लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज चुका है. रविवार को चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया, लेकिन चुनाव की तारीखों को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर भी बहस हो रही है. रमजान के दौरान वोटिंग को लेकर सभी अपनी- अपनी राय रख रहे हैं. कुछ लोग इसे धार्मिक जामा भी पहना रहे हैं कि रमजान में तारीखों का ऐलान जान बूझकर किया गया है.
कुछ लोग निर्वाचन आयोग से रमजान में चुनाव की तारीखों को बदलवाने की मांग भी कर रहे हैं. इस तरह की बहस को लेकर गीतकार-लेखक जावेद अख्तर काफी नाराज हैं. उन्होंने एक ट्वीट कर अपना गुस्सा निकाला. जावेद ने लिखा, "रमजान और चुनाव के बारे में हो रही बहस घिनौनी है. चुनाव को रमजान से जोड़ना ठीक नहीं है. ये धर्मनिरपेक्षता का एक विकृत संस्करण है, जो मेरे लिए असहनीय है. चुनाव आयोग को इस पर विचार नहीं करना चाहिए."
बताते चलें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) और ऑल इंडिया मुस्लिम वुमन पर्सनल लॉ बोर्ड ने लोकसभा चुनाव की तारीखों पर आपत्ति जताई है. चुनाव आयोग से तारीखें बदलने पर विचार करने की मांग भी की है.
बता दें कि मई महीने में आखिरी तीन चरण के लिए होने वाले चुनाव रमजान के दौरान ही होंगे.
I find this whole discussion about Ramzan and elections totally disgusting . This is the kind of distorted and convoluted version of secularism that to me is repulsive , revolting and intolerable . EC shouldn’t consider it for a second .
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) March 11, 2019
Kranchi art council had invited. Shabana and me for a two day lit conference about Kaifi Azmi and his poetry . We have cancelled that . In 1965 during the indo Pak war Kaifi saheb had written a poem . “ AUR PHIR KRISHAN NE ARJUN SE KAHA “
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 15, 2019
I have a special relation with CRPF. I have written Their anthem Before putting the pen to paper I met a number of CRPF officers n what ever I learned my respect admiration and love for these braves increased by many a fold Today I share the grief of the dear ones of the martyrs
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 14, 2019
जावेद अख्तर सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहते हैं. वो हमेशा से ही हर मुद्दे पर अपनी राय रखते आए हैं. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी घटना पर भी जावेद ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था, "अब ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के साथ संबंध रखना मुमकिन नहीं है. ये सब बर्दाश्त से बाहर है. अब हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान से किसी तरह की बात नहीं की जा सकती."
पुलवामा की घटना के बाद जावेद अख्तर ने कराची आर्ट फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पत्नी शबाना आजमी के साथ पाकिस्तान का अपना दौरा भी रद्द कर दिया था. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में आरोप यह भी लगे कि स्वाइन फ्लू में परेशानी की वजह से शबाना पाकिस्तान नहीं जा सकती थीं, इसलिए पुलवामा का बहाना बना लिया.