1990 और 2000 के दशक में बॉलीवुड में कई सफल फिल्मों में मुख्य भूमिकायें निभाने वाली काजोल इस बात से खुश हैं कि उन्होंने अपने करियर से ज्यादा निजी जिंदगी को प्राथमिकता दी है.
दो बच्चों की मां काजोल का कहना है कि वे एक सख्त मां हैं और जब भी वे अपने बच्चों को डांटती हैं तो उनके पति और बॉलीवुड स्टार अजय देवगन को यह बिल्कुल पसंद नहीं आता.
काजोल ने कहा, ‘हम दोनों में से मैं ज्यादा सख्त हूं. जब भी मैं अजय की उपस्थिति में बच्चों को डांटती हूं तो अजय को अच्छा नहीं लगता. मुझे सख्त होना ही पड़ता है क्योंकि ज्यादातर समय मैं बच्चों के साथ घर पर होती हूं. जब अजय हमारे साथ होते हैं तब खेलने में ही वक्त बीतता है.’ शादी के बाद इस 38 वर्षीय अभिनेत्री ने अपने काम से किनारा कर लिया जबकि इससे पूर्व उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ फिल्में कीं और अपने काम से उन्होंने लोगों की प्रशंसा भी जीती थी.
शादी के बाद उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘फना’, ‘यू मी और हम’ (2008), ‘माई नेम इज खान’ (2010), ‘वी आर फैमिली’ (2010) थी.
काजोल ‘कल हो न हो’, ‘कभी अलविदा ना कहना’, ‘ओम शांति ओम’, ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ जैसी कई फिल्मों मैं अतिथि भूमिका में भी दिखीं.
उन्होंने कहा, ‘जब मेरी शादी हुई और बच्चे हुए तब मुझे मेरे बच्चों को समय देना था. इसलिए मैंने काम से किनारा किया. करियर की जगह मेरी निजी जिंदगी प्राथमिकता बन गई और इससे मैं बहुत खुश हूं.’
फिल्मी प्रस्ताव के अलावा काजोल की मांग कई ब्रैंड के बीच बनी हुई है. टीवी के कई विज्ञापनों में वे दिखती रहती हैं. वे किंबरले-क्लार्क लीवर की ब्रांड एंबेसडर हैं.