' में जैसे मशहूर गाने लिखे हैं.

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प्रसून को 'तारे जमीं पर' के गाने 'अंधेरे से डरता हूं' और 'चिटगॉन्ग' के बोलो ना के गाने के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है. 2015 में आर्ट्स, लिटरेचर और एडवर्टाइजिंग में योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था.

 

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