जहां एक ओर जल्लीकट्टू में दो सांडों की मौत हो गई, वहीं कमल हासन इसके आयोजन के सपोर्ट में जोरदार तरीके से उतर आए हैं. उन्होंने जल्लीकट्टू बैन कराने की मांग कर रहे PETA कार्यकर्ताओं पर शब्दों से तीखा प्रहार किया है.
कमल हासन की मानें तो ये खेल तमिलनाडु की जनता की भावनाओं की जुड़ा है और इसी मांग को लेकर लोग सड़क पर हैं. तमिलनाडु की सड़कों पर जो हिंसा की घटनाएं हो रही हैं उसको लेकर कमल हासन का कहना है कि जनता की आड़ में इस परंपरा के खिलाफ माहौल पैदा किया जा रहा है. इसके लिए बकायदा कमल हासन ने टि्वटर पर एक वीडियो टैग किया है जिसमें पुलिसवाले एक वाहन में आग लगाते हुए नजर आ रहे हैं.
What is this. Please explain some one pic.twitter.com/MMpFXHSOVk
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) January 23, 2017
अपने एक ट्वीट में कमल हासन ने लिखा है- PETA को सबसे पहले अमेरिका में बुल राइडिंग बंद करवानी चाहिए. वो हमारे यहां की परंपराओं को नहीं समझते और उनको ये जान लेना चाहिए कि शाही परिवार को देश से खदेड़ दिया गया है.
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इससे पहले भी इंडिया टुडे के साउथ कॉन्क्लेव में भी कमल हासन ने जल्लीकट्टू को अपना समर्थन दिया था. उनका कहना था कि जो लोग जल्लीकट्टू का विरोध कर रहे हैं, सबसे पहले उनको बिरयानी खाना छोड़ देना चाहिए.
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कमल ने कहा था- मैं उन गिने-चुने अभिनेताओं में से हूं जिन्होंने जल्लीकट्टू खेला है. मुझे तमिल होने पर गर्व है और यह हमारी परंपरा है.
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वहीं कमल ने यह भी कहा कि लोगों को जल्लीकट्टू को की तुलना स्पेन में होने वाले बुल फाइट के आयोजन से नहीं करनी चाहिए. कमल हासन ने जल्लीकट्टू के सपोर्ट में कहा कि स्पेन की बुल फाइट में जानवरों को चोट पहुंचती है जबकि जल्लीकट्टू में सांडों को परिवार का हिस्सा मानकर देवताओं की तरह पूजा जाता है.